Aja Ekadashi Vrat 2018 Date Time Puja Shubh Muhurt अजा एकादशी

अजा एकादशी व्रत 2018 Aja Ekadashi 2018 Vrat Tithi Puja Vidhi Shubh Muhurt 

Aja Ekadashi VratAja Ekadashi Vrat- भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को अजा एकादशी के नाम से जाना जाता है. इसे अन्नदा एकादशी भी कहते है. मान्यता है की जो भी लोग इस एकादशी का व्रत करते है उनके जन्म-जन्मांतरों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उन्हें सुख समृद्धि का वरदान मिलता है. इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती है. आज हम आपको अजा एकादशी व्रत तिथि, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, पारण और इसके महत्व के बारे में बताएँगे.

अजा एकादशी तिथि शुभ मुहूर्त 2018 Aja Ekadashi Vrat 2018 Date Time Muhurt

  1. साल 2018 में अजा एकादशी का पावन व्रत 6 सितम्बर गुरुवार के दिन रखा जाएगा.
  2. एकादशी तिथि 5 सितम्बर को बुधवार के दिन 3 बजकर 1 मिनट से शुरू होगी.
  3. और अगले दिन यानि की 6 तारीख को 12:15 मिनट पर समाप्त होगी.
  4. व्रत का पारण 7 सितम्बर शुक्रवार के दिन सुबह 6 बजकर 6 मिनट से 8 बजकर 35 मिनटर तक का होगा. 

अजा एकादशी व्रत विधि Aja Ekadashi Vrat 2018 Pujan Worship Time  

जिस तरह से अन्य एकादशी के व्रत का संकल्प लेने का विधान है ठीक उसी तरह से अजा एकादशी के व्रत का संकल्प लेना चाहिए. सर्वप्रथम प्रातः देंकि कार्यो से निवृत्त होकर और स्नानादि के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर सच्चे मन से व्रत का संकल्प ले. भगवान विष्णु जी प्रतिमा के सामने धूप, दीप, नेवैद्य, फूल और फल अर्पित करने चाहिए। यदि सम्भव हो तो एक समय फलाहार करना चाहिए। विष्णु जी की पूजा में तुलसी का प्रयोग करे कहा जाता है की ऐसा करने से भगवान् विष्णु अति प्रसन्ना होते है. जो भी लोग इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी की भक्ति सच्चे मन से करते हैं तो उन्हें भगवान की कृपा प्राप्त होती है यदि कोई व्यक्ति किसी विशेष कामना के लिए इस व्रत को करता है तो इस व्रत के प्रभाव से उसकी वो मनोकामना पूरी हो सकती है.

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एकादशी व्रत का महत्व Aja Ekadashi Vrat 2018 Importance Fasting Time

शास्त्रों में ऐसी मान्यता है की भगवान विष्णु जी को एकादशी बहुत अधिक प्रिय है इसीलिए जो भी इस दिन पूरी श्रद्धा से व्रत करते है वो भगवान की कृपा से संसार के सभी सुखो को भोगते है एकादशी के व्रत में रात्रि जागरण, गौ पूजन और दान का भी विशेष महत्व है इस दिन किये गए दान से व्यक्ति को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है.