Govardhan Puja 2018 Date Time Shubh Muhurt गोवर्धन पूजा मुहूर्त

गोवर्धन पूजा मुहूर्त पूजन विधि 2018 Govardhan Puja Vidhi festival tips

Govardhan Puja 2018 दीवाली के त्यौहार के बाद गोवर्धन पूजा Govardhan Puja 2018 का पर्व मनाया जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है। भक्त इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत प्रतीक रूप में बनाते है और इसके बाद श्रीकृष्ण, गायें, ग्वाल-बालों, इंद्रदेव, वरुणदेव, अग्निदेव और राजा बलि का पूजन करते है. आज हम आपको साल 2018 में गोवेर्धन पूजा तिथि, शुभ मुहूर्त और इसके महत्व के बारे में बताएँगे.

गोवर्धनपूजा तिथि व शुभ मुहूर्त Govardhan Puja Date Tithi 2018

  1. साल 2018 में गोवेर्धन पूजा का त्यौहार 8 नवंबर गुरुवार के दिन मनाया जाएगा|
  2. गोवर्धन पूजा प्रातःकाल शुभ मुहूर्त- 06:42 बजे से 08:51 बजे तक|
  3. गोवर्धन पूजा सायं काल मुहूर्त – 15:18 बजे से सायं 17:27 बजे तक|
  4. प्रतिपदा तिथि प्रारंभ- 7 नवंबर 21:31 बजे से
  5. प्रतिपदा तिथि समाप्त- 8 नवंबर 21:07 बजे तक

गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजन- सामग्री Govardhan Puja pujan samgri

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शरीर की तेल मालिश करके स्नान करने की प्रथा है. श्रद्धालु इस दिन घर के द्वार पर गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतीक रूप निर्मित करते हैं| और इसके बाद ही पूजा की जाती है गोवेर्धन पूजा के लिए आपको धूप, दीप, नैवेद्य, जल, फल, खील, दही, गंगाजल, शहद, बताशे, गाय का गोबर (गोवर्धन पर्वत बनाने के लिए), पूजन थाल, कलश,रोली , मौली , अक्षत, फूल माला,  2 गन्ने, चावल, पंचामृत के लिए दूध, दही, शहद, घी और शक्कर, भगवान कृष्ण की प्रतिमा आदि की आवश्यकता होती है.

गोवर्धन पूजा पूजन विधि Govardhan Puja pujan vidhi

शास्त्रों के अनुसार कार्तिक मास बेहद ही शुभ माना गया है इस महीने कई बड़े त्यौहार आते है जिसमें से एक है गोवर्धन -पूजा जिसे हम अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गाय की पूजा आराधना की जाती है।गोवर्धन पूजा के दिन प्रातः काल उठकर स्नान आदि के बाद पूजा स्थल की सफाई कर गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है और इसे फूलो व डालियो से सजाया जाता है शाम के समय गाय के गोबर से बनाये गए गोवर्धन पर्वत पर अक्षत, चंदन, धूप, फूल- फल आदि अर्पित कर इसकी पूजा और परिक्रमा की जाती है इसके बाद पर्वत के समक्ष दीप जलाकर भगवन श्रीकृष्ण जी की प्रतिमा की पूजा करे. इसके बाद गुड़ से बनी खीर, पुरी, चने की दाल और गुड़ का भोग लगाकर गाय माता को भी खिलाये और पूजा करे.इसके बाद सभी लोगो में प्रसाद वितरण करना चाहिए. गोवर्धन गिरि भगवान के रूप में माने गए हैं मान्यता है की इस दिन घर में उनकी पूजा करने से धन, धान्य, संतान और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है.

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गोवर्धन पूजा भोग Govardhan puja bhog

गोवर्धन पूजा के दिन भगवान बनखे बिहारी जी को को तरह-तरह के व्यंजनों के भोग लगाए जाते हैं और कई जगहों पर प्रसाद के लंगर लगाए जाते है. इस दिन गाय, बैल आदि पशुओं को स्नान कराकर उन्हें मिठाई का भोग लगाकर उनकी आरती उतारी जाती है गोवर्धन पूजा के दिन भक्त भगवान् को छप्पन प्रकार के पकवानो से भोग लगाते है.