भाईदूज 2019 तिथि शुभ मुहूर्त Bhai Dooj Date Time Shubh Muhurt 2019 

भाईदूज पूजा विधि Bhai Dooj Pujan Vidhi

Bhai Dooj Date Time Shubh Muhurt 2019 Bhai Dooj Date Time 2019 भाई दूज का पावन पर्व विशेषकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और स्नेह का प्रतीक माना जाता है. यह पर्व दीपावली के दो दिन बाद मनाया जाता है. भाई दूज या भैया दूज, भाई टीका, यम द्वितीया और भ्रातृ द्वितीया आदि नामों से भी जाना जाता है. यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन मनाया जाता है. इस दिन बहनें भाइयों को तिलक कर उनकी लंबी आयु और सुख समृद्धि की कामना करती है। आज हम आपको साल 2019 में मनाये जाने वाले भाई दूज पर्व की तिथि शुभ मुहूर्त और इसकी पूजा विधि के बारे में बताएँगे.

भाई दूज तिथि व शुभ मुहूर्त 2019 Bhai DoojTithi Shubh Muhurt  

  1. साल 2019 में भाईदूज का पर्व 29 अक्टूबर मंगलवार के दिन मनाया जाएगा.
  2. भाई दूज तिलक करने का शुभ मुहूर्त होगा 29 अक्टूबर मंगलवार के दिन दोपहर 01:11 मिनट से शाम 03:25 मिनट तक.
  3. द्वितीय तिथि शुरू होगी 29 अक्टूबर मंगलवार प्रातःकाल 06:13 मिनट पर|
  4. द्वितीय तिथि समाप्त होगी 30 अक्टूबर बुधवार प्रातः काल 03:48 मिनट पर|
  5. भाई दूज तिलक की कुल अवधि 2 घंटे 13 मिनट की होगी|

भाई दूज पूजा विधि Bhai Dooj Puja vidhi

प्रत्येक त्यौहार अलग-अलग रीति-रिवाजो के अनुसार मनाया जाता है. भाई दूज ऐसा पर्व है जो भाई बहिन के प्रेम का प्रतीक है. भाई दूज के मौके पर बहनें श्रद्धा भाव के साथ भाई को तिलक करने के लिए तैयार करती है इस दिन प्रातःकाल स्नान आदि के बाद स्वच्छा वस्त्र धारण कर श्री विष्णु जी और गणेश जी की पूजा करनी चाहिए और इसके बाद भाई को तिलक करने के लिए आरती की थाल सजाये जिसमे कुमकुम, सिंदूर, चंदन,फल, फूल, मिठाई और सुपारी आदि सामग्री रख ले. अब भाई को चौक पर बिठाकर शुभ मुहूर्त में उनका तिलक करें तिलक के बाद पान, सुपारी, बताशे, फूल, और काले चने भाई को देकर उनकी उनकी आरती कर ले पूजा के बाद भाई भी अपनी बहनों को उपहार स्वरुप कुछ भेंट कर उनकी रक्षा का वचन दें।

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भाई दूज का महत्व Importance of Bhai Dooj Bhai Dooj

प्राचीन कथा के अनुसार कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन यमदेव की बहिन यमुना ने यमदेव को अपने घर बुलाकर आदर पूर्वक भोजन कराया था| जिस कारण उस दिन नरकीय जीवों को यातना से छुटकारा मिला और वे तृप्त हुए और तभी से यह दिन यम द्वितीया के नाम से प्रसिद्ध हुआ. इस दिन यमुना तट पर यम की पूजा करने से भय से मुक्ति मिलती है मान्यता है की इस दिन बहिन के घर जाकर भोजन करना और तिलक लगवाना बहुत ही शुभ फलदायी होता है.