खर्राटे आना नीद में खर्राटे रोकने के उपाय Stop Snoring Tips

खर्राटों से छुटकारा पाये अब इन आसान उपायों द्वारा


kharate rokne ke upay upcharnuskheकई बार अनेक लोगो को आपने देखा होगा रात को सोते समय वे जोर-जोर से खर्राटे लेते हैं, जिसके कारण दूसरे इंसान की नीद भी डिस्टर्ब हो जाती है. खर्राटे से कई लोग परेशान होते हैं। हमारी सांस की नली और नाक में किसी भी किस्म की रुकावट के कारण सोते समय खर्राटे पैदा होते हैं. यह समस्या वायुमार्ग के पास अतिरिक्त टिश्यू जमा हो जाने के कारण होती है.

इससे वायुमार्ग से जुड़ी मांसपेशियां ढीली पड़ने लगाती हैं. जिससे वायु के प्रवाह में रुकावट आती है और व्यक्ति सामान्य रूप सांस नहीं ले पाता जिसके कारण खर्राटे की समस्या होने लगाती है.

आमतौर पर मोटापे या हाइपोथाइरॉइडिज्म से ग्रस्त लोगों में खर्राटे अधिक आते हैं.अधिकतर वही व्यक्ति खर्राटे लेते हैं जिन्हें एलर्जी, नाक की सूजन, जीभ मोटी होना और रात को अधिक भोजन कर लेते हैं.

खर्राटे आने के प्रमुख कारण

अक्सर पुरुषों की सांस लेने की नली महिलाओं की नली से पतली होती है इसलिये पुरुषों को अधिक खर्राटे आते हैं.

नाक की खराबी – साइनस की समस्याएं, एलर्जी, नाक की सूजन आदि होने के कारण भी यह समस्या होने लगती है. अवरुद्ध वायुमार्ग साँस लेने में मुश्किल पैदा करती है जिससे गले में वैक्‍यूम बनता है और खर्राटे जैसी समस्याएं होने लगती हैं.

मोटापा – अधिक वजन होने के कारण भी यह समस्या हो जाती है. इसके अलावा खराब मांसपेशियां भी खर्राटे पैदा करने की समस्‍या उतपन्न करते हैं.

सोने का तरीका – सोते समय गले का पीछे वाला हिस्सा थोड़ा संकरा हो जाता है. जिसके कारण ऑक्सीजन जब संकरी जगह से अंदर जाती है तो आस-पास के टिशु वायब्रेट होते हैं. जिससे खर्राटे आने लगते हैं.

सर्दी – सर्दी लगने पर नाक बंद हो जाती है. जिसके कारण हम एलर्जी रोधक दवाइयां का सेवन करते है जिनसे श्वसन मार्ग की मांसपेशिया सुस्त हो जाती हैं. जिसके कारण खर्राटे आने लग सकते हैं।

खर्राटों से बचने के घरेलू उपचार

पुदीने का तेल

पुदीने में कई ऐसे पोष्टिक तत्व पाये जाते हैं. जो गले और नासाछिद्रों की सूजन को कम करने में सहायक होते हैं. जिसके कारण सांस लेने में कोई प्रॉब्लम नहीं होती. रात सोने से पहले पिपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदों को पानी में डालकर उससे गरारे कर लें. इसका प्रयोग कुछ दिनों तक करने से इस समय से छुटकारा मिलने लगेगा.

हल्दी का इस्तेमाल

हल्दी में एंटी-सेप्ट‍िक और एंटी-बायोटिक गुण मौजूद होते हैं. इसके इस्तेमाल से नासा-द्वार स्वच्छ हो जाता है जिससे सांस लेना मुश्किल नहीं होता. रोज रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीने से फायदा होता है.

लहसुन का प्रयोग

साइनस की प्रोबलम में लहसुन का उपयोग बहुत लाभदायक होता है. लहसुन में हीलिंग-क्वालिटी होती है. ये ब्लॉकेज साफ करने के साथ ही श्वसन-तंत्र को भी बेहतर बनने में मदद करती है. अच्छी नींद के लिए लहसुन का इस्तेमाल बहुत लाभदायक होता है.

ऑलिव ऑयल का प्रयोग

ऑलिव ऑयल खर्राटे कम करने के लिए बहुत अच्छा घरेलू उपाय है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं. जो श्वसन तंत्र की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने में हमारी मदद करता है.

इलायची का प्रयोग

श्वसन तंत्र को खोलने के लिए इलायची फायदेमंद होती है. इससे सांस लेने की प्रक्रिया अच्छी होती है. सोने से पहले इलायची के कुछ दानों को गुनगुने पानी के साथ मिलाकर पीने से खर्राटे की समस्या में राहत मिलती है.

अपना सिर उठा कर सोए

सोते समय आप सिर के नीचे तकिया पर रख कर सोए और मन को शांत रख कर सोए जिससे हम खर्राटे आने कम सकते हैं.

इन्हें अपना कर देखें खर्राटे कम होंगे

  • अपना बढ़ता हुआ वजन कम करें तथा सक्रिय रहें।
  • सोने से तुरंत पहले भारी भोजन ना करें. पीठ के बल या सीधे लेटने की बजाय करवट लेकर सोएं।
  • रात में सोने और सुबह उठने का एक समय बना लें.
  • आहार में तरल पदार्थों का सेवन अधिक से अधिक करें।
  • कमरे में पर्याप्त मात्रा में नमी रखें. सूखी हवाएं नाक व गले की मांसपेशियों में जलन करती हैं।
  • सोते समय हमेशा सिर के नीचे तकिया लगाकर सोये.
  • यदि गले में खराश हो रही हो तो नमक के पानी से गरारे करें।
  • नाक बंद रहती है तो नेजल स्प्रे इस्तेमाल करें.