मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब है 2025 Margashirsha Purnima 2025 Date Time

मार्गशीर्ष पूर्णिमा पूजा विधि Purnima Vidhi

Margashirsha Purnima 2025 Date TimeMargashirsha Purnima 2025 Date Time पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली पूर्णिमा बेहद खास मानी जाती है मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन विष्णु जी, मां लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा और कुछ विशेष उपाय से सुख की प्राप्ति होती है. इसे अगहन पूर्णिमा भी कहते है. यह साल की बड़ी पूर्णिमा में से एक है. मान्यता है की पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान कर दान-पुण्य, पूजा-पाठ से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है. आइये जानते है साल 2025 में मार्गशीर्ष पूर्णिमा की सही तिथि, पूजा मुहूर्त, स्नान -दान का समय, पूजा विधि और इस दिन किये जाने वाले उपाय क्या है|

मार्गशीर्ष पूर्णिमा शुभ मुहूर्त 2025 Margashirsha Purnima 2025 Shubh Muhurat

  1. साल 2025 में मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत 4 दिसम्बर को है|
  2. पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – 4 दिसम्बर प्रातःकाल 08:37 मिनट पर|
  3. पूर्णिमा तिथि समाप्त – 5 दिसम्बर प्रातःकाल 04:43 मिनट पर|
  4. पूजा का मुहूर्त – प्रातःकाल 11:50 मिनट से दोपहर 12:32 मिनट|
  5. सत्यनारायण पूजा – प्रातःकाल 10:53 मिनट से दोपहर 1:29 मिनट|

मार्गशीर्ष पूर्णिमा स्नान- दान चन्द्रोदय समय Purnima Snaan Muhurat 2025

  1. स्नान- दान मुहूर्त – प्रातःकाल 05:10 मिनट से प्रातःकाल 06:04 मिनट|
  2. पूर्णिमा के दिन चन्द्रोदय – सायंकाल 04:35 मिनट|

मार्गशीर्ष पूर्णिमा पूजा विधि Margashirshaa Purnima puja vidhi

मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिले जल से स्नान कर व्रत का संकल्प करे. अब चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापति कर दीपक जलाकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आराधना करें. इसके बाद कनकधारा स्तोत्र और विष्णु मंत्रों का जाप और आरती कर फल, खीर, मिठाई का भोग लगाएं. रात्रि में चंद्रदेव को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करे.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा उपाय Margashirsha Purnima upay

  1. मार्गशीर्ष या अगहन पूर्णिमा के दिन एक आटे का दीपक बनाकर उसमें तिल का तेल भरकर उस दीपक को प्रात: काल पीपल के वृक्ष के नीचे जलाने से मनोकामना पूरी होती है और पितरो का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
  2. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी में स्नान कर माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु को विधिवत पूजा करनी चाहिए.
  3. पूर्णिमा के दिन कमलगट्टे की माला से माँ लक्ष्मी के महामंत्र ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम: का जाप करना चाहिए.
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