पेट के दर्द को ठीक करने के उपाय Stomach pain relief homemade tips

पेट दर्द को तुरंत रोकने के लिए घरेलू उपाय

स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ जीवन का आधार होता है. मगर आजकल लोगो को अनेक ऐसी बीमारिया होने लगती हैं. जिनके कारण वे अधिकतर परेशान रहने लगते है. आजकल पेट में दर्द होना एक सामान्य समस्या है. वैसे तो पेट दर्द होने के कई कारण हो सकते हैं.

मगर अधिक पेट दर्द होने पर यह एक गम्भीर समस्या बन जाती है. कई लोग पेट दर्द को बार-बार अनदेखा कर देते हैं. ऐसे में बार-बार होने वाले पेटदर्द को सामान्य समझ कर गंभीरता से न लेने के कारण यह एक गम्भीर समस्या बन जाती है. अनेक बार गलत खानपान के कारण कभी-कभी पेट में दर्द होने लगता है. वैसे तो पेट दर्द को दूर करने के लिए बाजार में अनेक प्रकार की पेन किलर मिलती हैं मगर अधिक दवाओं के सेवन से व्यक्ति के शरीर को नुकसान हो सकता है. इसलिए इस समस्या को दूर करने के लिए कुछ घरेलु उपायों की मदद लेनी चाहिए जो बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के पेट के दर्द को दूर करने में हमारी मदद करते हैं.

पेट दर्द होने के कारण

अपच – इनडाइजेशन या अपच की समस्या को आमतौर पर डायसेप्सिया के रूप में जाना जाता है. अपच की समस्या पेट में भोजन को पचाने वाले रसों के स्त्रवित न होने के कारण होती है. जिसके कारण हमारे पेट में दर्द होने लगता है.

गैस बनना – पेट में होने वाली अधिकतर बीमारियों गैस बनने के कारण होती हैं. कभी-कभी भूखे रहने या गलत खानपान के कारण हमारे पेट में गैस होने लगती है जिसके दौरान पेट में अत्यधिक दर्द होने लगता हैं.

कब्ज बना रहना – शरीर में तरल पदार्थो की कमी होने के कारण कब्ज होने लगता है. इसके दौरान व्यक्ति का शरीर तरोजाता महसूस नहीं कर पता. जिसके कारण कई बार हमारे पेट में दर्द होने लगता है.

पेट दर्द ठीक करने के उपाय

अजमोद का चुर्ण

अजमोद का चुर्ण पेट दर्द से राहत पाने के लिए बहुत अच्छा उपाय है. 3 ग्राम अजमोद के चुर्ण में दो ग्राम सेंधा नमक को अच्छी तरह से मिलाये. अब इस मिश्रण को खाये. इसके सेवन से पेट दर्द की समस्या को आसानी से कम किया जा सकता है.

इमली की पत्तियों का प्रयोग

इमली की पत्तियों से भी पेट के दर्द की समस्या को दूर किया जा सकता है. चार ग्राम इमली के पत्तों को लें. अब इमली के पत्तों को महीन पीस लें. इमली के पत्तो के रस में अब 2 ग्राम सेंधा नमक मिलाएं और उसका सेवन करें. इमली के पत्तो का रस पीने से आसानी से पेट दर्द की समस्या कम होने लगेगी.

पिपरमेंट का प्रयोग

पेट दर्द की समस्या होने पर पिपरमेंट बहुत लाभदायक होता है. इसके उपयोग के लिए एक गिलास पुदीना की पत्तियो वाली चाय बनाए. अब इस चाय का सेवन करें. इस चाय के सेवन से पेट के दर्द से आराम मिलेगा.

मेथी और दही का फायदा

3 या 4 ग्राम मेथी के दानों को लें. अब इन मेथी के दानों को बारीक़ पीस लें. अब एक कटोरी में दही लें, और उसमे मेथी के पाउडर को मिला दें. अब इस दही का सेवन करें इससे पेट दर्द की समस्या को आसानी से कम किया जा सकता है.

अदरक, और निम्बू का प्रयोग

पेट दर्द होने पर आप नींबू और अदरक का सेवन भी कर सकते हैं. इसके लिए दो चम्म्म्च निम्बू के रस में एक चम्म्म्च अदरक का रस मिलाकर दोनों का मिश्रण बना लें. अब इसमें थोड़ी से शक्कर मिला कर दिन में दो या तीन बार इसका सेवन करें. इससे पेट का दर्द धीरे-धीरे कम होने लगेगा.

अनार का फायदेमंद

अनार के सेवन से भी पेट दर्द को आसानी से कम किया जा सकता है. अनार को छिल कर इसके दानो को निकाल लें. अब इन दानो में थोड़ा नमक और काली मिर्च का पाउडर मिलाकर दिन में दो बार इसका सेवन करें इससे पेट दर्द आसानी से कम होने लगेगा.

पेट के दर्द से राहत पाने के लिए योग

सर्वागासन विधि

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर सीधे लेट जाएं. कमर को उठाते हुए टांगों को भूमि के समांतर रखें. अब अपने दोनों हाथों का सहारा पीठ को दें और धीरे-धीरे अपने पैरो को ऊपर की ओर उठा दें. अब कंधों से लेकर पांव की उंगलियों तक शरीर एक सीध में रहे और शरीर 90 अंश के कोण तक लाएं ओर इस स्थिति में रुकने की कोशिस करें. फिर धीरे-धीरे नीचे आ जाएं. वापस आते कोई झटका नहीं लगे इसके लिए पहले टांगों को भूमि पर समांतर करें, फिर पांवों को धीरे-धीरे नीचे लाएं. अब थोड़ा आराम करें. इससे पेट में गैस की समस्या कम होती है. हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, गर्भवती स्त्रियों को यह आसन नहीं करना चाहिए.

भुजंगासन विधि

भुजंगासन को करने से पेट के गैस तथा कब्ज से राहत मिलती है. इस आसन को करने के लिये सबसे पहले एक समतल जमीन में दरी बिछाकर पेट के बल लेट जाइए और शरीर को ढीला छोड़ दीजिए. अब हथेलियों को कंधों और कुहनियों के बीच के स्थान पर जमीन पर रखिए. इसके बाद नाभि से आगे तक के भाग को धीरे-धीरे सांप के फन की तरह उठाइए. पैर की उंगलियों को पीछे की तरफ खींचकर जमीन का स्पर्श कराएं. कुछ देर ऐसे ही रहने के बाद अपनी सामान्य अवस्था में आ जाये.

अग्निसार क्रिया

अग्निसार क्रिया को करने के लिए सबसे पहले सुखासन या पद्मासन की स्थिति में बैठ जाए. अब अपने दोनों हाथों को घुटनों पर मुद्रा की अवस्था में रखें और सांस छोड़कर पेट को अंदर खींचें और तेजी से 8 से 10 बार छोड़ें और पिचकाएं तथा फिर सीधे होकर गहरी सांस लें तथा करीब पांच बार इस क्रिया को करें. इससे पेट दर्द, पेट का कब्ज आदि रोगों को ठीक किया जा सकता है. अल्सर, हर्निया, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गर्भवती स्त्री को यह क्रिया नहीं करनी चाहिए.

लम्बे बालों के लिए योग

अर्ध शीर्षासन

इस आसन को करने से बालों को लम्बा करने में मदद मिलती है साथ ही यह आसन हाथपैरों को टोन करता है. रीढ़ को मज़बूत करता है, याददाश्त भी बढ़ाता है.

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं
  • अब सामान्य गति से सांस लें तथा अपना ध्यान केंद्रित करें.
  • आगे की ओर झुकते हुए कोहनियों को ज़मीन पर टिका दें.
  • कोहनी को ज़मीन पर टिकाए हुए हाथों को आगे लाकर उंगलियों को इंटरलॉक करके त्रिकोणाकार बनाएं.
  • सिर को आगे झुकाएं और हथेलियों के सहारे ज़मीन को छूएं .
  • नितंबों को ऊपर उठाएं.
  • पैरों के अंगूठों को थोड़ा आगे लाकर रीढ़ को सीधा कर लें.
  • धीरे-धीरे ज़मीन से लगे सिर पर दबाव कम करते हुए कोहनियों व हाथों पर दबाव डालते हुए पेट को स्थिर करें.
  • नियमित गति से सांस लें और 20-30 सेकंड इसी अवस्था में रहें.
  • धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आकर बालासन में जाएं.

बालायाम

बालों को लम्बा तथा काला करने का यह सबसे सरल व्यायाम है. इसे करने के लिए अपने दोनों हाथों की चार उंगलियों के नाखूनों को आपस में रगड़ें. इस आसन को जितनी देर हों सके करते रहें. इस वययम को नियमित रूप से करें जल्दी ही आपको फर्क दिखने लगेगा.

सर्वांगासन

सर्वांगासन से बालों को लम्बा करने के साथ-साथ दमा, मोटापा, दुर्बलता एवं थकान आदि विकार दूर होते है तथा यह आसन आँखों एवं मस्तिष्क की शक्ति विकसित करता है.

  • इस आसन को करने के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएं.
  • अब अपने दोनों पैरों को साथ रखें और हाथों को कमर पर रखें.
  • फिर सांस अंदर की ओर लें .
  • अब दोनों पैरों को पहले 30 डिग्री के कोण तक उठाएं.
  • कुछ सेकंड इस अवस्था में रहने के बाद 60 डिग्री तक उठाएं .
  • फिर 90 डिग्री तक उठाएं.
  • उसके बाद अब सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को नीचे ले आएं और कुछ सेकंड शवासन में लेटें.