अधिक मास अमावस्या 2020 कब है Adhik Maas Amavasya Date Time 2020 

आश्विन अमावस्या 2020 सुख समृद्धि उपाय Ashwin Adhik Maas Amavasya Upay 2020

अधिक मास अमावस्याअधिक मास अमावस्या- शास्त्रों में अमावस्या तिथि श्राद्ध व दान पुण्य के कर्मो के लिए बेहद ख़ास मानी जाती है इसे पितरो की तिथि भी कहते है पंचांग के अनुसार आश्विन अधिक मास जो 18 सितम्बर से शुरू हुआ था और अब जल्द ही समाप्त होने को है इस माह की दूसरी और आख्रिरी अमावस्या के साथ ही इस मास का समापन हो जाएगा.  मान्यता है की अमावस्या तिथि पर यदि कुछ उपाय किये जाय और नियमो का पालन किया जाय तो इस तिथि का लाभ प्राप्त किया जा सकता है आज हम आपको साल 2020 अधिक मास की आखिरी अमावस्या की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और इस दिन किये जाने वाले उपायों के बारे में बताएँगे.

आश्विन अधिक मास अमावस्या शुभ मुहूर्त 2020 Ashwin Amavasya 2020 Date

  1. साल 2020 में अधिक मास की अंतिम अमावस्या 16 अक्टूबर शुक्रवार को है|
  2. अमावस्या तिथि प्रारम्भ होगी – 16 अक्टूबर प्रातःकाल 04:52 मिनट पर|
  3. अमावस्या तिथि समाप्त होगी- 17 अक्टूबर प्रातःकाल 01:00 बजे|

अधिक मास अमावस्या विधि Ashwin Amavasya Vidhi

ऐसा कहा जाता है कि अमावस्या तिथि पर पितरों के निमित्त दान पुण्य और उपाय करने से जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति होती है अमावस्या मोक्ष प्रदान करने वाले देव भगवान विष्णु जी की पूजा आराधना का दिन होता है। इसीलिए इस इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करें. और घर में पितरों के नाम से भी धूप-ध्यान करे. पुराणों के अनुसार अमावस्या के दिन स्नान-दान करने की परंपरा है. इसीलिए यदि संभव हो तो इस दिन गंगा स्नान करे अन्यथा घर पर ही गंगाजल मिले जल से स्नान जरूर करे.  ऐसा करने से आपको न सिर्फ भगवान् विष्णु बल्कि अपने पितरो का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है.

अधिक मास अमावस्या उपाय- Ashwin Amavasya upay

  1. अमावस्या के दिन घर में सात्विक भोजन ही बनाना चाहिए. घर में बनाये इस सात्विक भोजन को सबसे पहले कौवे, गाय को अर्पित करना चाहिए। मान्यता है की इस तिथि पर आपके पितृ आपके आस पास ही रहते है और इस तिथि को उनके निमित किया भोज कहीं न कहीं उन्हें जरूर मिलता है.
  2. इस दिन ब्राह्राणों को भोजन कराकर उन्हें दान-दक्षिणा देनी चाहिए और उनसे पितृपक्ष से संबंधित मंत्रों का जाप करवाना चाहिए।
  3. अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर पितरों के निमित्त पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए इससे पितृ देव प्रसन्न होकर आपको सुख समृद्धि का वरदान देते है.
  4. अमावस्या के दिन काली चीटियों को शक्कर मिला हुआ आटा खिलाने से आपके सभी कष्ट दूर होते है.
  5. माना जाता है कि जो भी व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ अमावस्या तिथि पर इन उपायों को करता है उन्हें भगवन विष्णु जी के आशीर्वाद के साथ ही पितृ देवो के आशीर्वाद से उसके घर-परिवार में खुशियां हमेशा बनी रहती है.
  6. कहा जाता है की अमावस्या तिथि पर सभी नकारात्मक शक्तियां जाग्रत रहती है इसीलिए अमावस्या के दिन देर रात घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए.
  7. पुरुषोत्तम अमावस्या की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद हनुमान जी के पाठ चालीसा के बाद उन्हें लड्डुओं का भोग लगाना चाहिए.
  8. अमावस्या तिथि पर सफलता प्राप्ति के लिए शनिदेव के मंदिर में जाकर तिल व काली उड़द का दान करे.