नवरात्री के नौ दिन भूलकर भी ना करे ये 9 काम Navratri Date Time 2020

Chaitra Navratri 2020 चैत्र नवरात्री नियम

Chaitra NavratriChaitra Navratri- नवरात्रि नवदुर्गे के इन नौ पवित्र दिनों में माता रानी के नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है इन दिनों में मां को प्रसन्न करने के लिए भक्तजन व्रत व पूजा आराधना करते है साल 2020 में चैत्र नवरात्रो का आरम्भ 25 मार्च बुधवार से हो रहा है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों मां के नौ स्वरूपों की पूजा करने से घर में सुख शांति और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। लेकिन वही शास्त्रों की यदि माने तो नवरात्रि के नौ दिन तक रखे जाने वाले व्रतों को लेकर कुछ नियम व धार्मिक मान्यताएं भी बताई गयी है जिनका पालन किया जाना बेहद जरूरी मना गया है आज हम आपको नवरात्री के इन नौ दिनों के दौरान बरती जाने वाली सावधानिया और नियमो के बारे में बताएँगे|

नाखून या बाल काटने जैसे कार्यो से बचे Chaitra Navratri Niyam 2020

नवरात्रि का पर्व देवी माँ को प्रसन्न करने के लिए बेहद खास मना जाता है जिस कारन इसके कुछ जरूरी नियम है इन्हीं जरूरी नियमो में से एक नियम है इन 9 दिनों में बाल नाखून काटने जैसे कार्यो को ना करना| भले ही ये एक अच्छी आदत हो लेकिन शास्त्रों के अनुसार माँ की भक्ति के इन नौ दिनों में नाखून और बाल काटना जैसे कार्य वर्जित माने गए है. इसीलिए नवरात्रि के दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखना चाहिए.

घर को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए Chaitra Navratri Niyam 2020

हम सभी नवरात्रि का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते है कुछ लोग इन नौ दिनों में न सिर्फ व्रत रखते है बल्कि कलश स्थापना के साथ ही अखंड ज्योति और माता की चौकी का आयोजन भी करते है जो लोग नवरात्री में व्रत रखकर घर में अखंड जोत जलाते है तो या इनमें से कोई भी कार्य करते है तो विशेषकर उन्हें अपने घर को खाली छोड़कर बाहर नहीं जाना चाहिए। ऐसे में ध्यान रखे की घर में किसी न किसी व्यक्ति को जरूर रहना चाहिए. ताकि अखंड जोत की देखरेख की जा सके

प्याज लहसुन से परहेज करे Chaitra Navratri Niyam 2020

मान्यता है की जो लोग नवरात्रि के व्रत का संकल्प रखते है उन्हें देवी दुर्गा की भक्ति के इन नौ दिनों तक प्याज, लहसुन से परहेज करना चाहिए और जहाँ तक संभव हो व्रत करने वाले व्यक्ति को इस दौरान सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए इससे भक्त को उसके द्वारा की गयी भक्ति का पूर्ण फल प्राप्त होता है.

गुस्सा, कलेश और अपशब्द से दूर रहे Chaitra Navratri Niyam 2020

शास्त्रों के अनुसार माँ दुर्गा की भक्ति का ये पर्व शनि और सद्भावना की प्रेरणा देता है इसीलिए नवरात्रि के नौ दिनों तक सभी को ये कोशिश करनी चाहिए की घर का वातावरण शांत और भक्तिमय बनाकर रखे इससे देवी माँ प्रसन्न होकर भक्त की हर इच्छा पूरी करती है नवरात्री के पूरे न दिनों तक मन को शांत रखकर पूजा पाठ व व्रत करना और गुस्सा अपशब्द जैसे कार्यो से बचना शुभ होता है.

द्वार आये भिक्षु को खाली ना लौटाए Chaitra Navratri Niyam 2020

जिस तरह से नवरात्रि में घर और मन की शुद्धता जरूरी होती है ठीक वैसे ही नवरात्रि के इन 9 दिनों में यदि आपके द्वार पर कोई भिक्षु या जरूरत मंद व्यक्ति आ जाय तो कोशिश करे की उसे खाली हाथ ना जाने दे इस दौरान इस बात का विशेष ख्याल रखे की द्वार पर आये भिक्षु या गरीब को अपनी जरूरत और श्रद्धा अनुसार भोजन या कुछ न कुछ दान अवश्य करना चाहिए.

दाढ़ी मूछ न बनवाये Chaitra Navratri Niyam 2020

शास्त्रों की माने तो कहा जाता है की नवरात्रि के नौ दिनों तक खासतौर पर व्रत रखने वाले लोगो को दाढ़ी-मूंछ करवाने से बचना चाहिए क्योकि इस दौरान ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है इससे आपको पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है. हालाँकि इस दौरान 12 संस्कारों में से एक बच्चों का मुंडन संस्कार करवाना शुभ मना जाता है.

शुद्धता का ख्याल रखे Chaitra Navratri Niyam 2020

शास्त्रों के अनुसार देवी माँ को समर्पित ऐसा पर्व है जिसमे नौ दिनों तक शुद्धता और पवित्रता का खास ख्याल रखना चाहिए सभी को ये कोशिश करनी चाहिए की इस दौरान घर व मंदिर में पवित्रता और सात्विकता बनाये रखते हुए माँ की भक्ति व पूजा करनी चाहिए.

इसे भी पढ़े – जानें अपना वार्षिक राशिफल 2020

चमड़े की चीजों के प्रयोग से बचे Chaitra Navratri Niyam 2020

प्रचीन मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है की नवरात्रि पर्व के दौरान जहाँ तक संभव हो तो चमड़े और चमड़े से बनी चीजों का प्रयोग करने से बचना चाहिए क्योकि शास्त्रों में किसी भी तरह की पूजा और व्रत में लेदर और चमड़े की चीजों का इस्तेमाल निषेध माना गया है.

किसी का अपमान ना करे Chaitra Navratri Niyam 2020

जो भो लोग नवरात्रि के व्रत में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा और जागरण करते है उन्हें किसी भी बड़े-बूढ़े, बच्चे या फिर घर पर आये किसी अन्य व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए और विषेशकर इस दौरान कन्याओ का दिल नहीं दुखाना चाहिए क्योकि कन्याये को माता का ही रूप मानकर उनकी पूजा की जाती है मान्यता है की जो भी नवरात्री के दौरान इन सभी नियमो का पालन और सच्ची श्रद्धा से माँ की आराधना करता है तो माँ उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य ही पूरी करती है.