सूर्यग्रहण 2020 जाने सही तारीख सूतक काल का समय Solar Eclipse 2020

आषाढ़ी अमावस्या सूर्यग्रहण 2020 Sun Eclipse June 2020 Date Time In India

सूर्यग्रहणसूर्यग्रहण- 21 जून साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है ज्योतिष अनुसार इस दिन आषाढ़ मास की अमावस्या तिथि है और इसी दिन साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है। इस ग्रहण के सबसे खास बात ये है कि यह ग्रहण भारत में भी देखा जा सकेगा| ये वलयाकार खण्डग्रास सूर्य ग्रहण होगा। जिसमें चंद्रमा की छाया सूर्य के 99 % भाग को ढक लेगी। आज हम आपको जून माह में लगने जा रहे साल के सबसे बड़े सूर्यग्रहण की सही तारीख, सूतक काल का समय और इस दौरान राखी जाने वाली सावधानियों के बारे में बताएँगे.

कैसा होगा सूर्य ग्रहण का नजारा Solar Eclipse 2020

ज्योतिष अनुसार 21 जून को लगने वाला इस सूर्य ग्रहण का नजारा बड़ा ही दिलचस्प होगा क्योकि आकाशमंडल में चंद्रमा की छाया सूर्य के केन्द्र के साथ मिलकर सूर्य के चारों ओर एक वलयाकार आकृति बनाएगी जिस कारण सूर्य एक सुनहरे कंगन की तरह दिखाई देगा और जिसमे सूर्य का के 99 % भाग ढक जाएगा. ज्योतिष के अनुसार ये ग्रहण संवेदनशील होगा और मिथुन राशि में लगेगा| ग्रहण के समय मंगल ग्रह मीन राशि में स्थित होकर सूर्य, बुध, चंद्रमा और राहु को देखेंगे साथ ही ग्रहण के समय 6 बड़े ग्रह वक्री अवस्था में रहेंगे जिससे एक अशुभ स्थिति का निर्माण होगा।

सूर्यग्रहण व सूतक काल का समय Solar Eclipse 2020 Time

  1. यह सूर्य ग्रहण 21 जून रविवार के दिन लगेगा.
  2. ग्रहण का प्रारम्भ काल शुरू होगा – 21 जून सुबह 10:20 मिनट पर|
  3. ग्रहण का परमग्रास होगा – दोपहर 12:02 मिनट पर|
  4. ग्रहण का समाप्ति काल होगा -21 जून सायंकाल 01:49 मिनट पर |
  5. खण्डग्रास की अवधि – 03 घण्टे 28 मिनट्स 36 सेकण्ड्स की होगी |
  6. सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से ठीक 12 घंटे पहले शुरू हो जाएगा |
  7. सूतक शुरू होने का समय होगा – 20 जून की रात 09:52 मिनट|

सूर्य ग्रहण सावधानियां Surya Grahan Do Not These Things

  • शास्त्रों में ग्रहण को लेकर कुछ सावधानियां बतायी गयी है जिनका पालन सभी को करना चाहिए.
  • ग्रहण काल के दौरान किसी भी मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होती है इसीलिए इस समय किसी भी मंदिर में प्रवेश न करे और ना ही घर के मंदिर में पूजा करे साथ ही ग्रहण के समय पूजा स्थल को किसी पर्दे से ढक दें।
  • ग्रहण के सूतक काल लगने के बाद घर में न तो भोजन पकाना चाहिए और न ही उसे ग्रहण करे हलाकि शास्त्रों में बीमार, बूढ़े और बच्चो को इसकी कोई मनाही नहीं है.
  • ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर पर ही रहना चाहिए क्योकि इस समय वातावरण में नकारातमक शक्तिया प्रभावी रहती है जो उन्हें प्रभावित कर सकती है.
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान लेटना या हाथ-पैर मोड़ कर नहीं बैठना चाहिए.

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  • ग्रहण काल में सोना भी वर्जित माना गया है.
  • ग्रहण अन्धकार का सूचक होता है इसीलिए इस दौरान बाल काटना , नाखून, दाढ़ी मूछ , घर में कलह और गुस्सा बिलकुल भी नहीं करना चाहिए अन्यथा इसके दुष्परिणाम आपको प्राप्त हो सकते है.
  • शास्त्रों के अनुसार ग्रहण लगने से पहले खाने पीने की सभी चीजों में तुलसी का पत्ता डालकर रखना चाहिए.
  • ग्रहण के दौरान लगातार मंत्रों का जाप करते करे.
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिडकाव कर घर को अच्छी तरह से शुद्ध कर ले और ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए दान आदि करना चाहिए.