थायरॉइड को रोकने के घरेलू उपाय
Thayried ko rokne ke gharelu upay
अदरक में पाया जाने वाला पोटैशियम तथा मेग्नीशियम थाइरॉइड की समस्या से निजात दिलाने में सहायक होते है. इसमें मौजूद इंफ्लेमेटरी गुण थाइरॉइड को बढ़ने से रोकता है. अतः थाइरॉइड के रोगियों को प्रतिदिन किसी न किसी रूप में अदरक का सेवन अवश्य करना चाहिए.
थायराइड होने के कारण
थायराइड एक ऐसी समस्या है जो आजकल एक गंभीर समस्या के रूप में देखने को मिलती हैं. थायराइड मनुष्य के शरीर मे पाए जाने वाले एंडोक्राइन ग्लैंड में से एक होता है. थायरायड ग्रंथि गर्दन में श्वास नली के ऊपर एवं स्वर यन्त्र के दोनों ओर दो भागों में बनी होती है. इसका आकार तितली जैसा होता है. यह ग्रंथि आपके शरीर के मेटाबॉल्जिम को नियंत्रण करती है. यानी जो भोजन हम खाते हैं यह उसे उर्जा में बदलने का काम करती है.
जिस व्यक्ति को यह रोग होता हैं उसका वजन धीरे-धीरे कम होने लगता है, शरीर में अधिक कमजोरी मेहसूस होने लगती है, गर्मी सहन नहीं होती है, शरीर से अधिक पसीना आने लगता है, अंगुलियों में कंपकपी होने लगती है साथ ही घबराहट भी होने लगती है तथा थायराइड रोग के कारण रोगी का हृदय बढ़ जाता है, याददाश्त भी कमजोर होने लगती है, भूख नहीं लगती है तथा उच्च रक्तचाप का रोग हो जाता है. इस रोग के कारण रोगी के बाल भी झड़ने लगते है. इन सभी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए हम अनेक प्रकार के उपाय अपनाते हैं जैसे बाजार में मिलने वाली दवाइयों आदि. थायराइड रोग को दूर करने के लिए हम कुछ आसान घरेलू उपाय अपना सकते हैं.
थायराइड के प्रकार
हाइपोथायराइड
हाइपोथायराइड में थायराइड ग्लैंड सक्रिय नहीं हो पता जिसके कारण हमारे शरीर की आवशयकता के अनुसार टी.थ्री व टी. फोर हार्मोन पहुंच नहीं पाता है। ऐसी स्थिति में शरीर का वजन अचानक बढ़ने लगता है. जिसके कारण अनेक प्रकार के विकार उतपन्न हो जाते हैं. अधिकतर मामलों में हाइपोथायरायडिज्म शुरू में थायरॉयड की समस्या के रूप में नहीं उभरता है बल्कि इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी के कारण इसकी शुरुआत होती है परन्तु अधिकतर डॉक्टर एंटी बॉडी टेस्ट नहीं करते हैं जिससे ऑटो इम्युनिटी दिखाई देती है.
हाइपोथायराइड के लक्षण
- थकावट होना
- विस्मृति होना
- डिप्रेशन में आ जाना
- कठिनाई (कब्ज)
- बुखार आना
- सूखी त्वचा होना
- तेजी से वजन बढ़ना
- बीमार, पतले बाल होना
हायपरथायराइड
हायपरथायराइड में थायराइड ग्लैंड अधिक सक्रिय होते हैं और टी. थ्री, टी. फोर हार्मोन अधिक मात्रा में निकलने लगता है जिसके कारण यह रक्त में घुलनशील हो जाता है। इस स्थिति में वजन अचानक कम हो जाता है। भूख में वृद्धि होती है. इस रोग के कारण व्यक्ति को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
हायपरथायराइड के लक्षण
- तेजी से वजन घटना
- अनैच्छिक कंपकंपी होना
- असामान्य रूप से तेजी से दिल की धड़कन बढ़ना
- दस्त होना
- अधिक थकावट होना
- अनिद्रा होना
- त्वचा पीली होना
- अनियमित मासिक धर्म
थायराइड होने के कारण
थायरायडिस – यह एक बढ़ा हुआ थायराइड ग्रंथि (घेंघा) है, जिसे हम घेंघा भी बोलते हैं. इसमें थायराइड हार्मोन बनाने की क्षमता कम होने लगती हैं.
सोया उत्पाद – रोजाना आहार में इसोफ्लावोन गहन सोया प्रोटीन, कैप्सूल, और पाउडर आदि का अधिक मात्रा में सेवन करने से भी थायराइड होने की सम्भावना होती है.
दवाएं – अनियमित तथा असहनीय दवाओं कव सेवन से कई बार दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव (साइड इफैक्टप) पड़ जाता है. जो थायराइड होने का लक्षण माना जाता है.
थायराइड को दूर करने के घरेलू इलाज
साबुत धनिये का उपयोग
एक गिलास पानी में 2 चम्मच साबुत धनिये को रात के समय में भिगोकर रख दें तथा सुबह के समय में इसे मसलकर उबाल लें. फिर जब पानी चौथाई भाग रह जाये तो खाली पेट इसे पी लें तथा गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करें. यह उपचार लगातार करने से थायरायड की समस्या से छुटकारा मिल सकता है.
दही और दूध का सेवन
जिन व्यक्तियों को थायराइड की समस्या होती है उन्हें दही और दूध का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए. दूध और दही में मौजूद कैल्शियम, मिनरल्स और विटामिन्स थायराइड से ग्रसित रोगियों को स्वस्थ बनाने में मदद करता है.
मुलेठी का सेवन
जिन व्यक्तियों को थायराइड की समस्या होती है उन्हें बहुत जल्दी थकान लगने लगती है और वे जल्दी ही थक जाते हैं। एैसे में मुलेठी का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है. मुलेठी में मौजूद तत्व थायराइड ग्रंथी को संतुलित बनाते हैं और थकान को उर्जा में बदल देते हैं और थायराइड की समस्या से निजात मिलती है.
फलों और सब्जियों का सेवन
थायराइड के रोगियों को फलों और सब्जियों का इस्तेमाल अधिक करना चाहिए. फल और सब्जियों में एंटीआक्सिडेंटस होता है. जो थायराइड को कभी बढ़ने नहीं देता है. सब्जियों में टमाटर, हरि मिर्च आदि का सेवन करें. इससे थायराइड की समस्या से छुटकारा मिलता है.
फलों का रस
थायराईड रोगों का उपचार करने के लिए रोगी व्यक्ति को कुछ दिनों तक फलों का रस (नारियल पानी, पत्तागोभी, अनानास, संतरा, सेब, गाजर, चकुन्दर, तथा अंगूर का रस) पीना चाहिए इससे थायराईड की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है.
थायराइड के उपचार के लिए एक्यूप्रेशर है फायदेमंद
एक्युप्रेशर थेरेपी के प्रतिबिम्ब बिंदु हाथों एवं पैरों दोनों के अंगूठे के बिलकुल नीचे ऊंचे उठे हुए भाग में स्थित होता हैं जिनके प्रयोग से थायरायड को कम किया जा सकता है. थायराइड अल्पस्राव की अवस्था में इन केन्द्रों बाएं से दायें प्रेशर देना चाहिए तथा अतिस्राव की स्थिति में प्रेशर दायें से बाएं देना चाहिए। इसके अलावा पिट्यूटरी ग्लैंड के भी प्रतिबिम्ब बिंदु पर भी प्रेशर दें. इससे थायराइड की समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है. इस विधि का प्रयोग एक से तीन मिनट तक प्रतिदिन दो बार करना चाहिए.
इस बात का रखें खास ख्याल
अपने आहार में आयोडीन वाला खाना, कैफीन , रेड मीट,वनस्पति घी, आदि खाद्य पदार्थो का सेवन ना करें. इन सभी खाद्य प्रार्थो के सेवन से थायराइड को बढ़ावा मिलता है. जिसके कारण हमें अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है.