पित्ताशय पथरी के सरल उपाय Gallbladder stone removal tips

पित्ताशय पथरी (गॉल ब्लैडर स्टोन) का सरल घरेलु इलाज

pith ki pathari ka ilaj upcharnuskheगॉल ब्लैडर स्टोन यानि पित्त की थैली में पथरी होना एक आम समस्या है. पित्ताशय में पथरी होने का प्रमुख कारण पित्ताशय के अन्दर पित्त अवयवों के संघनन से बना हुआ रवाकृत जमा होना है. आमतौर पर यह समस्या कोलेस्ट्रॉल के जमने या सख्त होने के कारण होने लगती है. पित्ताशय में पथरी होने के कारण पेट में अचानक से बहुत तेज दर्द होने लगता है.

इस रोग के होने के कारण कई बार रोगी को उलटी जैसी समस्याएं होने लगती हैं तथा खाना पचने में भी काफी समस्याएं आने लगती हैं. इन समस्याओं के समाधान के लिए कुछ घरेलू उपाय है जिसका उपयोग हम आसानी से कर सकते हैं.

पित्ताशय की पथरी होने के कारण

कभी-कभी अधिक गर्मी होने के कारण भी पित्ताशय में पथरी हो सकती है. अनेक बार पित्ताशय कोलेस्ट्राल, बिलीरुबिन और पित्त लवणों का जमाव होने लगता है जिसके कारण पित्ताशय में पथरी होने लगती है. पित्ताशय में कोलेस्ट्राल अधिक मात्रा में जमने से कोलेस्ट्राल धीरे-धीरे कठोर होने लगता है. जिसके कारण वह पित्ताशय में पथरी का रूप लें लेती है. पथरी जमने के कारण पित्त के प्रवाह में बाधा उतपन्न होने लगती है. इसके अलावा अनेक बार गर्भावस्था, मोटापा, डाईबिटीज़, लीवर की बीमारी, सुस्त जीवन शैली, उच्च वसा युक्त आहार और एनीमिया आदि के कारण भी पथरी होने का भय बना रहता है.

पित्त की थैली की पथरी के लक्षण

  • तेज पेट में दर्द.
  • उलटी करने का मन.
  • उलटी होना.
  • पसीना आना.
  • पीलिया.
  • गैस बनना.
  • भूख कम लगना.
  • खून की कमी.

पित्त कि पथरी के लिए घरेलू उपचार 

हल्दी का प्रयोग

हल्दी में एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेट्री (प्रदाहनाशक) गुण पाये जाते हैं. यह पित्त, पित्त यौगिकों और पथरी को आसानी से गलाने में हमारी मदद करती है. रोजाना एक चम्मच हल्दी के सेवन से करीब 80 प्रतिशत पथरी को कम किया जा सकता है.

चुकंदर, नाशपाती और सेब का रस

चुकंदर, नाशपाती और सेब का रस पथरी गलाने में हमारी मदद करता है. इन सभी के जूस का सेवन करने से लीवर स्वस्थ रहता है तथा पथरी को कम किया जा सकता है. इन तीनो के जूस का रोजाना सेवन करें.

पुदीना का प्रयोग

पुदीने का सेवन हमारे शरीर के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है. पुदीना पित्त तथा अन्य पाचक रसों के प्रवाह को उत्तेजित करने का काम करता है. पुदीने में टेरपिन नामक एक यौगिक मौजूद होता है. जो पथरी को गलाने में हमारी मदद करता है. रोजाना पुदीने का सेवन करना हमारे शरीर के लिए लाभदायक है.

विटामिन सी का सेवन

विटामिन सी के सेवन से शरीर में मौजूद कोलेस्ट्राल को पित्त अम्ल में परिवर्तित होती है. जिसके कारण पथरी गलने लगती है. संतरा, टमाटर, निम्बू में भरपूर मात्रा में विटामिन सी मौजूद होता है. जो पथरी के दर्द से निजात दिलाने में हमारी मदद करता है.

नाशपाती का सेवन

नाशपाती में पेक्टिन नामक एक योगिक पाया जाता है. जिसके कारण कोलेस्ट्राल से बनी पथरी को नरम बनाया जा सकता है तथा पथरी आसानी से बाहर निकल जाती है. पथरी में होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है. नाशपाती का सेवन करने से कुछ समय बाद ही पथरी की समस्या से छुटकारा मिलने लगता है.

लाल शिमला मिर्च का सेवन

रोजाना शिमला मिर्च का सेवन करें. इससे शरीर में जमा हुयी पथरी को आसानी से कम किया जा सकता है. इसलिए रोजाना अपने आहार में शिमला लाल मिर्च को शामिल करें. इससे पथरी गलने लगती है.