18 March 2018 Chaitra Navratri माँ कात्यायनी व्रत पूजा विधि

नवरात्र का छठवें दिन Sixth Day of Navratri Pooja Vidhi –

माँ कात्यायनी व्रत पूजा विधिमाँ कात्यायनी व्रत पूजा विधि- नवरात्र के छठवें दिन माँ कात्यायनी देवी की पूजा की जाती है मां अम्बे का यह रूप भक्तों के दुख-दर्द को हरने वाला है. मां के इस रूप की पूजा करने से भक्तों की हर मुराद पूरी होती है. कहा जाता है कि  ऋषि कात्यायन भगवती मां के सबसे बड़े उपासक थे। माँ कात्यायनी व्रत पूजा विधि- उन्होंने मां भगवती को प्रसन्न करने के लिए कई वर्षों तक घोर तपस्या की थी जब माता उनकी इस तपस्या से प्रसन्न हुई तो उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा मां भगवती को अपने घर में पुत्री के रूप में जन्म लेने को कहा।

मां ने भी उनकी यह प्रार्थना स्वीकार कर ली और उनके यहां एक पुत्री के रूप में जन्म लिया। इसके कारण देवी का यह स्वरूप कात्यायनी कहलाया।

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माँ कात्यायनी व्रत पूजा विधि -कहते है की मां भगवती ने धरती पर हो रहे राक्षसों के अत्याचारों को खत्म करने के लिए ही इस रूप में जन्म लिया था। माता की दिव्य शक्ति पूरी धरती पर प्रकाशमान रहती है। माता की चार भुजाये है उनके दाहिने हाथ में ऊपर की ओर अभयमुद्रा में और दूसरा हाथ वरमुद्रा में रहता है। माता के एक हाथ में तलवार तो दूसरे में कमल-पुष्प सुशोभित रहता है। शेर इनका वाहन है. माँ अपने सच्चे भक्त की हर मनोकामना पूरी करती है.

पूजन सामग्री और पूजा-विधि Chaitra Navratri 2018 Pooja Bhog –

माँ कात्यायनी व्रत पूजा विधि – माता कात्यायनी की पूजा में शहद का विशेष महत्व बताया गया है। नवरात्री के छठे दिन माँ की पूजा में नारियल, कलश, गंगाजल, कलावा, रोली, चावल, चुनी, शहद, अगरबत्ती, धुप, दीया और घी का इस्तेमाल करना चाहिए. नवरात्री के छठे दिन शहद को प्रसाद के रूप में भोग लगाना चाहिए. शिक्षा और करियर से जुड़े लोगो को माता की पूजा अवश्य करनी चाहिए। विधिवत माँ की पूजा अर्चना करने से माँ अच्छी शिखा और करियर में तरक्की का वरदान देती है.