ज्येष्ठ अधिका पूर्णिमा व्रत 2018 पूजा विधि मुहूर्त Purnima Vrat

ज्येष्ठ अधिका पूर्णिमा व्रत पूजा Jyestha Adhika Purnima Vrat 29 May –

ज्येष्ठ अधिका पूर्णिमा व्रतज्येष्ठ माह में आने वाली ज्येष्ठ अधिका पूर्णिमा व्रत बहुत ही पावन मानी गयी है. इसे ज्येष्ठा अधिका पूर्णिमा भी कहा जाता है. साल 2018 में पूर्णिमा का यह व्रत अधिकमास में 29 मई मंगलवार के दिन मनाया जाएगा. अधिकमास में आने के कारण इस व्रत को प्रभावशाली माना गया है शास्त्रों की माने तो अधिकमास में आने के कारण पूर्णिमा के पावन अवसर पर स्नान दान का बहुत अधिक महत्त्व है। मान्यता है कि जो भी इस दिन गंगा स्नान करता है और पूजा-अर्चना के बाद दान-दक्षिणा देता है तोउसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है. आज हम आपको अधिकमास में पड़ने वाली अधिका पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त पूजा विधि और इस व्रत के महत्व के बारे में बताएँगे.

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ज्येष्ठ अधिका पूर्णिमा व्रत शुभ मुहूर्त Jyestha Vrat Purnima Shubh Muhurt-

वट पूर्णिमा व्रत 29 मई 2018 मंगलवार को है। पूर्णिमा तिथि सोमवार 28 मई को शाम 8.40 मिनट से शुरू हो जायेगी और 29 मई मगलवार को शाम 7 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। इसीलिए पूर्णिमा का यह व्रत 29 मई मंगलवार के दिन मनाया जाएगा.

ज्येष्ठ अधिका पूर्णिमा का महत्त्व Adhika Purnima Importance –

यह पूर्णिमा बेहद ही ख़ास मानी गयी है मान्यता है की आज ही के दिन गंगाजल लेकर भगवान् अमरनाथ की यात्रा की शुरुआत की जाती है कई जगहों पर ज्येष्ठ मास में पढ़ने वाली इस पूर्णिमा को वट पूर्णिमा व्रत के रूप में भी मनाया जाता है स्नान दान के लिए भी यह पूर्णिमा बहुत ही शुभ मानी गयी है. शास्त्रों में ऐसी मान्यता है की ज्येष्ठ के महीने में सूर्य देव अपने रौद्र रूप में होते हैं अर्थात इस समय गर्मी अपने चरम पर होती है.

पूर्णिमा व्रत पूजन विधि Purnima Vrat Worship Date Time –

जेष्ठ माह की पूर्णिमा के व्रत की पूजा भी अन्य पूर्णिमा व्रत की तरह ही करने का विधान है प्रातः स्नानादि से निवृत होकर व्रत का संकल्प लेकर भगवान् की पूजा अर्चना करनी चाहिए. व्रत के बाद ब्राह्मण अथवा जरूरतमंदों को श्रद्धानुसार दान-दक्षिणा देने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है इस दिन गुड़ चने का प्रसाद वितरण करने का महत्व भी बहुत अधिक है।