Sankasthi Ganesh Chaturthi Vrat 2018 व्रत कथा पूजा शुभ मुहूर्त

संकष्टी चतुर्थी पूजा शुभ मुहूर्त Sankasthi Chaturthi Vrat June 2018-

Sankasthi Ganesh Chaturthi Vrat Sankasthi Ganesh Chaturthi Vrat शास्त्रों में गणेश जी को विघ्नहर्ता और सभी देवो से पहले पूजनीय माना गया है. संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा अर्चना की जाती है। पंचांग के अनुसार संकष्टी चतुर्थी का व्रत हर माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल में आता है. शुक्ल पक्ष में आने वाली संकष्टी को विनायक चतुर्थीके नाम से जाना जाता है और कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी कहलाती है संकष्टी चौथ को संकट हारा के नाम से भी जाना जाता है. भारतवर्ष में इस दिन को पूरे हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है. साल 2018 के जून माह में संकष्टी चतुर्थी का यह व्रत 2 जून शनिवार के दिन है. आज हम आपको इस व्रत के शुभ मुहूर्त पूजा विधि और महत्व के बारे में बताएँगे.

संकष्टी चतुर्थी व्रत क्या है Sankasthi Ganesh Chaturthi Vrat Festival 2018 –

संकष्टी चतुर्थी अर्थात संकट हरने वाली चतुर्थी या जिसे कठिन समय से मुक्ति पाने वाली चतुर्थी भी कहा जाता है. शास्त्रों की माने तो इस दिन अपने दुःखों से छुटकारा पाने के लिए लोग गणपति की पूजा आराधना करते है.मान्यता है की इस दिन पार्वती जी के प्रिय पुत्र गणेश जी की पूजा करना बहुत शुभ होता है। संकष्टी के दिन सूर्योदय के समय से लेकर चन्द्रमा उदय होने तक व्रत रखने का महत्व है.

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संकष्टी चतुर्थी व्रत का शुभ मुहूर्त Sankashthi Ganesh Chaturthi Vrat Worship Date Time –

संकष्टी चतुर्थी का यह व्रत Sankasthi Ganesh Chaturthi Vrat कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष के चौथे दिन आता है पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि हर महीने में दो बार आती है इस साल जून माह में संकष्टी चतुर्थी का व्रत 2 तारिख शनिवार के दिन होगा. व्रत का शुभ मुहूर्त और चतुर्थी तिथि 2 जून शनिवार के दिन 1 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी और 3 जून रविवार के दिन 4 बजकर 17 मिनट पर समाप्त होगी.

संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि Sankashthi Ganesh Chaturthi Vrat Puja Shubh Muhurt –

गणेश संकष्टी चतुर्थी के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर अपने सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद भगवान श्री गणेश की की आराधना करनी चाहिए. इस दिन व्रत रखने की बही मान्यता है भगवान् की पूजा के लिए साफ़ आसन पर बैठकर व्रत का संकल्प ले और मौली, अक्षत, पंचामृत, फल, फूल, रौली, आदि से श्रीगणेश जी की विधिवत पूजा करें। गणेश जी की पूजा में तिल से बनी हुई चीजे जैसे  तिल से बने लड्डू या मोदक का भोग लगाएं। जो लोग चतुर्थी का व्रत Sankasthi Ganesh Chaturthi Vrat रखते है उन्हें शाम के समय व्रत कथा पढ़नी अथवा सुननी चाहिए  इसके बाद गणेश जी की आरती करनी चाहिए.

संकट चतुर्थी व्रत का महत्व Importance of Sankashti Ganesh Chaturthi Vrat –

संकट चतुर्थी व्रत Sankasthi Ganesh Chaturthi Vrat के दिन गणेश जी की पूजा करने से घर में सुख शांति का वास होता है और व्यक्ति के जीवन में आने वाले कष्टों का निराकरण होता है मान्यता है की जो लोग इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ इस व्रत को करते है उनके घर में आने वाली सभी विपदाओं और दुखों को भगवान हर लेते हैं.