Baisakhi Purnima 30 April बुद्ध पूर्णिमा पूजा महत्व शुभ मुहूर्त

पूर्णिमा व्रत और महत्व Purnima Festival Vrat Importance

Baisakhi PurnimaBaisakhi Purnima वैशाख मास में आने वाली पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है इस साल बुद्ध पूर्णिमा 30 अप्रैल यानि की सोमवार के दिन है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था और आज ही के दिन बोधगया में पीपल के वृक्ष के नीचे उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति भी हुई थी. पूरी दुनिया में गौतम बुद्ध की जयंती को धूमधाम से मनाया जाता है. आज हम आपको वैशाख पूर्णिमा के व्रत पूजा विधि महत्व और शुभ मुहूर्त के बारे में बताएँगे.

बुद्ध पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त Buddha Baisakhi Purnima 2018 Vrat Date Time –

बुद्ध पूर्णिमा 30 अप्रैल सोमवार के दिन मनाई जायेगी. बुद्ध पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त रविवार 29 अप्रैल 2018 को सुबह 6:37 बजे से शुरू होगा और 30 अप्रैल 2018 को 6:27 बजे खत्म होगा। शास्त्रों की माने तो हर त्योहार उदया तिथि को ही मनाया जाता है, इसलिए बुद्ध पूर्णिमा भी 30 अप्रैल सोमवार को मनायी जाएगी।

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बुद्ध पूर्णिमा पूजा विधि Baisakhi Purnima Puja Vidhi –

बुद्ध पूर्णिमा Baisakhi Purnima सबसे बड़ा त्योहार बड़े त्योहारों में से एक है. इस दिन जगह जगह कई  समारोह भी आयोजित जाते है. बुद्धा पूर्णिमा के दिन घर में साफ-सफाई और सकारात्मक वातावरण रखना चाहिए। इस दिन इस बात का ख़ास ख़याल रखे की सुर्योदय से पूर्व उठकर घर में साफ-सफाई कर ले. इसके बाद स्नान आदि के बाद घर को गंगाजल से शुद्ध करे साथ ही घर के मुख्य द्वार पर हल्दी, रोली या कुमकुम से स्वास्तिक का शुभ चिन्ह बनाएं। आप अपने कार्यस्थल पर भी गंगाजल का छिड़काव कर सकते है. पूर्णिमा के दिन पूजा के समय गाय के शुद्ध घी का दीपक,धूप और कपूर जलाएं। इसके बाद  परिवार सहित माता लक्ष्मी-विष्णु देव और भगवान बुद्ध की पूजा आराधना करे. इस दिन लक्ष्मी माता को भोग में मखाने की खीर या सफेद मिठाई का भोग अवश्य लगाएं। पूजा के बाद प्रसाद वितरण करे. शाम के समय चंद्रमा को जल अर्पित कर धूप-दीप से उनका पूजन करें ताकि भगवान का आशीर्वाद आपको प्राप्त हो सके.

बुद्ध पूर्णिमा का महत्व Buddha Baisakhi Purnima Importance –

Baisakhi Purnima बुद्ध पूर्णिमा पूरे देश में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है. इस दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। मान्यताओं के अनुसार महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का ही अवतार माना गया है। इस दिन बहुत से लोग व्रत-उपवास करते हैं, दान देते हैं और बुद्ध पूर्णिमा को बहुत श्रद्धा के साथ मनाते हैं। बुद्ध पूर्णिमा का पर्व सबको महात्मा बुद्ध के आदर्शों और शांति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।