गुरु पूर्णिमा पर्व पर चंद्रग्रहण पूजा शुभ मुहूर्त Guru Purnima Festival 2018

गुरु पूर्णिमा पर्व 2018 Guru Purnima Chandra Grahan Astrology

गुरु पूर्णिमा पर्व साल 2018 में गुरु पूर्णिमा पर्व 27 जुलाई 2018 को मनाया जाएगा इस दिन गुरु पूजा की जाती है और इसी दिन साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है इससे पहले 31 जनवरी, 2018 को साल का पहला चंद्रग्रहण लगा था. बताया जा रहा है की ये साल का सबसे लंबा ग्रहण होगा। जो लगभग 1 घंटा 45 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष और विज्ञान की माने तो इस ग्रहणकाल के समय चंद्रमा का रंग बदलकर लाल और भूरे रंग का हो जाएगा।आज हम आपको बताने जा रहे है गुरु पूर्णिमा पर लग रहे चंद्र ग्रहण के दौरान पूजा का शुभ समय मुहूर्त और इसके महत्व के बारे में.

गुरु पूर्णिमा पर्व चन्द्रग्रहण का समय Chandra Grahan Date Time Astrology

चन्द्रग्रहण शुक्रवार 27 जुलाई की रात को 11 बजकर 54 मिनट से शुरू होगा और अगले दिन सुबह के 3 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगा। इस चंद्रग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 55 मिनट तक की होगी. ग्रहण का सूतक काल 27 जुलाई शुक्रवार दोपहर 2 बजकर 54 मिनट से ही लग जाएगा।

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चन्द्रग्रहण के दौरान गुरु पूर्णिमा पूजा का शुभ समय Guru Purnima Date Time Of Worship

इस बार गुरु पूर्णिमा पर्व भी 27 जुलाई शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा अर्थात चंद्रग्रहण और गुरुपूर्णिमा पर्व एक ही दिन होंगे ज्योतिषशास्त्र की माने तो कहा जा रहा है की इस बार गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण होने के कारण गुरु पूर्णिमा पर्व की पूजा ग्रहण के सूतक काल शुरू होने से पहले ही कर ली जायेगी. वैसे तो सूतक काल लगने के कारण कोई भी शुभ कार्य और पूजा वर्जित मानी जाती है क्योकि अशुभ समय में शुभ कार्य और पूजा का कोई फल नहीं मिलता है लेकिन ग्रहण के शुरु होने से पहले गुरु पूर्णिमा की पूजा की जा सकेगी.

गुरु पूर्णिमा पर्व का महत्व Importance Of Guru Purnima Festival

हम सभी के जीवन में गुरु और शिक्षक का बहुत अधिक महत्व होता है शास्त्रों की माने तो कहा जाता है की हमें गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धाभाव से मनाना चाहिए. कहते है की इस दिन अपने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करना बहुत ही कल्याणकारी और ज्ञानवर्द्धक साबित होता है. गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजन के बाद गुरु का आशीर्वाद लेना चाहिए. गुरु पूर्णिमा पर लगने वाले चंद्रग्रहण पर दान और पुण्य का भी बहुत अधिक महत्व है पूर्णिमा के दिन यदि सूतक लगने से पहले गुरु पूजन कर दानकर लिया जाय तो ये बेहद ही शुभ फल देने वाला होगा.