संकष्टी चतुर्थी 2019 शुभ मुहूर्त पूजा विधि Sankashti Chaturthi Date Time 2019

गणेश संकष्टी चतुर्थी व्रत Sakat Chaturthi Vrat Puja Vidhi

संकष्टी चतुर्थी 2019 संकष्टी चतुर्थी 2019 – संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश जी को समर्पित होता है। इस दिन विशेष रूप से भगवन गणेश जी का पूजन किया जाता है. शास्त्रों की माने तो ज्येष्ठ मास में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व होता है. कहा जाता है की इस दिन यदि भगवान गणेश जी की पूजा अर्चना पूरे विधि विधान और सच्चे मन से की जाय तो जीवन की सभी विघ्न बाधाएं दूर होती है और व्यक्ति को विद्या बल बुध्दि का वरदान प्राप्त होता है  आज हम आपको साल 2019 ज्येष्ठ माह में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी व्रत तिथि,  शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और चंद्रोदय शुभ मुहूर्त के बारे में बताएँगे.

संकष्टी चतुर्थी पूजा शुभ मुहूर्त Sankashti ChaturthiPujan Timing

  1. ज्येष्ठा माह में आने वाली संकष्टी चतुर्थी जिसे कृष्णा पिंगला चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है साल 2019 में संकष्टी चतुर्थी का व्रत 20 जून गुरुवार के दिन रखा जाएगा.
  2. चतुर्थी तिथि प्रारम्भ होगी 20 जून गुरुवार 17 बजकर 8 मिनट पर|
  3. चतुर्थी तिथि समाप्त होगी 21 जून शुक्रवार 19 बजकर 8 मिनट पर|
  4. चंद्र दर्शन का शुभ समय होगा- 21 बजकर 54 मिनट|

संकष्टी चतुर्थी व्रत की पूजा विधि  Sakat Chauth Tilkut Chauth Mahi Chauth Puja Vidhi

संकष्टी चतुर्थी व्रत में भगवान् श्री गणेश जी का पूजन किया जाता है. गणेश जी की उपासना करने के लिए इस दिन लोग सूर्योदय से लेकर चन्द्रोदय तक उपवास रखते हैं। चतुर्थी तिथि के दिन प्रातः काल दैनिक कार्यो से निवृत होने के बाद स्नान कर व्रत का संकल्प ले और मंदिर में श्री गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करे  इसके बाद प्रतिमा का श्रृंगार कर उन्हें सिन्दूर, दूर्वा,  पान, लड्डू, धूपबत्ती, चावल, हल्दी, कुमकुम आदि अर्पित करे. भगवान गणेश जी को दूर्वा बहुत प्रिय है इसीलिए पूजा के समय उन्हें दूर्वा या दूब अवश्य अर्पण करें|

संकष्टी चतुर्थी का महत्व Sankashti Chaturthi Impotance

संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी के पूजन का विधान है इस बार यह चतुर्थी तिथि गुरूवार के दिन होने से इसका महत्व और भी अधिक बढ़ गया है. मान्यताहै की यह दिन बेहद शुभ फल देने वाला होता है जो व्यक्ति इस दिन पूरे श्रद्धाभाव से व्रत कर भगवन गणेश जी का पूजन करता है और कथा सुनता है भगवान गणेश जी उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और उसकी सभी परेशानियों का अंत कर बल बुद्धि विद्या व समृद्धि का वरदान देते है. शास्त्रों में ज्येष्ठ मास की संकष्टी चतुर्थी बहुत ही महत्वपूर्ण बताई गयी है|