खरमास क्या करे क्या न करें Kharmas 2025
खरमास क्या होता है Kharmas Kya Hota Hai
ऐसी मान्यता है की सूर्य अपने सात घोड़ो के रथ में बैठकर पूरे ब्रह्माण्ड की परिक्रमा करते है लेकिन खरमास में भगवान सूर्य अपने रथ में लगे सात घोड़ों को विश्राम के लिए छोड़ देते हैं और गधों को रथ में जोत लेते हैं। खरमास में खर का मतलब गधा से और मास का मतलब महीने है। सूर्य के रथ को खरो द्वारा खींचने के कारण ही इसे खरमास कहा जाता है.
खरमास कब से कब तक Malmas starting date 2025
- साल 2025 में खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर से होकर 14 जनवरी 2026 को खरमास का समापन होगा।
- इस दिन धनु संक्रान्ति होगी.
- इस दिन सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे.
- धनु संक्रान्ति पुण्य काल – प्रातःकाल 07:07 मिनट से दोपहर 12:17 मिनट
- धनु संक्रान्ति महा पुण्य काल – प्रातःकाल 07:07 मिनट से प्रातःकाल 08:50 मिनट
- धनु संक्रान्ति का क्षण – प्रातःकाल 04:27 मिनट
खरमास में क्या करे Kharmas Kya Kare Kya Na Kare
- शास्त्रों के अनुसार खरमास के दौरान सूर्य पूजा का विशेष महत्व है। इस दौरान सूर्य को नियमित रूप से जल देना चाहिए और आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
- खरमास में श्री राम कथा, भागवत कथा और शिव पुराण का पाठ करना चाहिए|
- खरमास में जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना चाहिए।
- इस माह में ब्राह्मण, गुरु, गाय की सेवा करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है|
- खरमास में तुलसी पूजा करनी चाहिए|
- इस माह में तीर्थ यात्रा कर पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।
खरमास में क्या न करें Kharmas Kya Na Kare
- खरमास या मलमास में तामसिक चीजों से परहेज करना चाहिए|
- शास्त्रों के अनुसार खरमास में किसी नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए.
- खरमास में सगाई, शादी-विवाह, मुंडन, निवेश, घर या गाड़ी खरीदना जैसे कार्य वर्जित माने जाते है|
- इसके अलावा नए घर में प्रवेश भी नहीं करना चाहिए.
- खरमास में नया घर, वाहन, प्लॉट या फ्लैट नहीं खरीदना चाहिए.