Gupt Navratri Date Time 2020 माघ गुप्त नवरात्रि तिथि शुभ मुहूर्त 2020

गुप्त नवरात्रि कब है 2020 Gupt Navratri 2020 Kab Hai

Gupt Navratri Gupt Navratri – देवी भागवत के अनुसार पूरे साल भर में चार बार नवरात्रि आती हैं जिसमे से शारदीय नवरात्री और चैत्र नवरात्रि के वक्त शक्ति की प्रतीक माँ दुर्गा की आराधना खूब जोर-शोर से की जाती है लेकिन क्या आप जानते है कि साल भर में शारदीय और चैत्र नवरात्री के अलावा दो गुप्त नवरात्री भी आती है जिनमे इच्छा पूर्ति तथा सिद्धि प्राप्त करने के लिए पूजा और अनुष्ठान किया जाता है. गुप्त नवरात्रो में माँ काली के गुप्त स्वरुप और मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। इस दौरान नौ दिनों तक उपवास रखने का विधान और इसकी पूजा रात में की जाती है। आज हम आपको साल 2020 गुप्त नवरात्र पर्व की शुभ तिथियां शुभ मुहूर्त पूजा विधि के बारे में बताएँगे.

माघ गुप्त नवरात्रि शुभ मुहूर्त 2020 Gupt Navratri Dates 2020

  1. साल 2020 में गुप्त नवरात्रि का पर्व 25 जनवरी से शुरू होकर 4 फ़रवरी तक चलेगा.
  2. 25 फ़रवरी के दिन कलश स्थापना की जायेगी|
  3. 4 फ़रवरी दशमी तिथि के दिन व्रत के पारण के साथ नवरात्रि का पर्व समाप्त होगा.
  4. गुप्त नवरात्र के दौरान साधक महाविद्या व तंत्र साधना के लिए मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।

गुप्त नवरात्रि पूजा विधि Gupt Navratri Pooja Vidhi

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्रि में की गयी पूजा को गोपनीय रखा जाता है नवरात्रि के पहले दिन स्नान आदि से निवृत होकर व्रत का संकल्प ले और नौ दिनों के लिए शुभ मुहूर्त में कलश की स्थापना करे यदि आप कलश स्थापना करते है तो सुबह शाम देवी मंत्र जाप, चालीसा या सप्तशती का पाठ जरूर करे. देवी मां को दोनों वेला के समय लौंग और बताशे का भोग लगाएं, गुप्त नवरात्रो के दौरान मां को लाल रंग के फूल चढ़ाना सर्वोत्तम मन जाता है नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक अपना खान पान और आहार सात्विक रखें. गुप्त नवरात्री में गुप्त रूप से की गयी देवी की आराधना जल्द ही फलीभूत होती है और व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी करती है।

गुप्त नवरात्री का महत्व Importance of Magh Gupt Navratri

शास्त्रों के अनुसार गुप्त नवरात्री में बेहद कड़े नियमो का पालन करते हुए व्रत और माँ काली की साधना की जाती है। यह नवरात्रि तांत्रिक सिद्धियों की पूजा के लिए सबसे उत्तम मानी गयी है। जिसमे पूरे नौ दिनों तक व्रत रखने के साथ ही साधक को नमक व अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसी मान्यता है की गुप्त नवरात्री में यदि ज्यादा प्रचार प्रसार न करते हुए साधक द्वारा अपनी साधना को गुप्त रखा जाय तो साधक की मनोकामना और सफलता मिलने की सम्भावनाये उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है.

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सामान्य और गुप्त नवरात्री में अंतर Difference Between Normal Navaratri and Gupt Navaratri

  1. साल 2020 में गुप्त नवरात्रि का पर्व 25 जनवरी शनिवार से शुरू होकर 4 फ़रवरी तक चलेगा.
  2. घटस्थापना का शुभ मुहूर्त होगा – 25 फ़रवरी प्रातःकाल 09:39 मिनट से प्रातःकाल 10:38 मिनट तक|
  3. मुहूर्त की कुल अवधि होगी – 59 मिनट की होगी|
  4. घटस्थापना का अभिजित मुहूर्त होगा – दोपहर 12:03 मिनट से 12:46 मिनट तक |
  5. मुहूर्त की कुल अवधि – 43 मिनट की होगी|
  6. प्रतिपदा तिथि शुरू होगी – 25 जनवरी सुबह 03:11 मिनट पर |
  7. प्रतिपदा तिथि समाप्त होगी – 26,जनवरी सुबह 04:31 मिनट पर |
  8. 4 फ़रवरी दशमी तिथि के दिन व्रत के पारण के साथ नवरात्रि का पर्व समाप्त होगा.