चाणक्य के प्रेरणादायक सुविचार Chanakya Thoughts and Quotes

चाणक्य के अनमोल ज्ञानवर्धक विचार Best Thoughts of Chanakya

चाणक्य का जन्म आज से लगभग 2400 साल पहले हुआ था. आचार्य चाणक्य नालंदा विशवविधालय के महान आचार्य थे. आचार्य चाणक्य ने ‘चाणक्य नीति’ ग्रन्थ बनाया था. वह ग्रन्थ आज भी उतना भी प्रचलित है जितना उस कल में हुआ करता था. ‘चाणक्य नीति’ में 17 अध्याय हैं. आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति के अलावा कई ऐसे अनमोल विचार भी कहे थे जिनसे व्यक्ति को बहुत ही अच्छी सिख मिलती है.

विचार (Quotes) 1. कठिन समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए।

विचार (Quotes) 2. विचार अथवा मंत्रणा को गुप्त न रखने पर कार्य नष्ट हो जाता है।

विचार (Quotes) 3. शक्तिशाली राजा लाभ को प्राप्त करने का प्रयत्न करता है।

विचार (Quotes) 4. धर्म का आधार अर्थ अर्थात धन है।

विचार (Quotes) 5. योग्य सहायकों के बिना निर्णय करना बड़ा कठिन होता है।

विचार (Quotes) 6. अर्थ का आधार राज्य है।

विचार (Quotes) 7. प्रकर्ति का कोप सभी कोपों से बड़ा होता है।

विचार (Quotes) 8. ज्ञानी और छल-कपट से रहित शुद्ध मन वाले व्यक्ति को ही मंत्री बनाए।

विचार (Quotes) 9. मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।

विचार (Quotes) 10. सभी मार्गों से मंत्रणा की रक्षा करनी चाहिए।

विचार (Quotes) 11. अविनीत व्यक्ति को स्नेही होने पर भी मंत्रणा में नहीं रखना चाहिए।

विचार (Quotes) 12. दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती। अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।

विचार (Quotes) 13. राज्य का आधार अपनी इन्द्रियों पर विजय पाना है।

विचार (Quotes) 14. वृद्ध सेवा अर्थात ज्ञानियों की सेवा से ही ज्ञान प्राप्त होता है।

विचार (Quotes) 15. आत्मविजयी सभी प्रकार की संपत्ति एकत्र करने में समर्थ होता है।

विचार (Quotes) 16. लापरवाही अथवा आलस्य से भेद खुल जाता है।

विचार (Quotes) 17. कल का कार्य आज ही कर ले।

विचार (Quotes) 18. सुख का आधार धर्म है।

विचार (Quotes) 19. प्रकृति (सहज) रूप से प्रजा के संपन्न होने से नेताविहीन राज्य भी संचालित होता रहता है।

विचार (Quotes) 20. शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।

विचार (Quotes) 21. वृद्धजन की सेवा ही विनय का आधार है।

विचार (Quotes) 22. जहां लक्ष्मी (धन) का निवास होता है, वहां सहज ही सुख-सम्पदा आ जुड़ती है।

विचार (Quotes) 23. ज्ञान से राजा अपनी आत्मा का परिष्कार करता है, सम्पादन करता है।

विचार (Quotes) 24. शासक को स्वयं योगय बनकर योगय प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए।

विचार (Quotes) 25. एक अकेला पहिया नहीं चला करता।

विचार (Quotes) 26. सुख और दुःख में सामान रूप से सहायक होना चाहिए।

विचार (Quotes) 27. स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों कोसम्मुख रखकर दुबारा उन पर विचार करे।

विचार (Quotes) 28. सुख और दुःख में समान रूप से सहायक होना चाहिए।

विचार (Quotes) 29. अविनीत व्यक्ति को स्नेही होने पर भी अपनी मंत्रणा में नहीं रखना चाहिए।

विचार (Quotes) 30. स्वाभिमानी व्यक्ति प्रतिकूल विचारों को सम्मुख रखकर दोबारा उन पर विचार करे।

विचार (Quotes) 31. समस्त कार्य पूर्व मंत्रणा से करने चाहिए।

विचार (Quotes) 32. मंत्रणा रूप आँखों से शत्रु के छिद्रों अर्थात उसकी कमजोरियों को देखा-परखा जाता है।

विचार (Quotes) 33. मन्त्रणा की सम्पति से ही राज्य का विकास होता है।

विचार (Quotes) 34. मंत्रणा की गोपनीयता को सर्वोत्तम माना गया है।

विचार (Quotes) 35. भविष्य के अन्धकार में छिपे कार्य के लिए श्रेष्ठ मंत्रणा दीपक के समान प्रकाश देने वाली है।

विचार (Quotes) 36. राजा, गुप्तचर और मंत्री तीनो का एक मत होना किसी भी मंत्रणा की सफलता है।

विचार (Quotes) 37. मंत्रणा के समय कर्त्तव्य पालन में कभी ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए।

विचार (Quotes) 38. छः कानो में पड़ने से (तीसरे व्यक्ति को पता पड़ने से) मंत्रणा का भेद खुल जाता है।

विचार (Quotes) 39. कार्य-अकार्य के तत्वदर्शी ही मंत्री होने चाहिए।

विचार (Quotes) 40. अप्राप्त लाभ आदि राज्यतंत्र के चार आधार है।

विचार (Quotes) 41. आलसी राजा की प्रशंसा उसके सेवक भी नहीं करते।

विचार (Quotes) 42. आलसी राजा अपने विवेक की रक्षा  नहीं कर सकता।

विचार (Quotes) 43. आलसी राजा प्राप्त वास्तु की रक्षा करने में असमर्थ होता है।

विचार (Quotes) 44. आलसी राजा अप्राप्त लाभ को प्राप्त नहीं करता।

विचार (Quotes) 45. समय को समझने वाला कार्य सिद्ध करता है।

विचार (Quotes) 46. ज्ञान अर्थात अपने अनुभव और अनुमान के द्वारा कार्य की परीक्षा करें।

विचार (Quotes) 47. मनुष्य के कार्ये में आई विपति को कुशलता से ठीक करना चाहिए।

विचार (Quotes) 48. जो अपने कर्तव्यों से बचते है, वे अपने आश्रितों परिजनों का भरण-पोषण नहीं कर पाते।

विचार (Quotes) 49. कोमल स्वभाव वाला व्यक्ति अपने आश्रितों से भी अपमानित होता है।