नवरात्री नौ दिन पूजा विधि शुभ मुहूर्त Navratri 2017 how to worship

नवरात्रि पूजा कैसे करे और शुभ मुहूर्त क्या है how to worship Navratri vrat

हिन्दू धर्म में नवरात्र को बहुत ही महत्व दिया जाता है. इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ रूपो की पूजा की जाती हैं माँ दुर्गा को आदि शक्ति भी कहा जाता है. नवरात्रि के दौरान मां के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। वैसे तो एक वर्ष में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ के महीनों में कुल मिलाकर चार बार नवरात्र आते हैं

लेकिन चैत्र और आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक पड़ने वाले नवरात्र काफी लोकप्रिय हैं। आज हम आपको बताएंगे नवरात्र में माँ दुर्गा की पूजा कैसे करें.

चैत्र नवरात्र 2017 (Chaitra Navratri 2017 in Hindi)

मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्रि मां के नौ अलग-अलग रुप हैं। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। इसके बाद लगातार नौ दिनों तक मां की पूजा व उपवास किया जाता है। दसवें दिन कन्या पूजन के पश्चात उपवास खोला जाता है।

नवरात्रि 2017 तिथि

28 मार्च 2017 – नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 08 बजकर 26 मिनट से लेकर 10 बजकर 24 मिनट तक है तथा इस दिन माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है।

29 मार्च 2017 – नवरात्रि के दूसरे दिन के माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है।

30 मार्च 2017 – नवरात्रि के तीसरे दिन के माँ चन्द्रघंटा की पूजा आराधना की जाती है.

31 मार्च 2017 – नवरात्री के चौथे दिन माँ कूष्मांडा जी की पूजा आराधना की जाती है.

1 अप्रैल 2017 – नवरात्री के पांचवें दिन माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है।

2 अप्रैल 2017 – नवरात्री के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा आराधना की जाती है.

3 अप्रैल 2017 – नवरात्री के सातवे दिन माँ कालरात्रि की पूजा आराधना की जाती है.

04 अप्रैल 2017 – नवरात्री के आंठवे दिन माँ महागौरी की पूजा की जाती है। इसके अलावा इस कन्या पूजन का विधान भी है.

05 अप्रैल 2017 – नवरात्रि के नवे यानि अंतिम दिन माँ सिद्धदात्री स्वरूप का पूजन किया जाता है। सिद्धिदात्री की पूजा से नवरात्र में नवदुर्गा पूजा का अनुष्ठान पूर्ण हो जाता है।