करवाचौथ व्रत तिथि पूजा मुहूर्त 2019 Karwa Chauth Vrat 2019

करवा चौथ व्रत पूजा-विधि नियम Karwa Chauth Date Time 2019

Karwa Chauth Karwa Chauth शास्त्रों के अनुसार यूँ तो हर महीने कोई न कोई उपवास, पर्व और त्यौहार आते ही है लेकिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाए वाला उपवास जिसे करवाचौथ व्रत के नाम से जाना जाता है सुहागिन महिलाओं के लिये बहुत ही ख़ास होता है. मान्यता है की यदि इस दिन सुहागिन स्त्रियां व्रत रखें तो उन्हें पति की दीर्घायु और सुखद गृहस्थ जीवन का वरदान मिलता है. आज हम आपको साल 2019 करवाचौथ व्रततिथि शुभ मुहूर्त और इस दिन की जाने वाली संपूर्ण पूजा विधि के बारे में बताएँगे.

करवाचौथ व्रत शुभ मुहूर्त 2019 Karwa Chauth Vrat Tithi Shubh Muhurt 2019

  1. साल 2019 में करवाचौथ का व्रत 17 अक्टूबर गुरुवार के दिन रखा जाएगा.
  2. चतुर्थी तिथि शुरू होगी 17 अक्टूबर गुरुवार 6 बजकर 48 मिनट पर
  3. चतुर्थी तिथि समाप्त होगी 18 अक्टूबर शुक्रवार 7 बजकर 29 मिनट पर|
  4. करवाचौथ पूजा का शुभ मुहूर्त होगा 17 अक्टूबर गुरुवार शाम 05:46 मिनट से 07:02 मिनट तक
  5. पूजा की कुल अवधि 1 घंटे 16 मिनट की होगी|
  6. करवाचौथ चंद्रोदय का समय होगा 08:16 मिनट|

करवा चौथ सरगी Karwa Chauth Vrat Sargi Thal

करवा चौथ के व्रत व त्यौहार की शुरुआत सरगी से होती है सरगी करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले किया जाने वाले भोजन को कहा जाता है जो महिलाएँ करवाचौथ का व्रत रखती है उन्हें सास द्वारा सरगी दी जाती हैं। इस सरगी को प्रसाद के रूप में ग्रहण कर करवा चौथ का व्रत शुरु किया जाता है उसके बाद दिन भर निर्जल रखकर व्रत करने का विधान है.

करवा चौथ व्रत पूजा-विधि Karwa Chauth Vrat Puja Vidhi

करवाचौथ के दिन सूर्योदय से पहले स्नान आदि से निवृत होकर पूजास्थल को अच्छी तरह से साफ़ करे  इसके बाद सास द्वारा दी हुई सरगी ग्रहण करे और करवाचौथ व्रत के निर्जल व्रत का संकल्प लेकर व्रत आरंभ करना चाहिए. पूजा स्थल में कलश स्थापना के बाद गेरू और पिसे हुए चावलों के घोल से करवा का चित्र बनाये और साथ ही माँ गौरी  गणेशजी व भगवान शिव की मूर्ति चौकी पर स्थापित करे इसके बाद माता गौरी को सुहाग का सामान अर्पित करे सभी देवीदेवताओं की पूजा के बाद व्रत कथा पढ़े और सुने और अंत में पति की दीर्घायु की कामना करते हुए सास का आशीर्वाद लेकर उन्हें करवा भेंट करे. रात्रि में चंद्रोदय के बाद छलनी से चंद्र दर्शन कर अर्घ्य देकर धूप दीप जलाकर कर प्रसाद अर्पित करे इसके बाद पति का आशीर्वाद लेकर व्रत पूरा करे.

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करवा चौथ व्रत नियम Karwa Chauth Vrat Niyam

शास्त्रों की माने तो प्रत्येक व्रत के कुछ जरूरी नियम बताये जाते है जिनका पालन व्रती को अवश्य करना चाहिए. आइये जानते है करवाचौथ व्रत के जरूरी नियम क्या है

  1. करवाचौथ का व्रत सूर्योदय से पूर्व शुरू होकर चांद निकलने तक रखना चाहिए.
  2. इस व्रत को चन्द्रमा के दर्शन के बाद ही पूरा किया जाता है.
  3. शाम को चंद्रोदय से करीब 1 घंटा पहले शिव-परिवार की पूजा करनी चाहिए.