भैया दूज शुभ मुहूर्त और पूजा विधि 2017 Bhai Duj Pooja Muhurat 2017

भैया दूज कैसे मनाए 2017 Bhai Duj 2017 Date and Auspicious Time 2017

भैया दूज शुभ मुहूर्त और पूजा विधि- भैया दूज शुभ मुहूर्त और पूजा विधि- भाई दूज का त्यौहार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाए जाने वाला पर्व है. इस पर्व को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता हैं। इस दिन बहने रोली और अक्षत से अपने भाई का तिलक कर उसके उज्ज्वल भविष्य और लम्बी उम्र के लिए आशीष देती हैं।

भाई-बहन के परस्पर प्रेम और स्नेह को दर्शाने वाला यह त्यौहार दीपावली के अगले दूसरे दिन मनाया जाता है. इस बार भैया दूज का पर्व 21 अक्टूबर शनिवार के दिन है. आज हम आपको भाई दूज तिलक का शुभ – मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में बताएँगे.

भैया दूज शुभ मुहूर्त और पूजा विधि तिलक या  टिका करने का शुभ मुहूर्त Bhai Duj 2017 

भैया दूज शुभ मुहूर्त और पूजा विधि दोपहर – 01 बजकर 12 मिनट से 03 बजकर 27 मिनट तक है। अथार्त तिलक करने की अवधि 2 घंटे 14 मिनट की है।

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कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि 21 अक्टूबर 2017 सुबह 01 बजकर 37 मिनट से शुरु होकर अगले दिन 22 अक्टूबर 2017 शुभ 03:00 बजे समाप्त होगी।

भाई दूज पूजा सामग्री Bhai Duj 2017 

भैया दूज शुभ मुहूर्त और पूजा विधि- भाई दूज पर्व पर आरती की थाली में टीका, अक्षत (चावल), नारियल, गोला (सूखा नारियल), मिठाई, दीपक, धूप, सिर ढंकने के लिए रुमाल या छोटा तोलिया व कलावा आदि.

भैया दूज के दिन ऐसे करें पूजा Bhai Duj 2017 

भैया दूज शुभ मुहूर्त और पूजा विधि- सबसे पहले बता दे कि हर क्षेत्र के अनुसार पूजा करने का विधान अलग-अलग होता है. यही वजह है कि अलग अलग क्षेत्र में पूजा करने की विधि में अंतर पाया गया है। भाई दूज के दिन सभी बहने आसन पर चावल के घोल से चौक तैयार करती है. अब इस चौक पर अपने भाई को बैठा कर बहनें उनके हाथों की पूजा करती हैं. भैया दूज शुभ मुहूर्त और पूजा विधि- और इसके बाद अपने भाई को  रोली एवं अक्षत से तिलक लगाकर,  कलावा बांधती है और अपने भाई को मिठाई, मिश्री या फिर माखन खिलाती है. इसके बाद बहने अपने भाई की लम्बी उम्र और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना करती है और भाई भी ख़ुशी से अपनी बहन को कुछ उपहार या दक्षिणा देता है.