सीता जयंती 2020 पति की लंबी उम्र के लिए 1 महाउपाय Janki Jayanti 2020 Date

जानकी जयंती कब है 2020 Janki Jayanti Pooja Vidhi

सीता जयंतीसीता जयंती- पंचांग की माने तो जानकी जयंती का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन मनाया जाता है यह पर्व सीता जयंती और सीता अष्टमी के नाम से भी लोकप्रिय है।  इस दिन जनक पुत्री माता सीता की विशेष रूप से पूजा अर्चना की जाती है। शास्त्रों में इसे बेहद पवित्र तिथि माना जाता है मान्यता है की सीता अष्टमी के दिन सुहागन महिलाये अपने पति की लंबी उम्र और उनके सुखी जीवन के लिए व्रत व माता सीता की पूजा करती है आज इस वीडियो में हम आपको साल 2020 सीता जयंती पर्व की शुभ तिथि पूजा का शुभ मुहूर्त पूजा विधि और सुहाग की लम्बी आयु के लिए किया जाने वाला एक प्रभावशाली महाउपाय बताएँगे.

जानकी जयंती 2020 शुभ मुहूर्त Janki Jayanti Date Time Shubh Muhurat 2020

  1. साल 2020 में जानकी जयंती का व्रत और पर्व 16 फ़रवरी रविवार के दिन मनाया जाएगा.
  2. अष्टमी तिथि शुरू होगी – 15 फ़रवरी शनिवार सायंकाल 04:29 मिनट पर|
  3. अष्टमी तिथि समाप्त होगी – 16 फ़रवरी रविवार 03:13 मिनट पर|

जानकी जयंती पूजा विधि Janki Jayanti Puja Vidhi In Hindi

जानकी जयंती की पूजा विधि के लिए अष्टमी तिथि के दिन प्रातःकाल उठकर व्रत का संकल्प करे और चौकी पर सीताराम की प्रतिमा स्थापित कर ले. अब सबसे पहले प्रथम पूज्य गणेश जी की आराधना करे और इसके बाद विधिवत माता सीता और भगवान राम जी की पूजा करे. पूजा के दौरान देवी सीता को पीले रंग के फूल कपडे और सुहाग का साम अर्पित करे. इसके बाद उन्हें भोग लगाते हुए आरती कर ले. अंत में भगवान राम और माता सीता से अपने परिवार व सुहाग की लम्बी आयु व सुख समृद्धि की कामना करे.

जानकी जयंती का महत्व Janki Jayanti Importance

जानकी जयंती के दिन माता सीता का जन्म हुआ था. इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को जीवन में कई बहुत अधिक लाभ प्राप्त होते है। मान्यता है की जो भी व्यक्ति इस दिन भगवान श्री राम और माता सीता की विधिवत पूजा करता है। उसे 16 महान दानों के बराबर का फल प्राप्त होता है. माता सीता जन्म पुष्य नक्षत्र में मंगलवार के दिन हुआ था राजा जनक की पुत्री होने के कारण इन्हे जानकी नाम से भी जाना जाता है।

पति की दीर्घायु के लिए करे ये उपाय Janki Jayanti Mahaupay

जानकी जयंती के दिन सभी सुहागन महिलाये अपने घर की सुख शांति और अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। शास्त्रों में जानकी जंयती के दिन कुछ ऐसे उपाय बताये गए है जिन्हे यदि सच्ची श्रद्धा के साथ किया जाय तो न सिर्फ पति की लंबी आयु और योग्य वर का वरदान प्राप्त होता हैं बल्कि विवाह में आ रही परेशानियों का भी अंत होता है.

  1. जानकी जयंती के लिए बनायीं जाने वाली प्रतिमा यदि मिट्टी से बनायीं हो तो इससे पूजा का दोगुना फल मिलता है.
  2. सुहाग की दीर्घायु के लिए इस दिन देवी सीता को पीले फूल और लाल चुनरी ओढ़ाकर शृंगार का सामान अर्पित करें।
  3. विवाह में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए जानकी जयंती की शाम रुद्राक्ष की माला से श्री जानकी रामाभ्यां नमः मंत्र का 108 बार जप करना बहुत ही लाभकारी होता है.
  4. देवी सीता को प्रसन्न करने और सुख समृद्धि पाने के लिए जानकी जयंती के दिन रामायण का पाठ शुरू कर रोजाना इसका एक अध्याय पढ़ना शुभ होता है.