वैशाख अमावस्या 2020 Baishakh Amavasya Date Time Puja Vidhi 2020  

वैशाख अमावस्या 2020 सुख समृद्धि उपाय April Month Amavasya Upay 2020

वैशाख अमावस्यावैशाख अमावस्या- शास्त्रों के अनुसार अमावस्या चंद्रमास के कृष्ण पक्ष का अंतिम दिन माना जाता है इसके पश्चात चंद्र दर्शन के साथ ही शुक्ल पक्ष की शुरूआत होती है। धर्म-कर्म, स्नान-दान और तर्पण जैसे कार्यो के लिए यह दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। विशेषकर ग्रह दोष से मुक्ति पाने के लिये अमावस्या तिथि को कई उपाय किये जाते है वैशाख माह हिंदू नववर्ष का दूसरा माह होता है। मान्यता है कि इसी माह से त्रेता युग का आरंभ हुआ था जिस कारण यह महीना धार्मिक महत्व को बहुत अधिक बढ़ा देता है. साल 2020 बैशाख अमावस्या पर 2 दिन का संयोग बनेगा जिस वजह से यह बेहद ख़ास होगी आज हम आपको बैशाख अमावस्या की शुभ तिथि पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और सुख समृद्धि के लिए इस दिन किये जाने वाले एक आसान उपाय के बारे में बातएँगे.

वैशाख अमावस्या शुभ मुहूर्त 2020 Chaitra Amavasya 2020 Date

  1. साल 2020 में वैशाख अमावस्या 22 अप्रैल, बुधवार के दिन है|
  2. अमावस्या तिथि प्रारम्भ होगी 22 मार्च अप्रैल प्रातःकाल 05:37 मिनट पर |
  3. अमावस्या तिथि समाप्त होगी 23 मार्च अप्रैल प्रातःकाल 07:55 मिनट पर |
  4. 22 अप्रैल को श्राद्ध की अमावस्या और 23 अप्रैल स्नानदान की अमावस्या रहेगी। जिस कारण दो दिन अमावस्या रहेगी|

वैशाख अमावस्या पूजा विधि vaisakh amavsya puja vidhi

शास्त्रों के अनुसार वैशाख अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाए. यदि संभव हो तो आज के दिन पवित्र तीर्थ स्थलों पर स्नान करे क्योकि इसका बहुत अधिक महत्व बताया जाता है। स्नान के पश्चात भगवन सूर्य देव को जल का अर्घ्य देकर बहते हुए जल में तिल प्रवाहित करें इसके बाद पीपल वृक्ष को भी जल अर्पण करे क्योकि कुछ जगहों पर आज शनि जयंती भी मनाई जाती है इसलिये शनिदेव की पूजा करे और उन्हें तेल, तिल अर्पण करे इसके बाद शनि चालीसा का पाठ कर उनके मंत्रों का जाप करे और अंत में अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को दान-दक्षिणा दे इससे पुण्य फलो की प्राप्ति होती है.

वैशाख अमावस्या उपाय Chaitra Amavasya Upay

  1. यदि हो सके तो वैशाख अमावस्या के दिन व्रत इससेआत्मबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.
  2. आज के दिन स्नान के जल में तिल डालकर स्नान करने से शनि के दोषों से मुक्ति मिलती है।
  3. अमावस्या तिथि को पितरों के निमित्त तर्पण करने से उन्हें मुक्ति मिलती है।
  4. पितृ दोष के निवारण के लिए वैशाख अमावस्या के दिन पितरों के नाम से जरूरतमंदो को भोजन करना लाभकारी होता है।
  5. यदि आज के दिन स्नान कर सूर्य को जल में तिल डालकर अर्घ्य दिया जाय तो इससे ग्रह दोष दूर होते हैं।