Chaitra Navratri March 2018 पांचवा दिन स्कंदमाता व्रत पूजा विधि

नवरात्र का पांचवा दिन Fifth Day of Navratri 2018 Pooja Vidhi –

Chaitra Navratri March 2018Chaitra Navratri March 2018 नवरात्र के पांचवे दिन मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप अर्थात स्कंदमाता की पूजा अर्चना और आराधना की जाती है ऐसा माना जाता है की इनकी भक्ति और आराधना करने से भक्तों के संतान और धन की प्राप्ति के मार्ग खुल जाते है. स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इनका नाम स्कंदमाता पड़ा देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कंद बालरूप में स्कन्द माता की गोद में विराजमान हैं.

कहते है की मां के चरणों में शरण लेने वाला बड़े से बड़ा पापी को भी मां अपनी ममता के आंचल में ले लेती है और उसे सारे पापों से भी मुक्त कर देती है. तो आइये जानते है की स्कंदमाता की पूजा किस तरह से करनी चाहिए.

कैसा है स्कंदमाता का स्वरुप Chiatra Navratra March 2018 After Holi Fourth Day Devi Skandmata Worship –

Chaitra Navratri March 2018 स्कंदमाता सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी है जिस कारण इनके भक्त को अलौकिक तेज प्राप्त होता है. स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं जिनमें से माता अपने दोनों हाथों में कमल का फूल लिए हुए है. माँ की एक  भुजा ऊपर की ओर उठी हुई है जिससे वह अपने सभी भक्तों को आशीर्वाद देती हैं सिंह इनका वाहन है. वही एक हाथ से माँ अपनी गोद में अपने पुत्र स्कंद को पकडे हुए है. माँ कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं. इसीलिए इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है. Chaitra Navratri March 2018  कहते है की इनकी उपासना से भक्तों के सभी दुःख दूर हो जाते है.

स्कंदमाता व्रत और पूजन विधि Chaitra Navratra March 2018 Fifth Fast Worship Maa Skandmata –

Chaitra Navratri March 2018 कहा जाता है की माँ दुर्गे के पांचवे रूप अर्थात स्कंदमाता रूप की पूजा पूरे विधि विधान और सच्चे मन के साथ करने से माता प्रशन्न होती है नवरात्र के पांचवे दिन भक्त को सबसे पहले चौकी पर स्कंदमाता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर गंगा जल से शुद्ध करनी चाहिए। इसके बाद व्रत पूजन का संकल्प लें और  पूजा करें। माँ को वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, आदि अर्पित करे और अंत में प्रसाद वितरण कर पूजा सम्पन्न करनी चाहिए.

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माँ को किन चीजों का भोग लगाए Navratri Pooja Bhog on Fifth Day –

Chaitra Navratri March 2018  नवरात्र की पंचमी तिथि के दिन पूरे विधि विधान के साथ पूजा करके माँ भगवती दुर्गा को केले का भोग लगाना चाहिए और इसे प्रसाद स्वरुप ब्राह्मण को दे देना चाहिए. ऐसा करने से माँ खुश होती है और भक्त की बुद्धि का विकास करती है.