Tag Archives: जीवन को बखूबी जीने के लिए चाणक्य के अनमोल विचार

अशोक महान के प्रेरणादायक सुविचार Ashoka Thoughts and Quotes

अशोक महान के अनमोल ज्ञानवर्धक विचार Best Thoughts of Ashoka

%e0%a4%85%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b5अशोक महान का पूरा नाम देवानांप्रिय अशोक मौर्य था. इनका जन्म राजकाल ईसापूर्व 273-232 में हुआ था. चक्रवर्ती सम्राट अशोक को भारत के महानतम सम्राटों की श्रेणी में रखा गया है. सम्राट अशोक मौर्य राजवंश के चक्रवर्ती राजा थे. सम्राट अशोक को अपने विस्तृत साम्राज्य से बेहतर कुशल प्रशासन तथा बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए जाना जाता था.

विचार (Quotes) 1. सबसे महान जीत प्रेम की होती है, ये हमेशा के लिए दिल जीत लेती है।

विचार (Quotes) 2. किसी को सिर्फ अपने धर्म का सम्मान और दूसरों के धर्म की निंदा नहीं करनी चाहिए।

विचार (Quotes) 3. चलिए हम सब सुनते हैं, और दूसरों के द्वारा बताये गए सिद्धांतों को सुनने के लिए तैयार रहते हैं।

विचार (Quotes) 4. न्य सम्प्रदायों की निंदा करना निषेध है; सच्चा आस्तिक उन सम्प्रदायों में जो कुछ भी सम्मान देने योग्य है उसे सम्मान देता है।

विचार (Quotes) 5. विभिन्न कारणों से अन्य धर्मों का सम्मान करना चाहिए। ऐसा करने से आप अपने धर्म को विकसित करने में मदद करते हैं और दुसरे धर्मों को भी सेवा प्रदान करते हैं।

विचार (Quotes) 6. माता-पिता का सम्मान किया जाना चाहिए और बड़ों का भी, जीवित प्राणियों के प्रति दयालुता को मजबूत किया जाना चाहिए और सत्य बोला जाना चाहिए।

विचार (Quotes) 7. हर धर्म में प्रेम, करुणा, और भलाई का पोषक कोर है। बाहरी खोल में अंतर है, लेकिन भीतरी सार को महत्त्व दीजिये और कोई विवाद नहीं होगा। किसी चीज को दोष मत दीजिये, हर धर्म के सार को महत्त्व दीजिये और तब वास्तविक शांति और सद्भाव आएगा।

विचार (Quotes) 8. मैंने कुछ जानवरों और कई अन्य प्राणियों को मारने के खिलाफ कानून लागू किया है, लेकिन लोगों के बीच धर्म की सबसे बड़ी प्रगति जीवित प्राणियों को चोट न पहुंचाने और उन्हें मारने से बचने का उपदेश देने से आती है।

विचार (Quotes) 9. वह जो अपने सम्प्रदाय की महिमा बढाने के इरादे से उसका आदर करता है और दूसरों के संप्रदाय को नीचा दिखाता है, ऐसे कृत्यों से वह अपने ही सम्प्रदाय को गंभीर चोट पहुंचता है।

विचार (Quotes) 10. सभी इन्सान मेरे बच्चे हैं। जो मैं अपने बच्चों के लिए चाहता हूँ, मैं इस दुनिया में और इसके बाद भी उनका भला और ख़ुशी चाहता हूँ, वहीँ मैं हर इंसान के लिए चाहता हूँ। आप नहीं समझते हैं कि किस हद तक मैं ऐसा चाहता हूँ, और अगर कुछ लोग समझते हैं, तो वे ये नहीं समझते कि मेरी इस इच्छा की पूरी हद क्या है।

चार्ली चैपलिन के प्रेरणादायक सुविचार Charlie Chaplin Thoughts and Quotes

चार्ली चैपलिन के अनमोल ज्ञानवर्धक विचार Best Thoughts of Charlie Chaplin

चार्ली चैपलिन का जन्म 16 अप्रैल 1889 में हुआ था. इनका जन्म का नाम चार्ल्स स्पेन्सर चैप्लिन था. चार्ली चैपलिन बहुत ही महान हास्य कलाकार थे. इन्होंने बहुत से दुःख देखे मगर हमेशा लोगो को हंसाते रहते थे. चार्ली चैपलिन हास्य कलाकार के साथ-साथ फिल्म निर्देशक भी थे. इसके अलावा वे अमेरिकी सिनेमा के क्लासिकल हॉलीवुड युग के प्रारंभिक से मध्य तक एक महत्वपूर्ण फिल्म निर्माता, संगीतकार और संगीतज्ञ भी रह चुके थे.

विचार (Quotes) 1. ज़रूरतमंद दोस्त की मदद करना आसान है , लेकिन उसे अपना समय देना हमेशा संभव नहीं हो पाता.

विचार (Quotes) 2. हंसी के बिना बिताया हुआ दिन बर्वाद किया हुआ दिन है .

विचार (Quotes) 3. शब्द सस्ते होते हैं. सबसे बड़ी चीज जो आप कह सकते हैं वो है ‘हाथी ‘.

विचार (Quotes) 4. एक आवारा, एक सज्जन, एक कवि, एक सपने देखने वाला , एक अकेला आदमी, हमेशा रोमांस और रोमांच की उम्मीद करते है.

विचार (Quotes) 5. मैं सिर्फ और सिर्फ एक चीज रहता हूँ और वो है एक जोकर . ये मुझे राजनीतिज्ञों की तुलना में कहीं ऊँचे स्थान पर स्थापित करता है .

विचार (Quotes) 6. असफलता महत्त्वहीन है . अपना मजाक बनाने के लिए हिम्मत चाहिए होती है .

विचार (Quotes) 7. सच में हंसने के लिए आपको अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए .

विचार (Quotes) 8. हास्य  टॉनिक है , राहत है , दर्द रोकने वाला है .

विचार (Quotes) 9. हम सोचते बहुत हैं और महसूस बहुत कम करते हैं .

विचार (Quotes) 10. किसी आदमी का असली चरित्र तब सामने आता है जब वो नशे में होता है .

विचार (Quotes) 11. ज़िन्दगी करीब से देखने में एक त्रासदी है , लेकिन दूर से देखने पर एक कॉमेडी .

विचार (Quotes) 12. इस मक्कार दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं है , यहाँ तक की हमारी परेशानिया भी नहीं .

विचार (Quotes) 13. मैं ईश्वर के साथ शांति से हूँ . मेरा टकराव इंसानों के साथ है .

विचार (Quotes) 14. सबसे दुखद चीज जिसकी मैं कल्पना कर सकत हूँ वो है विलासिता का आदी होना .

विचार (Quotes) 15. हम सभी एक दूसरे की मदद करना चाहते हैं . मनुष्य ऐसे ही होते हैं . हम एक दूसरे के सुख के लिए जीना चाहते हैं, दुःख के लिए नहीं.

विचार (Quotes) 16. मैं ऐसी सुन्दरता के साथ धैर्यपूर्वक नहीं रह सकता जिसे समझने के लिए किसी को व्याख्या करनी पड़े .

विचार (Quotes) 17. मैंने सोचा कि मैं बैगी पैंट, बड़े जूते, एक छड़ी और एक डर्बी टोपी पहन कर तैयार होऊंगा . सब कुछ उल्टा :पैंट  बैगी , कोट तंग, छोटी टोपी और बड़े जूते.

विचार (Quotes) 18. मुझे लगता है कि सही समय पर गलत काम करना जीवन की विडंबनाओं में से एक है.

विचार (Quotes) 19. ज़िन्दगी बढ़िया हो सकती है अगर लोग आपको अकेला छोड़ दें .

चाणक्य के प्रेरणादायक सुविचार Chanakya Thoughts and Quotes

चाणक्य के अनमोल ज्ञानवर्धक विचार Best Thoughts of Chanakya

चाणक्य का जन्म आज से लगभग 2400 साल पहले हुआ था. आचार्य चाणक्य नालंदा विशवविधालय के महान आचार्य थे. आचार्य चाणक्य ने ‘चाणक्य नीति’ ग्रन्थ बनाया था. वह ग्रन्थ आज भी उतना भी प्रचलित है जितना उस कल में हुआ करता था. ‘चाणक्य नीति’ में 17 अध्याय हैं. आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति के अलावा कई ऐसे अनमोल विचार भी कहे थे जिनसे व्यक्ति को बहुत ही अच्छी सिख मिलती है.

विचार (Quotes) 1. कठिन समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए।

विचार (Quotes) 2. विचार अथवा मंत्रणा को गुप्त न रखने पर कार्य नष्ट हो जाता है।

विचार (Quotes) 3. शक्तिशाली राजा लाभ को प्राप्त करने का प्रयत्न करता है।

विचार (Quotes) 4. धर्म का आधार अर्थ अर्थात धन है।

विचार (Quotes) 5. योग्य सहायकों के बिना निर्णय करना बड़ा कठिन होता है।

विचार (Quotes) 6. अर्थ का आधार राज्य है।

विचार (Quotes) 7. प्रकर्ति का कोप सभी कोपों से बड़ा होता है।

विचार (Quotes) 8. ज्ञानी और छल-कपट से रहित शुद्ध मन वाले व्यक्ति को ही मंत्री बनाए।

विचार (Quotes) 9. मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।

विचार (Quotes) 10. सभी मार्गों से मंत्रणा की रक्षा करनी चाहिए।

विचार (Quotes) 11. अविनीत व्यक्ति को स्नेही होने पर भी मंत्रणा में नहीं रखना चाहिए।

विचार (Quotes) 12. दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती। अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।

विचार (Quotes) 13. राज्य का आधार अपनी इन्द्रियों पर विजय पाना है।

विचार (Quotes) 14. वृद्ध सेवा अर्थात ज्ञानियों की सेवा से ही ज्ञान प्राप्त होता है।

विचार (Quotes) 15. आत्मविजयी सभी प्रकार की संपत्ति एकत्र करने में समर्थ होता है।

विचार (Quotes) 16. लापरवाही अथवा आलस्य से भेद खुल जाता है।

विचार (Quotes) 17. कल का कार्य आज ही कर ले।

विचार (Quotes) 18. सुख का आधार धर्म है।

विचार (Quotes) 19. प्रकृति (सहज) रूप से प्रजा के संपन्न होने से नेताविहीन राज्य भी संचालित होता रहता है।

विचार (Quotes) 20. शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।

विचार (Quotes) 21. वृद्धजन की सेवा ही विनय का आधार है।

विचार (Quotes) 22. जहां लक्ष्मी (धन) का निवास होता है, वहां सहज ही सुख-सम्पदा आ जुड़ती है।

विचार (Quotes) 23. ज्ञान से राजा अपनी आत्मा का परिष्कार करता है, सम्पादन करता है।

विचार (Quotes) 24. शासक को स्वयं योगय बनकर योगय प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।

विचार (Quotes) 25. एक अकेला पहिया नहीं चला करता।

विचार (Quotes) 26. सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।

विचार (Quotes) 27. स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों कोसम्मुख रखकर दुबारा उन पर विचार करे।

विचार (Quotes) 28. सुख और दुःख में समान रूप से सहायक होना चाहिए।

विचार (Quotes) 29. अविनीत व्यक्ति को स्नेही होने पर भी अपनी मंत्रणा में नहीं रखना चाहिए।

विचार (Quotes) 30. स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों को सम्मुख रखकर दोबारा उन पर विचार करे।

विचार (Quotes) 31. समस्त कार्य पूर्व मंत्रणा से करने चाहिए।

विचार (Quotes) 32. मंत्रणा रूप आँखों से शत्रु के छिद्रों अर्थात उसकी कमजोरियों को देखा-परखा जाता है।

विचार (Quotes) 33. मन्त्रणा की सम्पति से ही राज्य का विकास होता है।

विचार (Quotes) 34. मंत्रणा की गोपनीयता को सर्वोत्तम माना गया है।

विचार (Quotes) 35. भविष्य के अन्धकार में छिपे कार्य के लिए श्रेष्ठ मंत्रणा दीपक के समान प्रकाश देने वाली है।

विचार (Quotes) 36. राजा, गुप्तचर और मंत्री तीनो का एक मत होना किसी भी मंत्रणा की सफलता है।

विचार (Quotes) 37. मंत्रणा के समय कर्त्तव्य पालन में कभी ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए।

विचार (Quotes) 38. छः कानो में पड़ने से (तीसरे व्यक्ति को पता पड़ने से) मंत्रणा का भेद खुल जाता है।

विचार (Quotes) 39. कार्य-अकार्य के तत्वदर्शी ही मंत्री होने चाहिए।

विचार (Quotes) 40. अप्राप्त लाभ आदि राज्यतंत्र के चार आधार है।

विचार (Quotes) 41. आलसी राजा की प्रशंसा उसके सेवक भी नहीं करते।

विचार (Quotes) 42. आलसी राजा अपने विवेक की रक्षा  नहीं कर सकता।

विचार (Quotes) 43. आलसी राजा प्राप्त वास्तु की रक्षा करने में असमर्थ होता है।

विचार (Quotes) 44. आलसी राजा अप्राप्त लाभ को प्राप्त नहीं करता।

विचार (Quotes) 45. समय को समझने वाला कार्य सिद्ध करता है।

विचार (Quotes) 46. ज्ञान अर्थात अपने अनुभव और अनुमान के द्वारा कार्य की परीक्षा करें।

विचार (Quotes) 47. मनुष्य के कार्ये में आई विपति को कुशलता से ठीक करना चाहिए।

विचार (Quotes) 48. जो अपने कर्तव्यों से बचते है, वे अपने आश्रितों परिजनों का भरण-पोषण नहीं कर पाते।

विचार (Quotes) 49. कोमल स्वभाव वाला व्यक्ति अपने आश्रितों से भी अपमानित होता है।