26 दिसंबर सूर्य ग्रहण में भूलकर भी न करे यह काम | Solar Eclipse 2019 Date

सूर्य ग्रहण में भूलकर भी करे यह काम | Solar Eclipse 2019 

Solar Eclipse 2019 Date Solar Eclipse 2019 Date इस साल का आखरी और सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर गुरुवार को लगने वाला है। जो वलयाकार होगा. यानी ये ग्रहण पूर्णग्रास नहीं बल्कि खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा. इससे पहले इस साल छह जनवरी और दो जुलाई को आंशिक सूर्यग्रहण लगा था. 26 दिसंबर को पड़ने वाला यह ग्रहण भारत के साथ ही एशिया, अफ्रीका, और आस्ट्रेलिया में भी देखा जा सकेगा। साल का यह अंतिम सूर्यगहण खंडग्रास यानी विशेष है, जबकि दक्षिण भारत में कंकणाकृति सूर्य ग्रहण रहने वाला है। सूर्यग्रहण हमेशा अमावस्या में लगता है और 26 दिसंबर को ही पौष माह ही अमावश्या तिथि भी है. बता दे कि सूर्यग्रहण लगने से 12 घंटे पहले ही सूतक काल लग जाता है जो कि ग्रहणकाल के समापन तक चलता है। 26 दिसंबर को लगने वाला अंतिम सूर्यग्रहण सुबह 8.04 बजे से शुरू होगा। और ग्रहण का समापन 10 बजकर 57 मिनट पर होगा। सूतक काल 25 दिसंबर शाम 5 बजकर 31 मिनट से प्रारम्भ होगा. और 26 दिसंबर सुबह 10 बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगा. खण्डग्रास की अवधि होगी – 02 घण्टे 40 मिनट व 6 सेकण्ड्स रहेगी. आज हम आपको बताएँगे सूर्यग्रहण के दिन किन कामो को करने से बचना चाहिए और हमे इस दिन किन कामों में विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए.

सूर्यग्रहण के दौरान कुछ उपाए और सावधानिया  –

  1. सूर्यग्रहण के सभी उपाए आपको सूतक लगने से पहले ही कर लेने चाहिए. क्योकि सूतक लगते ही मंदिरो के दरवाजे बंद कर दिए जाते है यही नहीं बल्कि सूतक काल के समय मूर्तियों को स्पर्श भी नहीं किया जाना चाहिए.
  2. सूतक काल प्रारम्भ होने के बाद तुलसी के पत्ते बिलकुल न तोड़े. आप सूतक काल से पहले ही तुलसी के पत्तो को तोड़ ले और अपने खाने पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दे. परन्तु सूतक लगने के बाद तुलसी  के पौधे को स्पर्श करना भी अशुभ माना जाता है.
  3. सूतक काल के समय सोना भी नहीं चाहिए. और ना ही खाना बनाना और खाना चाहिए. लेकिन बता दे यह नियन बड़े बुजुर्गो, बीमार व्यक्तियों और बच्चो पर लागू नहीं होता.
  4. सूतककाल में आपको ब्रम्हचर्य का पालन करना चाहिए। सूतक काल के दौरान आपको बुरे विचारो, अपशब्द, और झूट बोलने से बचना चाहिए. क्योकि ग्रहण के समय किये गए बुरे कार्य का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है.
  5. सूर्यग्रहण के दिन विशेष धायण रखने योग्य बात यह भी है कि इस दिन सूर्यगहण को गलती से भी डायरेक्ट खुली आँखों से ना देखे.
  6. सूर्य ग्रहण के दौरान मंत्र जप और ध्यान करना सर्वोत्तम माना जाता है। ऐसा करने से आपके कुंडली में मौजूद सभी ग्रह शांत रहते हैं.
  7. सूतक काल के समय सुनसान गजह पर ना जाये. क्योकि इस दौरान यहां अधिक नाकारत्मक ऊर्जा रहती है.
  8. सूतक लगने पर कोई भी शुभ कार्य न करें. क्योकि इस समय किये गए शुभ कार्यों के सफल होने के चान्सेस बहुत कम हो जाते है.
  9. सूर्य ग्रहण के बाद अन्न, कपड़े और धन का दान-पुण्य का महत्व सबसे अधिक माना जाता है. ऐसा करने से भाग्य में कई गुना वृद्धि होती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है.
  10. ग्रहण के समाप्त होने के बाद स्नान आदि करें और अपने पूरे घर में गंगाजल छिड़कर घर को शुद्ध करें. और नया भोजन बनाये.