Hartalika Teej Vrt 2018 Date Time Puja Muhurt हरतालिका तीज कब है

हरतालिका तीज व्रत पूजा शुभ मुहूर्त hartalika teej vrat 2018 puja Vidhi

Hartalika Teej VrtHartalika Teej Vrt- महिलाओं में हरतालिका तीज बहुत अधिक प्रसिद्द है और ख़ास महत्व रखता है. हरितालिका तीज के दिन गौरी-शंकर की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है. शास्त्रों में ऐसी  मान्‍यता है कि हरतालिका तीज का व्रत करने से महिलाओं को उनके पति की लम्बी उम्र का वरदान मिलता है यह त्यौहार पूरे भारत में बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है कुछ जगहों पर इस व्रत को गौरी हब्बा के नाम से भी जाना जाता है. आज हम आपको हरतालिका तीज व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त और इसके महत्व के बारे में बताएँगे. 

हरतालिका तीज तिथि Hartalika Teej Vrt date and time

हिन्दू कैलेंडर की यदि माने तो हरतालिका तीज जिसे शौभाग्य व्रत भी कहते है भाद्रपद माह की शुक्‍ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मनाई जाती है साल 2018  में हरतालिका तीज का यह व्रत 12 सितंबर बुधवार के दिन होगा.

हरतालिका तीज शुभ मुहूर्त hartalika teej shubh muhurt 2018

  1. तृतीया तिथि शुरू होगी 11 सितंबर मंगलवार के दिन शाम 6 बजकर 4 मिनट पर|
  2. तृतीया तिथि समाप्‍त होगी 12 सितंबर बुधवार के दिन शाम 4 बजकर 7 मिनट पर|
  3. हरतालिका व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 12 सितंबर बुधवार के दिन सुबह 6 बजकर 15 मिनट से सुबह 8 बजकर 42 मिनट तक का होगा.

हरतालिका तीज व्रत के नियम Rules of hartalika teej fast festival tips

  1. हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और कुंवारी कन्‍याएं सुयोग्य वर पाने के लिए रखती है.
  2. करवाचौथ की तरह ही इस व्रत को हमेशा रखना चाहिए.
  3. तीज का ये व्रत बहुत ही कठिन व्रत माना गया है.
  4. यदि सम्भव हो तो इस व्रत को निर्जल रहकर करना बहुत ही शुभ फलदायी माना गया है.

हरतालिका तीज पूजा विधि hartalika teej puja vidhi 2018

Hartalika Teej Vrt- शास्त्रों की माने तो हरतालिका तीज व्रत की पूजा प्रदोष काल के समय करनी चाहिए. प्रदोष काल का अर्थ है दिन और रात के मिलने का समय| इस दिन शिव पार्वती की पूजा आराधना की जाती है शाम के समय स्नानादि के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं. पूजा प्रारम्भ करने से पूर्व मिट्टी से शिव-पार्वती और गणेश की प्रतिमा बनायी जाती है. माता पार्वती की प्रतिमा को अच्छी तरह से सजाना चाहिए और उन्हें सुहाग का सामान अर्पित करना चाहिए. अब हरतालिका व्रत की कथा पूरी श्रद्धा के साथ सुनकर गणेश जी भगवन शिव और माता पार्वती जी की आरती करनी चाहिए. यदि संभव हो तो रात में जागरण करना चाहिए. पूजा सामग्री और सुहाग का सामान किए सुहागन महिला को दान में अवश्य देना चाहिए.

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हरतालिका तीज का महत्व  importance of hartalika teej

Hartalika Teej Vrt ये तो आप जानते ही है की पूरे सालभर में सभी चार तीज आती है जिनमें हरतालिका तीज बेहद ही ख़ास तीज मानी गयी है मान्यताओं के अनुसार महिलाएं अपने पति की लम्बी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं. कहा जाता है की ऐसा करने से सभी सुहागिन महिलाओं को भगवान् शिव और माता पार्वती के आशीर्वाद से अखंड सौभाग्‍य का वरदान मिलता है. इसके अलावा कुंवारी कन्याओं को भी मनचाहा और सुयोग्य वर प्राप्त होता है.