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शनिवारी निर्जला एकादशी व्रत उपाय Nirjala Ekadashi Vrat 23 June 2018

Shaniwaari Nirjala Ekadashi Vrat शनिवारी निर्जला एकादशी करें ये उपाय

शनिवारी निर्जला एकादशीशनिवारी निर्जला एकादशी- ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है. शास्त्रों की माने तो निर्जला एकादशी का यह व्रत सभी एकादशियों के व्रत से सर्वश्रेष्ठ माना गया है। 23 जून को आने वाला निर्जला एकादशी का यह व्रत सभी एकादशी व्रतों में सबसे कठिन व्रत है इस व्रत में खाने के साथ पानी भी त्यागना पड़ता है. ज्येष्ठ मास की ताप्ती गर्मी के दौरान ये व्रत आता है और इस भयकर गर्मी में व्रती को बिना अन्ना जल के पूरा दिन रहना पड़ता है इसी कारण इसे निर्जला एकादशी और सबसे कठिन व्रत के रूप में जाना जाता है. मान्यता है की यह व्रत बहुत अधिक कठिन होने के कारण ही इस व्रत के फल भी बहुत अधिक होते है शास्त्रों की माने तो इस व्रत को पूरे विधि- विधान के साथ करने से अन्य सभी एकादशियों के बराबर फल प्राप्त होता है। निर्जला एकादशी शनिवार के दिन पढ़ने के कारण एक अद्भुत संयोग बना रही है आज हम आपको बताएँगे की निर्जला एकादशी के इस अद्भुत संयोग पर किये जाने वाले कुछ ऐसे उपायों के बारे में जिन उपायों को कर लेने से इस व्रत के फल शीघ्र ही मिलते है.

शनिवारी निर्जला एकादशी की शाम तुलसी के सामने गाय के घी का दीपक जलाये Shaniwari Ekadashi Vrt Worship Upay

निर्जला एकादशी के दिन शाम के समय तुलसी के सामने गाय के घी का दीपक अवश्य जलाना चाहिए इसके साथ ही विष्णु भगवान् की आराधना कर तुलसी की 11 बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से आपके घर में सुख शांति का वास होता है और घर पर किसी भी तरह का संकट नहीं आता.

भगवान विष्णु के मंदिर में एक नारियल चढ़ाएं Nirjala Ekadashi Vrat Katha Festival

निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी के मंदिर में नारियल चढ़ाना बहुत ही शुभ माना गया है कहा जाता है की इस उपाय को करने से व्यक्ति को जीवन में धनलाभ होता है साथ ही सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है.

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निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु को पीले फूल और खीर अर्पित करे Nirjala Ekadashi Vrat Tithi Muhurt

मान्यता है की एकादशी के व्रत में भगवान विष्णु की पूजा में उन्हें पीले फूल और खीर का भोग अवश्य लगाना चाहिए ऐसा करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु को खीर में तुलसी के पत्ते डालकर भोग लगाना भी बहुत ही लाभकारी माना गया है.

निर्जला एकादशी पर दान अवश्य करे Bheemseni Ekadashi Date Time

शास्त्रों में निर्जला एकादशी के व्रत और दान का बहुत अधिक महत्व है मान्यता है की इस गरीबो और जरूरतमंदों को पीले रंग के फल, कपड़ें, अनाज, पानी से भरा कलश, पंखा आदि दान करना चाहिए. इस दिन किये गए दान का फल व्यक्ति को अवश्य प्राप्त होता है

निर्जला एकादशी पर दक्षिणावर्त शंख की पूजा करे Pandawa Nirjala Ekadashi Vrat Pujan Vidhi

निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु, माँ लक्ष्मी की पूजा के साथ ही दक्षिणावर्त शंख की पूजा करनी चाहिए ऐसा करने से भगवान विष्णु और माँ  लक्ष्मी प्रसन्न होते है और साथ ही इससे धन प्राप्ति भी होती है.

पूजा के सिक्के अपने पास रखे Nirjala Ekadashi Upay

निर्जला एकादशी के दिन भगवान की पूजा करते समय कुछ सिक्के पूजास्थल पर रखे और पूजन के बाद इन सिक्कों को अपने पर्स में रख लें। इस उपाय को करने से आपको कभी भी धनसंबंधी कोई परेशानी नहीं होगी पूजा के ये सिक्के अपने पास रखने से हमेशा घर में समृद्धि बनी रहती है.

शालिग्राम की पूजा अवश्य करे Shaniwaari Nirjala Ekadashi Vrat

निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी की पूजा के साथ शालिग्राम की पूजा भी अवश्य करे शालिग्राम को भगवान विष्णु जी का ही रूप माना गया है शालिग्राम की पूजा करने से घर में किसी भी प्रकार की नेगटिव एनर्जी  प्रवेश नहीं करती है. कहते है की शालिग्राम घर में रखने पर माँ लक्ष्मी स्थायी रूपसे उस घर में वास करती है.

Nirjala Ekadashi Vrat- निर्जला एकादशी व्रत पूजा दान कथा महत्व

23 june Nirjala Ekadashi Vrat निर्जला एकादशी व्रत तिथि पूजा शुभ मुहूर्त

Nirjala Ekadashi शास्त्रो में एकादशी के व्रत का बहुत अधिक महत्व है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी Nirjala Ekadashi  के नाम से जाना जाता है. साल में आने वाली सभी 24  एकादशियों में से यह एकादशी सर्वोत्तम मानी गई है। वैसे तो साल में 24 एकादशियां होती हैं। लेकिन किसी साल में अधिकमास आने के कारण इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। इन्हीं में से एक है निर्जला एकादशी मान्यता है की इस व्रत में पानी पीना वर्जित होता है इसिलिये इसे निर्जला एकादशी कहते हैं। इस बार निर्जला एकादशी का व्रत 23 जून 2018 शनिवार के दिन है। निर्जला एकादशी का व्रत को पूरे विधि-विधान से रखा जाय तो इसके शुभ फल अवश्य प्राप्त होते है. आज हम आपको निर्जला एकादशी के शुभ मुहूर्त पूजा विधि और इसके महत्व के बारे में बताएँगे.

निर्जला एकादशी तिथि और शुभ मुहूर्त Nirjala Ekadashi Vrat Tithi Date Time-

निर्जला एकादशी को भीमसेन एकादशी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। एकादशी तिथि 23 जून 2018 शनिवार को है. निर्जला एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त 23 जून के दिन 03 बजकर 19 मिनट पर शुरू होगी और 24 जून को 03 बजकर 52 मिनट तक रहेगा. व्रत के पारण का समय 24 जून को 13 बजकर 46 मिनट से 16 बजकर 32 मिनट तक का होगा.

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निर्जला एकादशी व्रत पूजा विधि Nirjala Ekadashi Vrat Pujan Vidhi

एकादशी तिथि के दिन प्रातः काल उठकर अपने दैनिक कार्यों से निवृत होकर स्नानादि के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए और पूरे श्रद्धा भाव से भगवान् विष्णु जी की आराधना करनी चाहिए. जो भी लोग इस एकादशी का व्रत रखते है उन्हें जल से भरे कलश को पूजा स्थल पर रखना चाहिए और बाद में उस पर दक्षिणा रखकर ब्रह्मणो को दान करना चाहिए। शास्त्रों में इस एकादशी पर कलश और गौ दान का विशेष महत्व है। एकादशी का यह व्रत सभी एकादशियों में बहुत ही ख़ास माना गया है. शास्त्रों की माने तो इस व्रत को स्त्री पुरुष दोनों को ही करना चाहिए। व्रत के बाद दान, पुण्य का भी बहुत अधिक महत्व बताया गया है. एकादशी के दिन अन्न, वस्त्र, छतरी, जूता, पंखी तथा फल आदि का दान करना चाहिए।

निर्जला एकादशी का पौराणिक महत्व Importance of Nirjala Ekadashi Vrat Festival

निर्जला एकादशी का यह व्रत ज्येष्ठ की भीषण गर्मी में आता है इस व्रत में सूर्योदय से लेकर दूसरे दिन सूर्योदय तक बिना पानी के उपवास करने की मान्यता है इस व्रत को करने से हमें पानी की विशेषता का पता चलता है बहुत से लोग निर्जला एकादशी के दिन बिना जल ग्रहण किए व्रत करते हैं। कहा जाता है की इस एकादशी का व्रत रखने से सभी एकादशियों के व्रत के बराबर फल प्राप्त होता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और पानी तथा शरबत के दान का विशेष महत्व है.इस एक एकादशी के व्रत को कर लेने से 23 एकादशियों के व्रत का फल एकसाथ मिल जाता है इसीलिए ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष में आने वाली निर्जला एकादशी सभी एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी गई है।