Adhikmas Malmas 15 मई 2018 अधिक मास पुरुषोत्तम मास का महत्व

अधिकमास क्या करें क्या ना करें What To Do On Adhik Maas –

Adhikmas Malmasसाल 2018 का अधिक मास Adhikmas Malmas बहुत ही खास है क्योंकि इस अधिक मास पर एक खास संयोग बन रहा है ये अधिक मास 19 सालों के बाद आ रहा है. इससे पहले अधिकमास का यह खास संयोग 1996 में बना था। 2018 में यह मास 16 मई से शुरू होकर 13 जून तक रहेगा. अधिकमास Adhikmas Malmas हर तीसरे साल में आता है अधिक मास को मलमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है की जहाँ इस महीने में किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते है. वही इस महीने धार्मिक अनुष्ठान कथा आदि के लिए यह महीना बहुत ही पवित्र होता है. आज हम आपको बताएँगे की अधिक मास में कौन- कौन से कार्य किये जा सकते है और किन कामो को करने से बचना चाहिए.

अधिकमास का महत्व Importance of Adhikmas Malmas-

शास्त्रों में अधिक मास अर्थात मलमास Adhikmas Malmas का बहुत अधिक महत्व है. यह महीना भगवान श्रीकृष्ण या विष्णु भगवान की पूजा आराधना करने के लिए विशेष माना गया है. इस महीने पूजन, मंत्र-जाप एवं हवन आदि करना चाहिए। कहते है की इस दौरान भूमि पर सोना चाहिए। और हो सके तो एक समय सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए। वही जब अधिक मास खत्म होता है तब स्नान, दान, का भी बहुत अधिक महत्व है. जो  लोग इस माह में व्रत रखते है उन्हें व्रत का उद्यापन करके श्रद्धा पूर्वक ब्राह्मणों को भोजन कराने नाद दक्षिणा देनी चाहिए.

अधिक मास में क्या नहीं करें What Do Not In Mal Maas  

इस महीने में शुभ कार्य जैसे- शादी,  मुंडन, नव वधु प्रवेश, यज्ञोपवीत संस्कार, नए वस्त्र, नए वाहन खरीदना, नामकरण संस्कार आदि सभी शुभ कार्य वर्जित माने जाते है. शास्त्रों में इस महीने का महत्व बहुत अधिक बताया गया है इस महीने दान पुण्य करने के विशेष लाभ प्राप्त होते है.

अधिक मास में क्या करना चाहिए What to Do on Purushotam Mass –

  • अधिकमास यानि की पुरुषोतम Adhikmas Malmas शुरू होने के दिन प्रात: काल स्नानादि से निवृत्त होकर सूर्य भगवान को पुष्प, चंदन और जल का अर्घ्य देकर पूजा करनी चाहिए.
  • इस मास में शुद्ध घी के मालपुए बनाकर दक्षिणा और सामर्थ्य अनुसार दान करना चाहिए.
  • अधिक मास में व्रत रखना चाहिए और तीर्थ स्थलों में जाकर स्नान आधी करना चाहिए.
  • इस महीने संभव होतो भागवत पुराण, विष्णु यज्ञ आदि करना चाहिए और शामिल होना चाहिए.