भाद्रपद दूर्वा अष्टमी शुभ मुहूर्त 2020 Bhadrapad Durva Ashtami Puja Vidhi

दूर्वा अष्टमी पूजा विधि Durva Ashtami Puja Vidhi

पंचांग के अनुसार दूर्वा अष्टमी का पर्व भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन दूर्वा घास का पूजन करने की परंपरा है मान्यता है कि दूर्वा अष्टमी के दिन दूर्वा की पूजा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और दुर्वा घास की ही तरह उसके परिवार व कुल की वृद्धि होती है दूर्वा के बिना भगवन गणेश जी की पूजा अधूरी मानी जाती है इसीलिए जो भी इस दिन व्रत रखकर दूर्वा की पूजा करता है तो उसके जीवन में सुख समृद्धि हमेशा बनी रहती है. आज इस वीडियो में हम आपको दूर्वा अष्टमी की शुभ तिथि पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि महत्व और इस दिन सुख समृद्धि के लिए किये जाने वाले एक छोटे से उपाय के बारे में बताएँगे.

दूर्वा अष्टमी शुभ मुहूर्त 2020 Durva Ashtami Muhurat 2020

  1. साल 2020 में दूर्वा अष्टमी 22 अगस्त मंगलवार के दिन मनाई जायेगी.
  2. अष्टमी तिथि प्रारम्भ होगी- 25 अगस्त सायंकाल 12:21 मिनट पर |
  3. अष्टमी तिथि समाप्त होगी – 26 अगस्त प्रातःकाल 10:39 मिनट पर |
  4. दूर्वा अष्टमी पूर्वविद्धा का समय होगा – सायंकाल 12:21 मिनट से सायंकाल 06:50 मिनट तक|

दूर्वा अष्टमी पूजा विधि Durva Ashtami Pooja Vidhi

भाद्रपद शुक्ल अष्टमी के दिन प्रातः काल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद व्रत का संकल्प लेकर पूजास्थल पर देवताओ को फल, फूल, चावल, धूपबत्ती, दही और व अन्य जरूरी पूजन सामग्री अर्पित करनी चाहिए. आज के दिन दूर्वा अष्टमी के पालनकर्ता भगवान शिव और गणेश जी की विधिवत पूजा कर गणेश जी को दूर्वा अर्पित करे. मान्यतानुसार इस दिन महिलाओं द्वारा पूरी श्रद्धा के साथ व्रत, पूजा और भोग चढाने से घर में सुख-समृद्धि और खुशीयाँ आती है और महिलाओं को सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

दुर्वा अष्टमी का महत्व Durva Ashtami Important

शास्त्रों के अनुसार दुर्वा का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है। इसे संपन्नता का ही प्रतीक माना जाता है मान्यता है की जो व्यक्ति भक्ति के साथ दुर्वा अष्टमी के दिन दुर्वा घास की पूजा करता हैं, तो उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। जो कोई व्यक्ति धार्मिक रूप से दुर्वा अष्टमी की पूजा करता है उसे पारिवारिक सुख और कुल वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

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दूर्वा अष्टमी उपाय Durva Ashtami Upay

दूर्वा अष्टमी व्रत पर श्रीगणेश का पूजन कर उन्हें दूर्वा अर्पित करने का विशेष महत्व है। इस दिन जीवन के सभी संकटों से मुक्ति पाने और सुख समृद्धि के लिए भगवान शिव परिवार का पूजन कर गणपति जी के मंत्र का उच्चारण करते हुए गणेश जी को दूर्वा अर्पण करे. आज के दिन किया यह उपाय बेहद लाभारी होता है.