मौनी अमावस्या शुभ मुहूर्त 2020 Mauni Amavasya Date 2020  

मौनी अमावस्या व्रत पूजा विधि Mauni Amavasya Vrat Tithi 2019

Mauni AmavasyaMauni Amavasya- माघ माह में आने वाली अमावस्या जिसे मौनी अमावस्या कहा जाता है यह योग पर आधारित ऐसा महा व्रत है जिसे मौन रहकर पूरा किया जाता है. मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र संगम में स्नान आदि का बड़ा महत्व होता है. मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत धारण कर मन को संयमित करके काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि से दूर रखना चाहिए। आज हम आपको साल 2020 मौनी अमावस्या व्रत तिथि शुभ मुहूर्त पूजा विधि के बारे में बताएँगे.

मौनी अमावस्या व्रत तिथि शुभ मुहूर्त 2019 Mauni Amavasya Date Timing 2019

  1. साल 2020 में मौनी अमावस्या का व्रत 24 जनवरी शुक्रवार के दिन रखा जाएगा|
  2. अमावस्या तिथि शुरू होगी – 24 जनवरी शुक्रवार प्रातकाल 02:17 मिनट पर |
  3. अमावस्या तिथि समाप्त होगी – 25 जनवरी शनिवार प्रातःकाल 03:11 मिनट पर |

मौनी अमावस्या व्रत पूजा विधि Mauni Amavasya Pooja Vidhi

मौनी अमावस्या की पूजा से भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यदि संभव हो तो इस दिन संगम में स्नान करना चाहिए। यदि यह संभव ना हो तो स्नान के पानी में गंगाजल और दूध डालकर स्नान कर ले स्नान करने के बाद मौन व्रत संकल्प लेकर भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए भगवान श्री हरी नारायण की मूर्ति पूजास्थल पर स्थापित कर ले. अब प्रतिमा पर पीले फूलों की माला चढ़ाकर उन्हें केसर चन्दन का तिलक लगाएं। इसके बाद घी का दीपक उनके सामने प्रज्वलित करें। हल्दी की माला से ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जाप करें। भगवान का ध्यान करते हुए श्री विष्णु चालीसा या विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। पूजा के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराकर उन्हें दान दक्षिणा देकर विदा करे शाम के समय भगवान विष्णु जी को पीले मीठे पकवान का भोग लगाएं और व्रत सम्पन्न करे.

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मौनी अमावस्या व्रत का महत्व Mauni Amavasya Importance

मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत रखने का भी विधान है. इस व्रत का अर्थ व्यक्ति को अपनी इन्द्रियों को अपने वश में रखने से है| कई लोग इस दिन मौन व्रत रखने का प्रण करते हैं. कुछ लोग एक दिन, कुछ लोग कई दिनों तक मौन व्रत धारण करने का संकल्प लेकर इस व्रत की शुरुआत करते है. शास्त्रों के अनुसार इस अमावस्या पर व्रत करने से व्यक्ति की दुख-दारिद्र्य दूर होकर उन्हें सभी कार्यो में सफलता प्राप्त होती है साथ ही इस दिन पवित्र नदियों में स्नान से विशेष पुण्य फलों की प्राप्ति होती है.