होली 2019 | होलिका दहन कब है | Holika Dahan Holi Pujan Date Time Muhurt

जाने होलिका दहन 2019 की तिथि Holika dahan 2019

होली 2019 होली 2019 होली का त्यौहार पूरे भारतवर्ष व अन्य देशों में भी बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है यह पर्व साल में आने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है इसे आनंद और उल्लास का पर्व भी कहा जाता है। सांस्कृतिक रूप से ये एक ऐसा त्यौहार है जिसे सभी मिलकर मनाते है सांस्कृतिक महत्व होने के साथ-साथ होली के त्यौहार का धार्मिक महत्व भी बहुत अधिक है. आज हम आपको साल 2019 में मनाये जाने वाले होली पर्व के होलिका दहन शुभ मुहूर्त तिथि और इसके नियमो के बारे में बताएँगे.

होली कब मनाई जाती है Holi 2019 kab manayi jaayegi  

हिन्दू पंचांग की माने तो होली का त्यौहार फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है. जिसे कई जगहों पर बसंत उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। वही खेलने वाली होली पूर्णिमा के अगले दिन चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है। जो होली पूर्णिमा तिथि के दिन खेली जाती है उसे छोटी होली और होलिका दहन के नाम से भी जाना जाता है. होली का यह पर्व हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रह्लाद की नारायण भक्ति हो समर्पित है। जो सत्य और अच्छाई की जीत की शिक्षा देता है.

होलिका दहन 2019 शुभ मुहूर्त Holika dahan ka shubh muhurt

  1. हिन्दू पंचांग के अनुसार 14 मार्च 2019 गुरुवार से होलाष्टक शुरू होंगे.
  2. साल 2019 में होलिका दहन 20 मार्च बुधवार के दिन किया जाएगा.
  3. होलिका दहन का शुभ मुहूर्त = 20:58 मिनट से 24:23 मिनट तक का होगा.
  4. पूर्णिमा तिथि 20 मार्च को 10:44 मिनट पर शुरू होगी.
  5. पूर्णिमा तिथि 21 मार्च को 07:12 मिनट पर समाप्त होगी.
  6. रंगवाली होली 21 मार्च गुरुवार के दिन मनाई जायेगी.

होलिका दहन के जरूरी नियम Holi 2019 Holika dahan Tips 

शास्त्रों के अनुसार कुछ ऐसे ख़ास और जरूरी नियम बताये गए है जिनका पालन होलिका दहन के समय अवश्य ही करना चाहिए.

  1. पहला नियम उस दिन भद्रा न हो।
  2. दूसरा पूर्णिमा प्रदोषकाल-व्यापिनी होनी चाहिए अर्थात उस दिन सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्तों में पूर्णिमा तिथि जरूर होनी चाहिए।
  3. होलिका दहन के अगले दिन रंग खेलने का विधान है जिसे सभी के साथ मिलकर अबीर-गुलाल के साथ खेलना चाहिए.

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होलिका दहन पूजा विधि व महत्व Holika Dahan Importance 

पौराणिक कथाओं के अनुसार होलिका दहन का विशेष महत्व होता है होलिका दहन से पहले होली का पूजन किया जाता है. पूजा के समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। होलिका पूजन के लिए माला, रोली, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, बताशे, गुलाल, नारियल, पांच प्रकार के अनाज में गेहूं की बालियां और एक लोटा में जल लेकर होलिका के चारों ओर परिक्रमा करनी चाहिए. इसके बाद होली दहन करे. ध्यान रहे की पूर्णिमा में ही होलिकादहन किया जाना चाहिए.