Diwali 2018 kab hai | Diwali Date Time Puja Shubh Muhurt | दीपावली कब है

दिवाली संपूर्ण पूजा विधि Diwali 2018 Date Time Deepawali Puja Shubh Muhurt

Diwali 2018 kab haiDiwali 2018 kab hai पूरे भारत में दीपावली का त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है शास्त्रों की माने तो हर वर्ष यह त्यौहार कार्तिक माह की अमावस्या के दिन मनाया जाता है. यह त्यौहार अन्धकार को प्रकाश में बदलने का संकेत देता है दिवाली के दिन माता लक्ष्मी जी की पूजा करने का बहुत अधिक महत्व बताया गया है. इस साल दीपावली का त्यौहार 5 नवम्बर धनतेरस से शुरू होकर 9 नवंबर भाईदूज तक चलेगा. आज हम आपको साल 2018 में दीपावली पर्व के शुभ मुहूर्त और इस दिन की जाने वाली संपूर्ण पूजा विधि के बारे में बताएँगे.

दीवाली लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त और तिथि 2018 Diwali Pooja Muhurt Diwali 2018 kab hai

ये तो हम सभी जानते है की दीवाली के दिन माँ लक्ष्मी जी की पूजा का विशेष महत्व होता है. कहा जाता है की यदि इस दिन शुभ मुहूर्त में पूजा की जाए तो माँ लक्ष्मी जी का आशीर्वाद व्यक्ति को प्राप्त होता है  ब्रह्मपुराण की माने तो अमावस्या तिथि ही महालक्ष्मी पूजन के लिए सबसे उत्तम मानी गयी है. लक्ष्मी पूजन प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है.

  1. साल 2018 में दीपावली का त्यौहार 7 तारीख बुधवार के दिन मनाया जाएगा.
  2. अमावस्या तिथि 6 नवंबर 2018 मंगलवार को शुरू होगी और 7 नवंबर 2018 बुधवार के दिन समाप्त होगी.
  3. लक्ष्मी पूजा का शुभ समय 17: 57 मिनट से 19 : 53 मिनट (5:57 मिनट से 7: 53 मिनट)|
  4. पूजा की अवधि 1 घंटा 55 मिनट की होगी.
  5. प्रदोष काल का समय 5: 30 मिनट से 8 :11 मिनट तक.

दिवाली लक्ष्मी पूजन विधि dewali Puja Vidhi 2018 shubh muhurt 

दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन शाम के समय और रात्रि शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी जी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा की जाती है। पुराणों की माने तो ऐसी मान्यता है की कार्तिक अमावस्या की अंधेरी रात में माँ लक्ष्मी स्वयं धरती पर आती है इसीलिए दीपावली के दिन घर को हर तरह से साफ़ सुथरा और प्रकाशवान रखना चाहिए लक्ष्मी जी की पूजा के साथ ही इस दिन भगवान् कुबेर की भी पूजा की जाती है.

  1. लक्ष्मी पूजन से पहले घर की साफ-सफाई अच्छी तरह से करनी चाहिए.
  2. घर में गंगाजल छिड़ककर पूरे घर की शुद्धि करनी चाहिए.
  3. घर के द्वार को रंगोली और दीयों से सजना चाहिए.
  4. माँ लक्ष्मी जी की पूजा के लिए पूजा स्थल पर एक चौकी रखकर उसपर लाल कपड़ा बिछाकर उसमें लक्ष्मी जी और गणेश जी की प्रतिमा और जल से भरा एक कलश रखना चाहिए.
  5. सर्वप्रथम माता लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति पर तिलक लगाकर धुप डीप जलाना चाहिए.
  6. पूजा में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजे माता को अर्पित करनी चाहिए.
  7. माता लक्ष्मी के साथ साथ देवी सरस्वती, मां काली, भगवान विष्णु और कुबेर की भी विधिवत पूजा करनी चाहिए.

राशिअनुसार जाने साल 2018 का भविष्यफल

  1. मान्यता है की माँ लक्ष्मी जी की पूजा के बाद तिजोरी और बहीखाते की पूजा करना भी बेहद शुभ होता है.
  2. इस तरह दिवाली के दिन पूरे विधि विधान के साथ शुभ मुहूर्त में माँ लक्ष्मी जी की आराधना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और साथ ही उसे धन वैभव और समृद्धि का वरदान प्राप्त होता है.