10 June Parma Ekadashi परमा एकादशी व्रत पूजा विधि शुभ मुहूर्त

Parama Ekadashi Vrat 2018 अधिकमास परमा एकादशी व्रत पूजा शुभ मुहूर्त –

10 June Parma Ekadashi10 June Parma Ekadashi – अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को परमा एकादशी या हरिवल्लभ एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं प्राप्त होती है. शास्त्रों में जिस प्रकार पशुओं में गाय और देवताओं में इन्द्र को श्रेष्ठ माना गया है ठीक उसी प्रकार सभी मासों में पुरुषोत्तम मास का महीना बहुत ही उत्तम माना जाता है। अधिक मास, मास या फिर पुरुषोत्तम मास का ये महीना बहुत ही शुभ फल देने वाला है इस मास में आने वाली परमा एकादशी 10 जून रविवार के दिन होगी. पुरुषोत्तम मास की यह एकादशी बहुत ही शुभ फलदायक है इस एकादशी के व्रत से व्यक्ति के  समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और पुण्य फल प्राप्त होते है आज हम आपको परमा एकादशी 10 June Parma Ekadashi के व्रत पूजन और इससे प्राप्त होने वाले शुभ फलों के बारे में बताएँगे.

परमा एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त 10 June Parma Ekadashi Vrat Tithi Shubh Muhurt-

परमा एकादशी व्रत तिथि 10 जून 2018 रविवार के दिन है एकादशी तिथि 9 जून शनिवार के दिन 12 बजकर 58 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन अर्थात 10 जून रविवार के दिन 11 बजकर 54 मिनट पर समाप्त होगी. व्रत के पारण का समय 11 जून सोमवार के दिन 05 बजकर 28 मिनट से 08 बजकर 13 मिनट तक का होगा.

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परमा एकादशी व्रत पूजन विधि Parma Ekadashi Vrat Pujan Vidhi –

10 June Parma Ekadashi एकादशी के दिन प्रात:काल उठकर अपने सभी कार्यों से  निवृत होकर और स्नानादि के बाद भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत की शुरुआत करनी चाहिए. व्रती को सुबह घी का दीपक जलाकर फल, फूल, तिल, चंदन और धूप आदि जलाकर भगवान विष्णु की सच्चे भक्ति भाव से पूजा करनी चाहिए. यदि संभव हो तो  विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए. व्रत के दिन फलाहार करना शुभ माना गया है. रात के समय मंदिर में मंदिर में दीप दान करें।द्वादशी तिथि के दिन व्रत का पारण करना चाहिए और अपनी सामर्थ्य अनुसार ब्राह्मणों को दान दक्षिणा देकर सम्मान पूर्वक विदा करना चाहिए.

परम एकादशी व्रत का महत्व Parma Ekadashi Vrat Importance –

10 June Parma Ekadashi शास्त्रों में हर एकादशी के व्रत का एक ख़ास महत्व है एकादशी का व्रत खासतौर पर सुख-समृद्धि और मोक्ष प्राप्ति के लिये किये जाते है. लेकिन अधिक मास या पुरुषोत्तम मास में आने वाली एकादशी में व्रत के साथ दान-पुण्य करने का भी बहुत अधिक महत्व है। माना जाता है की इस मास में भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है जिन लोगो को किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी या अन्य किसी भी तरह की परेशानियां हो तो उन्हें परमा एकादशी का यह व्रत अवश्य करना चाहिए यह व्रत व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी करता है.