गुर्दे की पथरी का इलाज Kidney Stone Sign and home remedy

किडनी (गुर्दे) की पथरी के रामबाण घरेलू उपचार एवं नुस्खे

pathari ka gharelu ilaj upcharnuskheकिडनी की पथरी मूत्रतंत्र की एक ऐसी समस्या है जिसमें गुर्दे के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर सदृश कठोर वस्तु का निर्माण होता है. जिसे हम पथरी के रूप में जानते हैं. किडनी की पथरी का रोग होने पर व्यक्ति को बहुत ही दर्द होता है. इस रोग के होने के कारण रोगी को अचानक से पेट में दर्द होने लगता है. आमतौर पर पथरी शरीर में कैल्श्यिम की मात्रा बढ़ने के कारण हो जाती है. जब शरीर में जमा यह कैल्श्यिम गाढ़ा हो जाता है.

तो इस स्थिति में पथरी बननी शुरू हो जाती है. पथरी का आकार अलग-अलग हो सकता है. कुछ पथरी रेत के दानों की तरह बहुत हीं छोटे आकार के होते हैं तो कुछ बहुत हीं बड़े. पथरी होने पर छोटे-छोटे पत्थर जैसी कठोर वस्तुएं बन जाती हैं. आमतौर पर यह ये पथरियां यूरीन के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाती है. यह रोग होने पर उल्टी आना, पेशाब का रूक-रूक कर आना, मूत्र में खून आना, मूत्र मार्ग में तेज दर्द होना आदि समस्याएं होने लगती हैं. इन समस्याओं से निपटने के लिए आप कुछ आसान घरेलु  उपायों की मदद लें सकते हैं जो काफी हद तक पथरी की समस्या से निपटने में हमारी मदद करते हैं.

गुर्दे की पथरी के लक्षण

  • आमतौर पर गुर्दे की पथरी के अधिकतर रोगी को पीठ से पेट की तरफ काफी दर्द होता है.
  • गुर्दे की पथरी वाले रोगों को अनेक बार उलटी तथा जी मिचलाने की समस्या होने लगती है.
  • कभी-कभी गुर्दे की पथरी का दर्द बाजू, श्रोणि, उरू मूल, गुप्तांगो तक होने लगता है. इस रोग में दर्द कुछ देर रहता है तथा कभी-कभी यह दर्द कुछ घण्टो तक भी बना रहता है.
  • इस रोग के रोगी को पीठ के निचले हिस्से में अथवा पेट के निचले भाग में अचानक बहुत तेज दर्द होने लगता है.
  • कभी-कभी इसका दर्द होने पर व्यक्ति को बुखार, कंपकंपी, पसीना आना, पेशाब आने के साथ-साथ दर्द होना आदि होने लगता है.
  • यदि मूत्रवाहक नली की पथरी में दर्द होता है तो यह दर्द पीठ के निचले हिस्से से उठकर जांघों की ओर जाता है.

गुर्दे की पथरी होने के कारण

  • रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन न करना.
  • मूत्र मार्ग में संक्रमण होने की वजह से.
  • गलत-खानपान की वजह से.

गुर्दे की पथरी के घरेलु उपाय

नारियल पानी का सेवन

किडनी को स्वस्थ रखने के लिए नारियल पानी बहुत ही सेहतमंद माना जाता है. नारियल का पानी किडनी की पथरी को गलाता है. रोजाना सुबह नारियल पानी का सेवन करें.

हरी इलाइची का सेवन

हरी इलाइची किडनी की पथरी को कम करने में काफी सहायक होती है. इसके सेवन के लिए हरी इलायची, खरबूजे के बीज की गिरी और मिश्री को पानी में मिलाकर पीना चाहिए. इस विधि के प्रयोग से धीरे-धीरे पथरी कम होने लगती है.

जामुन का उपयोग

जामुन का सेवन भी पथरी को कम करने में काफी सहायक होता है. यह डाइबिटीज समेत पथरी की समस्या का भी रामबाण उपाय माना जाता है. इसका सेवन अधिक मात्रा में करें. इससे पथरी कम होने लगती है.

आंवला का प्रयोग

आंवला को अनेक समस्याओं का समाधान माना जाता है. इसमें अनेक प्रकार के औषधीय गुण पाये जाते हैं. यह किडनी की पथरी को गलाने में काफी मददगार होता है. आंवले का चूर्ण बना के मूली के साथ खाने से गुर्दे की पथरी गलने लगती है.

जीरा है फायदेमंद

जीरा हर रसोई घर में आसानी से मिलने वाला तत्व है. इसमें अनेक प्रकार के औषधीय गुण मौजूद होते हैं. पथरी होने में थोड़ा जीरा लेकर इसमें थोड़ा चीनी डाले और इसे पीस लें. अब इस मिश्रण को ठंडे पानी के साथ पिए. इससे किडनी की पथरी गलने लगती है.

सहजन का उपयोग

सहजन में प्रचुर मात्रा में एंटीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं. यह सब्जी चिकनपॉक्स, मिजल्स समेत कई तरह की वाइरल बीमारियों से बचाने में हमारी मदद करती है. इसके नियमित सेवन से किडनी की पथरी गलने लगती है.

करेला भी है सेहतमंद

अधिकतर लोग करेले की सब्जी खाना पसंद नहीं करते लेकिन करेले के सेवन से अनेक रोगों का इलाज सम्भव है. इसमें मैग्‍नीशियम और फॉस्‍फोरस जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं. जो गुर्दे में पथरी बनने से रोकते हैं.