धनतेरस 100 साल बाद महासंयोग Dhanteras 2019 Mhasanyog Puja Vidhi

धनतेरस पूजा विधि व उपाय Dhanteras 2019 Date Shubh Muhurat

Dhanteras 2019 MhasanyogDhanteras 2019 Mhasanyog- साल 2019 में धनतेरस का पर्व कार्तिक कृष्णा पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन यानि 25 अक्टूबर शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा| इस दिन भगवान् धन्वन्तरि जी जिन्हें भगवान विष्णु के अंशावतार और देवताओं के वैद्य माना गया है उनकी जयंती भी मनायी जाती है.  इसी दिन आरोग्य प्राप्ति के लिए याम के नाम का दीपक घर के मुख्य द्वार पर जलाने की भी प्रथा है ज्योतिषि की माने तो इस बार करीब 100 सालों बाद धनतेरस पर शुभ संयोग बनेगा जो की इस दिन पूजा और धनप्राप्ति के उपायों के लिए खास होगा आज हम आपको धनतेरस पर बनने जा रहे संयोग और इस संयोग में किये जाने वाले एक छोटे से उपाय के बारे में बताएँगे।

धनतेरस महासंयोग 2019 Dhanteras mahasanyog 2019

इस बार धनतेरस या धनत्रयोदशी का पर्व 25 अक्टूबर शुक्रवार के दिन होगा यूँ तो धनतेरस के दिन अबूझ मुहूर्त होता है लेकिन इस साल धनतेरस शुक्रवार के दिन होने के कारण शुक्र प्रदोष भी रहेगा जिसके चलते धनतेरस पर शुक्र प्रदोष और धन त्रयोदशी का महासंयोग बनेगा वही इस दिन ब्रह्म व सिद्धि योग बनेंगे जो आज से करीब 100 साल पहले धनतेरस पर बने थे कहा जा रहा है की समृद्धि की वर्षा इसी संयोग में होगी। इसके साथ ही इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग बनने से इस धनतेरस का महत्व और भी अधिक बढ़ जायेगा जिसके कारण इस दिन जो भी शुभ कार्य और खरीदारी की जायेगी वह समृद्धिकारक होगी| शुक्रवार देवी लक्ष्मी जी दिन माना जाता है। इसीलिए शुक्र प्रदोष के इस संयोग में देवी लक्ष्मी और गणेश जी की आराधना बहुत ही फलदायी होगी.

धनतेरस तिथि व शुभ मुहूर्त 2019 Dhanteras Date Puja Timing 2019

  1. साल 2019 में धनतेरस का पर्व 25 अक्टूबर शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा|
  2. धनतेरस पूजा का शुभ मुर्हुत होगा 25 अक्टूबर शुक्रवार शाम 07:08 मिनटसे रात 08:14 मिनट तक|
  3. प्रदोष काल की पूजा का शुभ समय होगा शाम 05:39 मिनट से रात 08:14 मिनट तक|
  4. प्रदोषकाल में दीपदान और लक्ष्मी पूजन शुभ माना जाता है.
  5. वृषभ काल की पूजा का शुभ समय होगा का शाम 06:51 मिनट से रात 08:47 मिनट तक|
  6. त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी 25 अक्टूबर शुक्रवार सुबह 07:08 मिनट पर|
  7. त्रयोदशी तिथि समाप्त 26 अक्टूबर शाम 03:46 मिनट पर|

धनतेरस संयोग महाउपाय Dhanteras Shubh Sanyog mahaupay 2019

ज्योतिष अनुसार यदि धनतेरस पर बनने वाले इस शुभ संयोग में कुछ उपाय किये जाय तो व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो सकती है धनतेरस का पर्व त्रयोदशी तिथि के दिन मनाया जाता है जिसे प्रदोष काल भी कहते है इस बार धनतेरस पर प्रदोषकाल इसलिए अधिक खास है क्योकि इस दिन शुक्रवार है शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी की आराधना करने के लिए सबसे उत्तम दिन माना जाता है इसीलिए धनतेरस के दिन शुक्र प्रदोष और सर्वार्थसिद्धि योग के दौरान यदि संध्याकाळ की पूजा में कपूर जलाकर देवी लक्ष्मी जी की आराधना की जाय और कपूर की आरती पूरे घर में फैलाई जाय तो इससे न सिर्फ घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है बल्कि व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि और आर्थिक सम्पन्नता में वृद्धि होती है.