मोटिवेशनल स्टोरी हिंदी में Powerful Motivational Speech

प्रेरणादायक कहानी Motivational Story in Hindi for Life Struggle

मोटिवेशनल स्टोरी हिंदी में Powerful Motivational Speech हममे से ही कई लोग मन लगाकर काम तो करते है लेकिन उसमे सफल नहीं हो पाते इसके पीछे एक बहुत ही छोटा सा कारण है वो है हम उस काम में अपना बेस्ट नहीं दे पाते. किसी भी काम को करने में अगर आप अपना बेस्ट देंगे तो आप सोच भी नहीं सकते की क्या हो सकता है. आईये इस बात को हम समझते है एक छोटी सी मोटिवेशनल स्टोरी से.

एक बार जंगल में अकाल पड़ गया था.. जंगल के कई सारे जानवर जंगल से गायब हो रहे थे. और जो जानवर बचे थे उन्हें भी शेर एक एक करके खाये जा रहा था. देखते देखते जंगल के सभी जानवर खत्म हो चुके थे बस जंगल में बची थी तो एक बकरी, और उसके दो बच्चे. और आज वो बुखा शेर उस बकरी को खाने वाला था.

शेर के खाने के डर से बकरी बहुत ज्यादा घबराती है क्योकि वो अच्छे से जानती है कि जंगल में एक भयानक शेर है और आज रात वह उस शेर का भोजन बनने वाली है. अपनी माँ को डरा देख बकरी के दो बच्चे भी बहुत डर जाते है. अब बकरी को अपनी ही नहीं बल्कि अपने बच्चो की भी बहुत चिंता सताती है.

बकरी को कैसे भी अपने बच्चो को बचाना था. बकरी शेर से बचने की एक योजना बनती है और अपने दोनों बच्चो को भी उस प्लान के बारे में बताती है. शाम होते ही शेर जब पानी पीने के लिए अपनी गुफा से बाहर जाता है तभी बकरी अपने ओर अपने दोनों बच्चों के साथ शेर की गुफ़ा में जाकर छुप जाती है |

 ले’किन वही पास में पेड़ पर बैठा एक बन्दर ये सब देख़ लेता हैं. शेर को आज रात जगल में कुछ नहीं मिला  होता है क्योकि वो बकरी तो अब शेर की गुफा में ही आ चुकी थी. सारा जंगल छान मारने के बाद थका – हारा शेर अपनी गुफ़ा की और वापिस लौट रहा होता है, तभी पेड़ पर बैठा बंदर शेर को कहता हैं. क्या हुआ शेर राजा. तुम अभी कहा से..

शेर कहता है अरे आज मई बुखा हु बस खाने की तलाश में जंगल घूम रहा था. लेकिन आज मुझे कोई भी बकरी नहीं मिली. तभी बन्दर कहता है. अरे तुम्हारी गुफा में तो एक बकरी ओर उसके दो बच्चे छुपे है ओर तुम भोजन की तलाश में जंगल घूम रहे हो.लेकिन शेर को ये बात कुछ रास नहीं आयी. शेर बन्दर को जवाब देता हैं बकरी की इतनी हिम्मत की वो मेरी गुफा में खुद चलकर आये. लेकिन बन्दर के बार – बार समझाने पर शेर यकीन कर लेता है. लेकिन जैसे ही बकरी के बच्चो को पता चलता है कि शेर गुफा के बाहर खड़ा है वो अजीब सी और डरवानी सी आवाज निकालते है.

आवाजे सुनकर शेर को लगता है कि उसकी गुफा में कोई बड़ा और भयानक जानवर आ चूका है. कुछ देर में ही गुफा के अंदर से आवाज आती है. माँ-माँ हमे भोजन दो.. हमे बहुत भूख लगी हैं तभी बकरी कहती हैं बचो सब्र रखो. अभी शेर मामा आयेंगे. तब हम लोग उन्हें नोंच-नोंच कर खायेंगे.

अब शेर उनकी बातें सुनकर बहुत डर जाता है. ओर दबे पाव बाहर आकर बन्दर को कहता है. सच बता गुफ़ा में कौन हैं.  बन्दर कहता हैं मेरा यक़ीन करों अंदर बकरी ही हैं मेने उसे खुद गुफा में जाते हुए देखा था. शेर अब बहुत गुस्से में बंदर को कहता है बकरी की इतनी हिम्मत नहीं की वो मेरी ही गुफ़ा में आकर मेरे अंदर आने का इंतजार करे.

ओर बन्दर को कहता है की अगर अंदर बकरी ही है तो तू भी मेरे साथ अंदर चल.  बन्दर शेर के साथ अंदर चलने को तैयार हो जाता है लेकिन शेर अभी भी इतना डरा हुआ था की उसने बन्दर को तेज से पकड़ा हुआ था. शेर की डर के मारे आगे चलने की हिमत नहीं हो रहीं थी तभी शेर ने उल्टा चलना शुरू कर दिया ताकि मुसीबत आने पर वो तेजी से भाग सके .

तभी प्लानिंग के मुताबिक बकरी के बच्चें कहने लगे माँ-माँ बहुत भूख़ लग रहीं है अब रहा नहीं जा रहा हैं | और जैसे ही बकरी ने शेर और बंदर को गुफा के अंदर आते देखा बकरी का ध्यान गया शेर ने बंदर को पकड़ा हुआ हैं |

तभी बकरी ने कहा वो देखों बंदर चाचा शेर को पकड़ कर ले आए हैं और अब हम शेर नोंच-नोंच कर बोटियाँ अलग कर के खायेंगे ये सुन कर शेर को लगा बंदर उसे किसी का शिकार बनाने के लिए लेकर जा रहा हैं और शेर वहां से दुम दबा के बहार भाग निकला शेर के साथ-साथ बंदर भी भाग गया और इस से बकरी और उसके बच्चों की जान बच गयी |

सिख –

दोस्तों वहीं बकरी जो शेर के सामने बहुत ही कमजोर थी. लेकिन बकरी ने बिना फल की चिंता किये अपना बेस्ट दिया. क्योकि बकरी को सिर्फ अपनी ओर अपने बच्चो की जान बचाने थी इसलिए बकरी ने डर से आगे सोचा. बकरी के एक बार भी दिमाग में नहीं आया कि अगर उसका ये प्लान फ़ैल हो गया तो उसका तब रिजल्ट किया होगा. लेकिन बकरी ने हिम्मत दिखाई और अपना बेस्ट दिया और अपने से कई गुना शक्तिशाली शेर को भी उसके कॉन्फिडेंस में कमजोर कर दिया.

तो दोस्तों इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हर परेशानी का कोई न कोई हल होता ही है, हमें बस शान्त रह कर अपनी सूझबूझ से काम लेना चाहिए। और अपना बेस्ट देना चाहिए.

हमारी लाइफ में भी कभी ऐसा समय आ जाता है जब हम बहुत ही मुश्किल हालातो में फंस जाते है. या हमारे सामने कोई रास्ता नजर नहीं आता चाहे वह वो प्रॉब्लम Health, financial हो, Job हो या फिर अपना ही Relationship का matter हो. जब भी ऐसे कठिन हालात लाइफ में आते है तब हम बहुत ही कमजोर पड़ जाते है. बल्कि इसी समय में हमे धैर्य की जरूरत पड़ती है. ऐसे समय में अगर आप कमजोर ना पढ़कर अपना बेस्ट दे तो परेशानी बहुत जल्दी ही खत्म हो जाएगी.

दोस्तों “हमारे साथ वैसा ही होता है जैसा हम मानते है और विश्वास करते है|” याद रखो “हम वो सब कर सकते है जो हम सोच सकते है और हम वो सब सोच सकते है जो आज तक हमने नहीं सोचा. सामने वाला कितना भी ताकतवर क्यों ना हो या आपके सामने किसी भी कठिन परिस्थितयां ही क्यों न हो  लेकिन आप अपना बेस्ट दो.

कहते है ना हारने वाले हमेशा असफलता के डर के बारे में सोचते है.

जबकि जितने वाले हमेशा सफलता के पुरुस्कार के बारे में सोचते है.