Adhik Maas Malmaas 2020 Date अधिक मास 2020 क्या करे क्या ना करे

अधिक मास कब से कब तक 2020 Mal maas Kab Se Hai 2020 

Adhik MaasAdhik Maas – हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर तीन साल में एक बार एक अतिरिक्त माह या अधिक मास आता है. जिसे मल मास या पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में इस माह का बड़ा विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है की इस पूरे मास में किये गए पूजा-पाठ, भगवत भक्ति, व्रत-उपवास, जप तप जैसे धार्मिक कार्य बेहद लाभकारी होते है. मान्यता है कि अतिरिक्त होने के कारण यह मास मलिन होता है। मलिन होने के कारन ही इसका नाम मलमास पड़ा. इस महीने में शुभ कार्य करने पर रोक होती है आज हम आपको साल 2020 में लगने वाला अधिक मास कब से कब तक रहेगा इस मास में क्या करे क्या ना करे और किन चीजों का दान शुभ होता है इस सभी बातो के बारे में बताएँगे.

अधिक मास कब से कब तक adhik maas kab se kab tak

  1. पंचांग के अनुसार इस साल का आश्विन माह अधिकमास होगा.
  2. 17 सितम्बर को पितृपक्ष की सर्वपितृ अमावस्या के बाद ही मलमास आरंभ हो जाएगा.
  3. साल 2020 में अधिकमास या मलमास का प्रारम्भ 18 सितंबर से शुरू होकर 16 अक्टूबर तक रहेगा.
  4. इस माह में भगवान विष्णु जी की पूजा करना शुभ होता है.

अधिक मास में क्या करे adhik maas kya kare

अधिकमास के अधिष्ठाता भगवान विष्णु हैं इसीलिए इस माह में विशेष रूप से इनका पूजन और विष्णु मंत्रों का जाप विशेष लाभकारी होता है। लोग इस माह में व्रत- उपवास, पूजा- पाठ, ध्यान, भजन, कीर्तन, को अपनी दिनचर्या में शामिल करते है पौराणिक कथाओ के अनुसार इस मास के दौरान यज्ञ- हवन के अलावा श्रीमद् देवीभागवत, श्री भागवत पुराण, श्री विष्णु पुराण, भविष्योत्तर पुराण सुनना, और पढ़ना विशेष रूप से फलदायी होता है।  मान्यता है कि अधिक मास में विष्णु मंत्र का जाप करने से भक्तो को भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होकर उनकी समस्त इच्छाएं पूरी होती हैं।

अधिक मास में क्या न करे mal maas kya naa kare

मल मास या अधिक मास को मलिन माना गया है जिस कारण इस माह कुछ कार्यो को करने की मनाही होती है शास्त्रों के अनुसार अधिकमास के दौरान विशिष्ट व्यक्तिगत संस्कार जैसे नामकरण, यज्ञोपवीत, विवाह और सामान्य धार्मिक संस्कार जैसे गृहप्रवेश, नई वस्तुओं की खरीदारी आमतौर पर नहीं करनी चाहिए.

किन चीजों का करे दान adhik maas me kya kare daan

शास्त्रों में दान का बहुत महत्व है. प्रकृति के अनुसार प्रत्येक महीनों के अपने विशेष दान होते हैं. इस साल आश्विन माह में अधिक मास पड़ रहा है अधिक मास में किये गए दान पुण्य का अन्य मास में किये गए दान की अपेक्षा 10 गुना अधिक फल व्यक्ति को प्राप्त होता है तो आइये जानते है अधिक मास में किन चीजों का दान करना शुभ होता है.

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अधिक मास के कृष्णा पक्ष में घी, कांसे का पात्र, कच्चे चने, गुड़, तुवर दाल, लाल चंदन, कपूर, केवड़े की अगरबत्ती, केसर खाद्य पदार्थ एवं वस्त्र का दान करना फलदायी माना जाता है. वही अधिक मास के शुक्ल पक्ष में माल पुआ, खीर, दही, वस्त्र, घी, तिल गुड़, चावल, गेहूं, दूध, शक्कर व शहद आदि वस्तुओं का दान करना शुभ माना गया है.