योगिनी एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त 2020 Yogini Ekadashi Do Not These 5 Works

योगिनी एकादशी व्रत Yogini Ekadashi Date Time Puja Muhurat 2020

योगिनी एकादशीआषाढ़ मास में आने वाली कृष्ण पक्ष की एकादशी योगिनी एकादशी के नाम से जानी जाती हैं। साल की सभी एकादशियों की तरह इस एकादशी पर भी भगवान विष्णु जी की पूजा आराधना कर विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है. योगिनी एकादशी का व्रत करने से 88 हजार ब्राह्राणों को भोजन कराने के बराबर का फल व्यक्ति को मिलता है आज हम आपको साल 2020 आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी व्रत की सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन किये जाने वाले उपायों व नियमि के बारे में बताएँगे.

योगिनी एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त 2020 Yogini Ekadashi Date time 2020

  1. साल 2020 में योगिनी एकादशी का व्रत 17 जून बुधवार को रखा जायेगा|
  2. एकादशी तिथि प्रारम्भ – 16, जून प्रातः काल 05:40 मिनट पर |
  3. एकादशी तिथि समाप्त –17, जून प्रातः काल 07:50 मिनट पर |
  4. एकादशी व्रत के पारण का समय होगा – 18 जून 3 जून प्रातःकाल 05:23 मिनट से प्रातःकाल 08:11 मिनट |

योगिनी एकादशी पूजा विधि Yogini Ekadashi Puja Vidhi

योगिनी एकादशी व्रत की शुरुआत दशमी तिथि की रात्रि से ही हो जाती है। शास्त्रों के अनुसार व्रत रखने वाले व्यक्ति को दशमी तिथि की रात्रि सात्विक भोजन ग्रहण करते हुए अगले दिन एकादशी तिथि को  प्रात:उठकर नित्यकर्म से निवृत्त होकर स्नानादि के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए। अब पूजा स्थल पर भगवान विष्णु जी की प्रतिमा स्तःपित कर उनकी पूजा करें। भगवान नारायण जी की प्रतिमा को स्नान कराकर, धूप, दीप जलाकर पीले फल फूल पीली मिठाई का भोग लगायें और उनके मंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवायः का जाप कर आरती करे इसके बाद योगिनी एकादशी की व्रत कथा पढ़कर दान कर्म के कार्य करे. मान्यता है की आज के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना शुभ होता है.

एकादशी व्रत का पारण कब करें Ekadashi Vrat Paran 2020

शास्त्रों की माने तो एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले ही करना शुभ होता है यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाती है तो इस स्थिति में सूर्योदय के बाद ही पारण किया जाता है। एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान भी नहीं करना चाहिए। इसलिए जो भी यह व्रत रखते है और व्रत का पारण करते है उन्हें हरि वासर की अवधि समाप्त होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए और फिर पारण करना चाहिए.

योगिनी एकादशी नियम Yogini Ekadashi Niyam

  1. प्रत्येक व्रत की तरह ही इस व्रत के भी कुछ जरूरी नियम है आइये जान लेते है इन नियमो के बारे में|
  2. योगिनी एकादशी व्रत के नियमो का पालन दशमी तिथि से ही शुरू कर देना चाहिए.
  3. एकदाशी तिथि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर व्रत का संकल्प लेकर घर का माहौल शांतमय बनाये रखना चाहिए.
  4. इस दिन घर में लहसुन प्याज और तामसिक भोजन का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए.
  5. एकादशी के दिन घर में विशेषकर पूजास्थल व पूजन सामग्री में स्वछता का ख्याल रखे.
  6. योगिनी एकादशी के दिन हो सके तो दूसरों की मदद करें। किसी जरूरतमन्द को अन्न दान करना शुभ रहता है।
  7. एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि को ही करना चाहिए।

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योगिनी एकादशी उपाय Yogini Ekadashi Upay

  1. मान्यता है की योगिनी एकादशी के दिन आंवले का रस मिले जल से स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.
  2. आज के दिन भगवान विष्णु को दूध में केसर मिले जल से अभिषेक करना लाभकारी उपाय माना गया है.
  3. एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी को उनकी पूजा में तुलसी के पत्ते अर्पित करने से मनोकामना पूरी होती है.
  4. योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी के साथ साथ माता लक्ष्मी जी की पूजा करने से व्यक्ति को धन धन्य और सुख की प्राप्ति होती है.
  5. योगिनी एकादशी के दिन श्री सुक्त का पाठ करने से मां लक्ष्मी अपने भक्तो पर जल्द ही प्रसन्न होती हैं।