मोहिनी एकादशी व्रत 2020 Mohini Ekadashi Date Time Puja Muhurat 2020

मोहिनी एकादशी व्रत Mohini Ekadashi Importance 2020

मोहिनी एकादशीमोहिनी एकादशी- शास्त्रों के अनुसार वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी व्रत रखा जाता है।मोहिनी एकादशी का व्रत रखने वाले व्यक्ति को विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु जी की साधना और व्रत रखना चाहिेए इससे व्यक्ति को वर्षों की तपस्या का पुण्य फल प्राप्त होता है. इस दिन भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन से निकले अमृत कलश को बचाने के लिए मोहिनी रूप धारण किया था। आज हम आपको साल 2020 वैशाख मास की एकादशी के शुभ मुहूर्त पूजा विधि और इस दिन किये जाने वाले उपायों के बारे में बताएँगे.

मोहिनी एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त 2020 Mohini Ekadashi Date time 2020

  1. साल 2020 में 3 मई रविवार को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जायेगा|
  2. एकादशी तिथि प्रारम्भ होगी – 3 मई, 2020 को प्रातःकाल 09:09 मिनट पर|
  3. एकादशी तिथि समाप्त होगी – 4 मई प्रातःकाल 06:12 मिनट पर|
  4. एकादशी व्रत के पारण का समय होगा -4 मई सायंकाल 01:38 से 04:18 मिनट तक|

मोहिनी एकादशी पूजा विधि Mohini Ekadashi Puja Vidhi

मोहिनी एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की साफ-सफाई करें और फिर स्‍नान करने के बाद स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण कर व्रत का संकल्‍प लें.  अब घर के मंदिर में भगवान विष्‍णु की प्रतिमा,स्थापित करे और उनके समक्ष दीपक जलाएं. इसके बाद विष्‍णु जी की प्रतिमा को अक्षत, फल फूल, नारियल और मेवे अर्पित करे आज के दिन विष्‍णु जी की पूजा में तुलसी के पत्ते अवश्‍य रखें क्योकि तुलसी भगवन विष्णु जी को बेहद प्रिय है इसके बाद धूप दिखाकर श्री हरि विष्‍णु की आरती करे और सूर्यदेव को जल अर्पित कर एकादशी व्रत की कथा सुनें.

एकादशी व्रत का पारण कब करें Mohini Ekadashi Vrat Paran 2020

शास्त्रों की माने तो एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले ही करना शुभ होता है यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाती है तो इस स्थिति में सूर्योदय के बाद ही पारण किया जाता है। एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान भी नहीं करना चाहिए। इसलिए जो भी यह व्रत रखते है और व्रत का पारण करते है उन्हें हरि वासर की अवधि समाप्त होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए और फिर पारण करना चाहिए.

मोहिनी एकादशी व्रत के नियम Mohini Ekadashi Vrat Niyam

  1. प्रत्येक व्रत की तरह इस व्रत के भी कुछ नियम है
  2. आज के दिन कांसे के बर्तन में भोजन नहीं करना चाहिए
  3. एकादशी में चावल नहीं खाना चाहिए। क्योंकि इसे व्रत में वर्जित माना गया है।एकादशी के दिन चावल का त्याग करने से व्रत का दोगुना फल मिलता है।
  4. एकादशी के व्रत में लहसुन, प्याज और मसूर की दाल का सेवन नहीं करना चाहिए।
  5. इस व्रत का पालन व शुरुआत दशमी तिथि से होती है। जो द्वादशी तक चलती है। इसमें एकादशी के दिन पूर्ण व्रत रखना चाहिए।

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मोहिनी एकादशी व्रत उपाय Mohini Ekadashi Importance

  1. मोहिनी एकादशी पर भगवान विष्णु जी को पीले फल फूल और मिष्ठान अर्पित करे
  2. आज के दिन भगवान विष्णु जी को केले का भोग लगाए
  3. एक स्वच्छ आसन पर बैठकर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करें.
  4. भगवान विष्णु जी को पीले फल फूल अर्पण करें और गाय के घी का दिया जलाएं.
  5. एकादशी के दिन से लगातार 21 दिन तक नारायण स्तोत्र का पाठ जरूर करें.