इन पांच लोगो को कभी ना बनाये अतिथि मेहमान 5 people Should Not Be Guest

भूलकर भी ना बनाये इन पांच को मेहमान Should Not Be Guest these 5 People

हिन्दू धर्म में मेहमान को भगवान के समान माना जाता है.  इसलिए हमारे समाज में स्तिथि का बहुत ही आदर सत्कार किया जाता है. इसके अलावा हिन्दू धर्म में कोई भूले-भटके हमारे घर आ जाए तो उसे भी मेहमान ही समझना चाहिए और यथासंभव उसका सत्कार करना चाहिए।

लेकिन मनु स्मृति में बताया गया है की कुछ लोगों को मेहमान नहीं बनाना चाहिए. आज हम आपको बताएंगे की वे कौन से लोग हैं जिन्हें मेहमान बनाने से हमे नुकसान हो सकता है.

पाखंडी

जिन लोगों में अपने मूल स्वभाव को छुपाने तथा खुद को सज्जन दिखाने की प्रकृति हो ऐसे लोगों को पाखंडी माना जाता है। कहा जाता है की ऐसे लोग अपने निजी हितों के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और अपने परिवार, मित्र, हितैशी आदि का भी नुकसान कर सकते हैं। मनु स्मृति में बताया गया है की ऐसे लोगों को कभी भी अतिथि ना बनाये.

दुष्ट कर्म करने वाला

जो लोग दुसरो की चीजो की लूट-पाट, डकैती, चोरी आदि प्रकार के कार्य करते हैं तथा बलपूर्वक लोगों की संपत्ति पर अधिकार करते हैं, ऐसे लोगों को भी अतिथि नहीं बनाना चाहिए। ये लोग अतिथि बनकर व्यक्ति की सम्पत्ति को नुकसान पंहुचा सकते हैं. इसलिए दुष्ट कर्म करने वाले लोगों को कभी अतिथि ना बनाये.

दूसरों को मूर्ख बनाकर उनका धन लूटने वाला

जो लोग दुसरो को अपनी बातो में बहला फुसला कर उनका धन हासिल करते हैं ऐसे लोगों को कभी भी मेहमान ना बनाये. ऐसे लोग कभी भी आपको नुकसान पंहुचा सकते हैं साथ ही आपको भी बहला-फुसलाकर अपना हित साध सकते हैं। इसलिए मनु स्मृति में कहा गया है की दूसरों को मूर्ख बनाकर उनका धन लूटने वालों को कभी अतिथि नहीं बनाना चाहिए।

दूसरों को दुख पहुंचाने वाला

दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें दुसरो में दुःख देखकर बहुत ही आनंद मिलता है ऐसे लोग आपको किसी न किसी बात के द्वारा दुखी कर सकते हैं. ऐसे व्यक्ति को अगर घर पर अतिथि बनाकर बुलाया जाए तो निश्चित रूप से ये आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को दुख पहुंचाने की कोशिश करेंगे. इसलिए कभी भी दूसरों को दुख पहुंचाने वाले व्यक्ति को अतिथि ना बनाये.

वेदों में श्रद्धा न रखने वाला

जिस व्यक्ति को भगवान में श्रद्धा ना हो या वह व्यक्ति नास्तिक हो तो ऐसे व्यक्ति के लिए भी कहा जाता है की उन्हें अतिथि नहीं बनाना चाहिए. इन्हें सामाजिक व पारिवारिक मूल्यों का ज्ञान नहीं होता। इसलिए ये लोग समय की नजाकत को नहीं समझते और कही भी कुछ भी बोल देते हैं या कोई ऐसा कार्य करते हैं जिससे आपको परेशानी हो सकती है.