संकट चौथ शुभ मुहूर्त 2020 Sankashti Chaturthi Vrat 2020

संकट चतुर्थी पूजन विधि Sankashti Chaturthi Date Time 2020 

संकट चौथ शुभ मुहूर्त 2020संकट चौथ शुभ मुहूर्त 2020- भगवान श्री गणेश जी मंगलमूर्ति है शास्त्रों के अनुसार सभी देवों में सबसे पहले श्री गणेश का ही पूजन किया जाता है क्योकि ये शुभता के प्रतीक है बिना इनके पूजन के कोई भी कार्य और इच्छा पूरी नहीं होती है. यूँ तो हर माह चतुर्थी तिथि पड़ती है लेकिन अगर बात करे माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी की तो लोकप्रिय भाषा में इसे संकट चतुर्थी या तिल चौथ भी कहा जाता है. इस दिन श्री विध्नहर्ता गणेश जी की पूजा अर्चना और व्रत किया जाय तो व्यक्ति के समस्त संकट दूर हो जाते है. आज हम आपको साल 2020 माघ माह के संकट चौथ व्रत की शुभ तिथि मुहूर्त और इसकी पूजा विधि के बारे में बताएँगे.

संकट चतुर्थी शुभ मुहूर्त 2020 Sankashti Chaturthi Date Time Shubh Muhurat 2020

  1. साल 2020 संकट चतुर्थी का का व्रत 13 जनवरी सोमवार के दिन रखा जाएगा.
  2. चतुर्थी तिथि शुरू होगी – 13 जनवरी 2020 शाम 05:32 मिनट पर|
  3. चतुर्थी तिथि समाप्त होगी – 14 जनवरी 2020 शाम 02:49 मिनट पर|
  4. सकट चौथ चन्द्रोदय का समय होगा – 14 जनवरी रात्रि 08:33 मिनट पर|

श्री गणेश संकट चतुर्थी पूजन विधि Sankashti Chaturthi Pooja Vidhi 2020

संकट चौथ का व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन मनया जाता है यह व्रत महिलाओं द्वारा अपनी संतान की कुशलता, लंबी आयु, और सफलता के लिए रखा जाता है इस दिन भगवान गणेश और माता पार्वती की विधिवत पूजा करनी चाहिए व्रत का आरंभ तारों की छांव में करते हुए पूरे दिन निराहार रहते हुए एक चौक पर मिटटी की बनी गणेश जी की प्रतिमा बना ले और घर के मंदिर में मंडप बनाकर इस प्रतिमा को स्थापित कर ले भगवन गणेश जी की प्रतिमा का श्रृंगार करते हुए विधिवत पूजा कर उन्हें अत्यधिक प्रिय दूर्वा अर्पित करे और अंत में गणेश जी को मोदक व तिल से बने लड्डुओं का भोग लगाए.

चन्द्रदर्शन व पूजा विधि Sankashti cChaturthi Chandroday Pooja Muhurat 2020

संकट चौथ के व्रत में चंद्र दर्शन और चाँद की पूजा का विशेष महत्व होता है. चतुर्थी के दिन चाँद निकलने के पश्चात चन्द्रमा को दूध मिले पानी से अर्घ्य देते हुए तिल, गुड़ व दूर्वा अर्पित करना चाहिए और उनके समक्ष धुप दीप प्रज्वलित करते हुए चंद्र देव से संतान की दीर्घायु, सुखी जीवन और व्रत की सफलता की कामना करते हुए व्रत पूरा करना चाहिए.

संकट चौथ व्रत का महत्व Sankashti Chaturthi Importance

चौथ का यह व्रत स्त्रियां अपने संतान की दीर्घायु और सफलता के लिए करती है। शास्त्रों के अनुसार इस व्रत के प्रभाव से संतान को रिद्धि-सिद्धि प्राप्त होती है और उनके जीवन में सफलता के मार्ग में आने वाली सभी विघ्न–बाधायें गणेश जी दूर कर देते हैं। यह व्रत व्यक्ति के हर तरह के संकटों तथा दुखों को दूर करने वाला और सभी इच्छाएं व मनोकामनाएं पूरी करने वाला है.

राशिअनुसार जाने साल 2019 का भविष्यफल

संकट चौथ व्रत की कथा Sankat Chaturthi Story in Hindi

चौथ की प्रचलित कथाओं में से एक प्रचलित कथा के अनुसार एक बार विपदा में पड़े देवता भगवान शिव के पास अपनी समस्या के निवारण के लिए गए तब भगवान शिव ने अपने दोनों पुत्रों से पुछा की तुम दोनों में से कौन वो वीर है जो देवताओं के कष्टों का निवारण करेगा. तब कार्तिकेय ने स्वयं को देवो का सेनापति प्रमाणित करते हुए देव रक्षा का अधिकार सिद्ध किया| भगवान शिव ने गणेश जी की इच्छा पूछी तो उन्होंने कहा की में बिना सेनापति बने ही इनके संकट दूर कर सकता हूँ. इसपर महादेव ने दोनों को पृथ्वी की परिक्रमा करने को कहा और कहा की जो पहले परिक्रमा पूरी करेगा वही वीर घोषित किया जाएगा. यह सुन कार्तिकेय पृथ्वी की परिक्रमा के लिए निकल गए लेकिन गणेश जी ने अपने माता पिता की 7 परिक्रमा करते हुए कहा की इनमे ही समस्त तीर्थ निहित है गणेश जी की बात से सभी नतमस्तक हो गए और महादेव ने उनकी प्रसंशा करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया की प्रत्येक कार्य से पहले तुम्हारी पूजा होगी. इसके बाद पिता की आज्ञा से गणेश जी ने देवताओं के संकटो का भी नाश किया.