2020 में पहला चंद्रग्रहण कब लगेगा Chandra Grahan Date Time 2020

चंद्रग्रहण 2020 कब कब है  First Lunar Eclipse 2020

Chandra GrahanChandra Grahan- शास्त्रों और ज्योतिष में चंद्र ग्रहण का काफी महत्व है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहण लगना अशुभ माना जाता है. खगोल विज्ञान के अनुसार जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के मध्य में आ जाती है तो सूर्य का प्रकाश चंद्रमा तक नहीं पहुंचता है और यह स्थति चंद्र ग्रहण कहलाती है. वर्ष 2020 में चार चंद्र ग्रहण लगेंगे. ये चारों चंद्र ग्रहण अलग-अलग समय और महीने में लगेंगे. आज हम आपको साल 2020 में लगने वाले पहले चंद्रग्रहण के बारे में बताएँगे.

साल 2020 का पहला चंद्र ग्रहण First Chandra Grahan 2020  

ज्योतिष अनुसार वर्ष 2020 में पहला चंद्र ग्रहण साल के पहले माह अर्थात 10 जनवरी शुक्रवार के दिन लगेगा. यह चंद्रग्रहण भारत में देखा जा सकेगा. भारतीय समयानुसार यह ग्रहण करीब 10 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगा और 11 जनवरी रात्रि 2 बजकर 42 मिनट तक रहेगा. ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 06 मिनट की होगी. भारत के अलावा यह चंद्र ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, एशिया और आस्ट्रेलिया में भी देखा जा सकेगा. ग्रहण के सूतक काल का समय होगा 10 जनवरी दोपहर 1 बजकर 39 मिनट से|

सूतक काल क्या होता है What is Sutak Kaal

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल वो समय होता है जिसमे कोई भी शुभ कार्य नहीं किये जाते है। सूतक काल के समय मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते है और पूजा-पाठ भी नहीं की जाती है. सूतक काल सूर्य ग्रहण हो या चंद्र ग्रहण दोनों ग्रहणों के दौरान लगता है। शास्त्रों के अनुसार कहा जाता है की सूतक के दौरान ना ही भोजन पकाना चाहिए और ना ही ग्रहण करना चाहिए क्योकि प्राचीन मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान निकलने वाली की किरणों से भोजन अशुद्ध हो जाता है।

ग्रहण के दौरान क्या करें Grahan Me Kya Kare

  • ज्योतिष शास्त्र अनुसार ग्रहण के दौरान लगातार मंत्रों का जाप करना चाहिए।
  • शास्त्रों के अनुसार ग्रहण लगने से पहले खाने पीने की सभी चीजों में तुलसी का पत्ता डालना चाहिए क्योकि ये ग्रहण के नकारातमक प्रभाव को दूर करता है.
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिडकाव कर घर को शुद्ध कर लेना चाहिए.

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ग्रहण के दौरान न करें ये काम Grahan Ke Samay Kya Na Kare

  • ग्रहण काल में किसी भी मंदिर में प्रवेश नहीं करना चाहिए और ना ही घर के मंदिर में पूजा करनी चाहिए.
  • ग्रहण काल के समय पूजा स्थल को किसी पर्दे से ढक दें।
  • ग्रहण के सूतक काल शुरू होने के साथ ही भोजन न करे. हालाँकि बच्चो, बूढ़ों और बीमार लोगों को इसकी मनाही नहीं है.
  • गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखना चाहिए और ग्रहण के दौरान लेटना या हाथ-पैर मोड़ कर नहीं बैठना चाहिए.