पापाकुंशा एकादशी व्रत 2020 Papakunsha Ekadashi Date Time 2020

पापाकुंशा एकादशी व्रत Papakunsha Ekadashi Importance 2020

पापाकुंशा एकादशी व्रत पापाकुंशा एकादशी व्रत – शास्त्रों में एकादशी व्रत का बहुत आश्विन महत्व बताया गया है. हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते हैं। इस दिन भगवान पद्मनाभ की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि इस एकादशी का व्रत जो भी व्यक्ति करता है तो इस व्रत के प्रभाव से उसे तप के समान फल की प्राप्ति होती है। अगर इस दिन सच्चे मन से भगवान् विष्णु जी की पूजा-अर्चना की जाए तो इससे व्यक्ति का मन भी शुद्ध हो जाता है। आज हम आपको साल 2020 आश्विन मास की पापाकुंशा एकादशी व्रत की सही तारीख पूजा का शुभ मुहूर्त पूजा विधि व्रत के पारण का समय और इस व्रत के कुछ जरूरी नियमो के के बारे में बताएँगे.

पापाकुंशा एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त 2020 Papakunsha Ekadashi Date time 2020

  1. साल 2020 अधिक मास में आने वाली पापाकुंशा एकादशी का व्रत 27 अक्टूबर मंगलवार के दिन रखा जायेगा|
  2. एकादशी तिथि प्रारम्भ होगी – 26 अक्टूबर प्रातःकाल 09:00 मिनट पर|
  3. एकादशी तिथि समाप्त होगी – 27 अक्टूबर प्रातःकाल 10:46 मिनट पर|
  4. एकादशी व्रत के पारण का समय होगा – 28 अक्टूबर प्रातःकाल 06:30 मिनट से प्रातःकाल 08:44 मिनट तक|

पापाकुंशा एकादशी पूजा विधि Papakunsha Ekadashi Puja Vidhi

आश्विन मास की पापाकुंशा एकादशी के दिन सुबह स्नान करने के बाद सर्वप्रथम सूर्यदेव को जल का अर्घ्य दें और इसके बाद भगवान विष्णु जी की प्रतिमा पूजास्थल पर स्थापित करे अब धूप-दीप और नैवेद्य के साथ भगवान विष्णु जी को भोग लगाएं. इसके बाद एकादशी व्रत में विष्णु मंत्र आरती और एकादशी व्रत कथा पढ़े या सुने. एकादशी के दिन फलाहार व्रत के बाद द्वादशी के दिन पारण मुहूर्त में व्रत का पारण कर ब्राह्मण को भोजन कराकर दान दक्षिणा देने के बाद एकादशी व्रत द्वादशी के दिन पारण मुहूर्त में खोलें।

पापाकुंशा एकादशी नियम Papakunsha Ekadashi Vrat Niyam

  1. एकादशी के दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को एक समय फलहार करना चाहिए।
  2. यह कोशिश करें कि व्रत वाले दिन किसी भी व्यक्ति पर क्रोध न करें।
  3. एकादशी का व्रत करने वाले व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
  4. एकादशी तिथि से एक दिन पहले दशमी तिथि को सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए और रात्रि 12 बजे के बाद कुछ भी ग्रहण न करें।
  5. एकादशी के दिन घर में तामसिक भोजन नहीं बनाना चाहिए बल्कि सात्विक भोजन ही बनना चाहिए।
  6. यदि आप एकादशी का व्रत रखते है तो आज के दिन चावल से परहेज करे.
  7. एकादशी व्रत के दिन फलाहार करके व्रत कथा जरूर सुनने चाहिए इससे व्रती को कई गुना आश्विन शुभ फल प्राप्त होते है.
  8. एकादशी व्रत का नियम तीन दिन दशमी, एकादशी और द्वादशी का होता है. हो सके तो तीनो दिन चावल से परहेज करे.