वट पूर्णिमा व्रत 2020 Vat Purnima Vrat 2020 Date Time Shubh Muhurat 

वट पूर्णिमा व्रत पूजा विधि व नियम Vat Purnima Vrat Puja Vidhi and Rules

वट पूर्णिमाहिन्दू संस्कृति में जिस तरह वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को रखा जाता है ठीक वैसे ही कुछ जगहों पर ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि को वट पूर्णिमा का व्रत करने का विधान है इस दिन सभी सुहागन महिलाये पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखकर बरगद के वृक्ष और सावित्री सत्यवान का पूजन करती है. आज हम आपको साल 2020 में ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन रखे जाने वाले वट पूर्णिमा व्रत की शुभ तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा की विधि, और साथ ही जानेंगे की इस व्रत में किन कार्यो को करने से आपको बचना चाहिए।

वट पूर्णिमा व्रत तिथि शुभ मुहूर्त Vat Purnima Vrat Shubh Muhurat 2020

  1. साल 2020 में वट पूर्णिमा का व्रत 5 जून शुक्रवार के दिन रखा जाएगा|
  2. पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ होगी – 5 जून शुक्रवार प्रातःकाल 03:15 मिनट पर|
  3. पूर्णिमा तिथि समाप्त होगी- 5 जून शनिवार प्रातःकाल 12:41 मिनट पर|

वट पूर्णिमा पूजन विधि Vat Purnima Vrat Puja Vidhi

वट पूर्णिमा व्रत की पूजाव्रत की तरह ही की जाती है आज के दिन विशेषकर बरगद वृक्ष के नीचे ही पूजा करने का विधान है आज के दिन सर्वप्रथम स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेकर पूजा की तैयारी करे सबसे पहले एक बांस की टोकरी में सात तरह के अनाज रख ले अब एक दूसरी बांस की टोकरी में देवी सविरति और सत्यवान की प्रतिमा रखे. अब बरगद वृख की पूजा के लिए इसके बाद वट सबसे पहले वृक्ष पर जल चढ़ा कर कुमकुम, अक्षत चढ़ाये और सूत के धागे को वट वृक्ष के पांच, सात या बारह चक्कर लगाते हुए लपेटकर बांध ले. हर परिक्रमा पर एक चना वट वृक्ष में चढ़ाती जाय इसके बाद घर आकर शाम के समय व्रत कथा पढ़े अथवा सुने अब सुहाग की कामना करते हुए व्रत कथा सुनने के बाद सभी में चने व गुड् का प्रसाद बाँट ले.

वट पूर्णिमा व्रत नियम Importance of Vat Purnima Vrat niyam

वट पूर्णिमा व्रत सभी सुहागन महिलाओं के लिए बेहद खास और महत्वपूर्ण होता है. शास्त्रों के अनुसार वट पूर्णिमा व्रत के कुछ जरूरी और महत्वपूर्ण नियम बताये गए है जिनका जिनका पालन सभी सुहागन महिलाओं को अवश्य करना चाहिए आइए जानते हैं इस दिन अपनाये जाने वाले नियम कौन से है.

  1. वट पूर्णिमा के व्रत में घर का माहौल और वातावरण शुद्ध और शांत रखना चाहिए किसी भी तरह अशुद्धि और घर में कलेश आदि नहीं करना चाहिए।
  2. इस व्रत को बरगद के वृक्ष का कोपल खाकर ही समाप्त करना चाहिए.
  3. वट पूर्णिमा का व्रत रखने से महिलाओं को पति की लम्बी आयु का वरदान मिलता है। इस व्रत को सच्चे मन से करना चाहिए किसी भी तरह के गलत विचार मन में नहीं आने देने चाहिए।
  4. जो भी लोग इस व्रत को रखते है विषेषकर उन्हें आज के दिन तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए और सात्विकता का ध्यान रखना चाहिए।

अखंड सौभाग्य उपाय Vat Purnima Upay 

जिस तरह वट सावित्री व्रत में अखंड सौभाग्य के लिए कुछ उपाय बताये गए है ठीक उसी तरह वट पूर्णिमा पर भी यदि कुछ उपाय किये जाय तो महिलाओं को अखाड सौभाग्य का वरदान परैत होता है आइये जानते है ये उपाय क्या है.

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  1. आज के दिन बरगद के वृक्ष पर लाल या पीला रंग का सूट लपेटने से अखंड सौभग्य की प्राप्ति होती है.
  2. अखंड सौभाग्य और पारिवारिक सुख के लिए यदि आज के दिन अक्षय वट वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करे.
  3. आज के दिन बरगद वृख में मीठी चीजे चढाने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है.