बुखार के उपाय Fever relief tips Bukhar kam karne ke upaay

ज्वर या बुखार का घरेलू उपचार  Fever thik karne Ke Gharelu Nuskhe

bhukhar ke upay hindi upcharnuskheतापमान में अचानक परिवर्तन होने या संक्रमण होने के कारण अधिकतर लोग बुखार से पीड़ित होने लगते हैं. बुखार के कई गैर-संक्रामक कारण होते हैं. वायरल संक्रमण कई कारणों से हो सकता है. वायरल शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है जैसे आंत, फेफड़े, वायु मार्ग आदि. बुखार के दौरान व्यक्ति को सिरदर्द, बहती नाक, गले में सूजन, आवाज बैठना, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, पेट में दर्द, डायरिया और/अथवा उल्‍टी जैसी शिकायतें होने लगाती हैं.

जब किसी व्यक्ति को बुखार आता है तो यह समझ लेना चाहिए की शरीर का तापमान बढ़ गया है. मानव शरीर का तापमान सामान्यत: 37° सेल्सियस या 98.6° फारेनहाइट तक होता है. जबकि बुखार खुद कोई बीमारी नहीं होती बल्कि यह एक लक्षण है जो हमें यह बताती है की हमरा शरीर किसी संक्रमण से गृसित है. इस समस्या के समाधान के लिए हम कुछ आसान घरेलु नुस्खों की मदद लें सकते हैं जिसके कारण हमें बुखार जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सके.

आलू का प्रयोग

तेज बुखार होने पर एक कच्चे आलू को काटकर उसमे से एक टुकड़ा लें. अब इस टुकड़े को रोगी के पैरों के तलुओं और हथेली मे रगड़ें. इससे शरीर का तापमान कम होने लगेगा. इसके अलावा रोगों को खुला रखें तथा सिर पर ठंडे पानी की पट्टियों को रखें.

इमली और एलोवेरा जैल

बुखार से राहत पाने के लिए इमली के रस या एलोवेरा जैल का प्रयोग करें. इसके रस को माथे पर लगाए और इसे सूखने दें. जब यह सुख जाए तब दुबारा लगाए. इस विधि का प्रयोग तब तक करते रहें जब तक शरीर का तापमान कम ना हो जाये.

लहसुन का प्रयोग

अधिक बुखार आने पर लहसुन का उपयोग करना चाहिए. कच्चे लहसुन को काटकर उसके टुकड़े बना लें. अब इन टुकड़ो को खाये या फिर इसमें शहद मिलाकर भी खा सकते हैं. ऐसा करने से बुखार धीरे-धीरे कम होने लगता है.

सिरका का उपयोग

बुखार होने पर सिरके का उपयोग बहुत ही आसान तथा सरल है. इसके उपयोग के लिए नहाने के पानी में 10 मिनट तक सिरका डालकर रख दें. अब नहाने के लिए इस पानी का प्रयोग करे. इससे धीरे-धीरे बुखार कम होने लगेगा.

तुलसी के पत्ते का काढ़ा

तुलसी के पत्तो को बैक्टीरियल विरोधी, कीटाणुनाशक, जैविक विरोधी और कवकनाशी से भरपूर माना जाता है. तुलसी को वायरल बुखार के लिए सबसे उत्तम उपयोग माना जाता है. करीब 20 ताजा तुलसी के पत्तों में आधे चम्मच लौंग पाउडर को मिलाकर एक लीटर पानी में डालकर उबाल लें. इसे तब तक उबाले जब तक यह पानी आधा ना रह जाए. अब इसका काढ़ा तैयार हो गया है. इस काढ़े का सेवन हर दो घंटे में करने से बुखार से राहत मिलेगी.

अधिक पानी पियें

पानी हमें स्वस्थ रखने में हमारी मदद करता है. बुखार की स्थिति में व्यक्ति को अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए. पानी पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं. जिससे हमें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होती, इसलिए अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीते रहें.

मेथी का पानी

मेथी में डायेसजेनिन, सपोनिन्स और एल्कलॉइड जैसे अनेक औषधीय गुण पाये जाते हैं. रात को एक बड़ा चम्मच मेथी को आधा कप पानी में भीगकर रख दें. सुबह उठने के बाद इस पानी को पीए. इस पानी को पीने से बुखार कम होने लगता है.