सावन सोमवार पूजा में भूलकर भी न करे ये काम Sawan Month 2020

सावन माह से पहले इन बातों का रखे धयान Sawan Somwar Date Time 2020

सावन सोमवारसावन सोमवार- 6 जुलाई सोमवार से भगवन भोलेनाथ का प्रिय महीना सावन आरंभ होने जा रहा है। इस साल सावन महीने की शुरुआत और समापन दोनों ही सोमवार के शुभ योगो में होने के साथ ही और भी कई शुभ योग इस माह बनेंगे जिस कारन इस माह का महत्व और अधिक बड़ जाएगा आज हम आपको इस वीडियो में बताएँगे सावन में बनने वाले इन योगो के दौरान आपको पूजा में किन बातो का खास ख्याल रखना है. तो आइये जानते है भगवन शिव की पूजा में कौन से कार्य भूलकर भी नहीं करने चाहिए।

तुलसी व केतकी के फूलों का इस्तेमाल न करे Sawan Somwar Niyam

शास्त्रों के अनुसार सावन के महीने और आम दिनों में भगवान शिव की पूजा करते समय कभी भी महादेव को तुलसी के पत्ते, केवड़े और केतकी के फूल नहीं चढाने चाहिए। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार शिव को केतकी और केवड़े के फूल चढ़ाने का निषेध किया गया है.

हल्‍दी का प्रयोग Sawan Somwar Niyam

हल्‍दी खानपान का स्‍वाद बढ़ाने के साथ ही धार्मिक कार्यों में भी बहुत महत्वपूर्ण होती है कहा जाता है की शिवजी को उनकी पूजा में हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है. हल्दी का उपयोग मुख्य रूप से सौंदर्य प्रसाधन में किया जाता है. शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है, इसी वजह से महादेव की पूजा में हल्दी निषेध बतायी गयी है.

कुमकुम या रोली Sawan Somwar Niyam

ऐसा माना जाता है की भगवन शिव की पूजा में शिवलिंग पर न ही हल्दी और ना ही कुमकुम रोली का इस्तेमाल किया जाता है बल्कि भगवान शिव को और शिवलिंग समय चंदन से तिलक करना शुभ मन गया है.इसीलिए ध्यान रखे की शिव पूजा में चन्दन का ही तिलक करे.

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शिव का जलाभिषेक Sawan Somwar Niyam

सावन का महीना भगवन शिव के जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए बहुत ही खास मना जाता है इसीलिए शिव पूजा में इस बात का भी विशेष रूप से ध्यान रखे की शिवजी या शिवलिंग का जलाभिषेक करते समय अन्य बर्तनो का इस्तेमाल करने की बजाय कांस्य, ताम्बा और पीतल के बर्तनों का प्रयोग करना चाहिए।

नारियल पानी Sawan Somwar Niyam

ऐसी मान्यता है की महादेव की पूजा में नारियल पानी से भगवान श‌िव का अभ‌िषेक नहीं करना चाह‌िए क्योंक‌ि नारियल को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है इसल‌िए सभी शुभ कार्य में नारियल प्रसाद के तौर पर ग्रहण किया जाता है. लेक‌िन श‌िव पूजा में  नारियल पानी नहीं चढ़ाया जाता है.